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उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील स्थित बदियाकोट गांव में ऐतिहासिक मां आदिबद्री भगवती मंदिर में लगी आग ने सबको झकझोर दिया. नवरात्र के दौरान हुई इस घटना में मंदिर का मुख्य लकड़ी का ढांचा और सदियों पुरानी काष्ठ नक्काशी जलकर राख हो गई. मंदिर को भारी नुकसान पहुंचने से ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में गहरा दुख है. आग की भयावह तस्वीरें सामने आने के बाद हर कोई इस धार्मिक धरोहर को हुए नुकसान से भावुक है.
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील स्थित बदियाकोट गांव में ऐतिहासिक मां आदिबद्री भगवती मंदिर में लगी आग ने सबको झकझोर दिया. नवरात्र के दौरान हुई इस घटना में मंदिर का मुख्य लकड़ी का ढांचा और सदियों पुरानी काष्ठ नक्काशी जलकर राख हो गई. मंदिर को भारी नुकसान पहुंचने से ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में गहरा दुख है. आग की भयावह तस्वीरें सामने आने के बाद हर कोई इस धार्मिक धरोहर को हुए नुकसान से भावुक है.
मंदिर समिति के अध्यक्ष भरत सिंह दानू ने बताया कि कपकोट तहसील के बदियाकोट गांव में स्थित मां आदिबद्री भगवती का ऐतिहासिक मंदिर भीषण आग की चपेट में आ गया. इस अग्निकांड में मंदिर की पारंपरिक काष्ठकला को भारी नुकसान पहुंचा है. लकड़ी से बने मंदिर के मुख्य हिस्से और बारीक नक्काशी आग में जलकर नष्ट हो गई. मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं और ऐतिहासिक विरासत के कारण यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है. आग लगने के बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर से लपटों पर काबू पाने का प्रयास किया.
नवरात्र के मौके पर बागेश्वर जिले के बदियाकोट गांव से दुखद खबर सामने आई. यहां मां आदिबद्री भगवती के ऐतिहासिक मंदिर में अचानक भीषण आग लग गई. आग ने देखते ही देखते मंदिर के लकड़ी के ढांचे को अपनी चपेट में ले लिया. मंदिर में मौजूद पारंपरिक काष्ठ नक्काशी भी जलकर राख हो गई. मंदिर क्षेत्र की आस्था और परंपराओं से गहराई से जुड़ा रहा है.
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बदियाकोट गांव स्थित मां आदिबद्री भगवती मंदिर में आग लगने के बाद सामने आई तस्वीरें लोगों को भावुक कर रही हैं. कभी पारंपरिक लकड़ी की नक्काशी से सजा मंदिर अब आग से हुए नुकसान की दर्दनाक कहानी बयां कर रहा है. नवरात्र के दौरान हुई इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को गहरे सदमे में डाल दिया है.
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित मां आदिबद्री भगवती के ऐतिहासिक मंदिर में लगी आग ने बड़ी क्षति पहुंचाई है. कपकोट तहसील के बदियाकोट गांव में नवरात्र के दौरान हुए इस अग्निकांड में मंदिर की पुरानी लकड़ी की संरचना, नक्काशी जलकर नष्ट हो गई. इस घटना से क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नुकसान पहुंचा है. मंदिर से लोगों की गहरी आस्था जुड़ी होने के कारण ग्रामीण बेहद दुखी हैं.
बदियाकोट गांव में मां आदिबद्री भगवती मंदिर में आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीण आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंचे और अपने स्तर से लपटों पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि मंदिर का मुख्य लकड़ी का ढांचा और सदियों पुरानी काष्ठ नक्काशी नहीं बचाई जा सकी. इसके बाद प्रशासन और राहत टीमें भी मौके पर पहुंचीं.
कपकोट तहसील के बदियाकोट गांव में मां आदिबद्री भगवती मंदिर में लगी भीषण आग के कारणों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. शुरुआती जानकारी में शॉर्ट सर्किट या जलते दीपक से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी किसी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. आग ने मंदिर के मुख्य लकड़ी के ढांचे और पारंपरिक नक्काशी को भारी नुकसान पहुंचाया है. सदियों पुरानी धार्मिक धरोहर के नष्ट होने से क्षेत्र में शोक का माहौल है. आग कैसे लगी और कितनी संपत्ति का नुकसान हुआ, इसका पता संबंधित जांच और आकलन के बाद ही चल सकेगा.
जिले के कपकोट क्षेत्र के बदियाकोट गांव में स्थित मां आदिबद्री भगवती मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. नवरात्र के दौरान मंदिर में लगी भीषण आग ने इस धरोहर को गंभीर नुकसान पहुंचाया है. मंदिर का मुख्य लकड़ी का ढांचा और सदियों पुरानी काष्ठ नक्काशी जलकर राख हो गई.