कार खुद लगाएगी ब्रेक, नींद आने पर ड्राइवर को करेगी अलर्ट! सेफ्टी प्लान तैयार
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Car Safety Plan: सरकार की तरफ से सड़क हादसों को रोकने के लिए हर संभ उपाय किया जा रहे हैं. रोड सेफ्टी के बाद अब कार सेफ्टी पर काम किया जा रहा है. सरकार की ओर से प्लान का ड्राफ्ट जारी किया गया है. इसपर लोगों से उनकी राय मांगी गई है.
सरकार ने कार की सुरक्षा के लिए नया सेफ्टी प्लान तैयार किया है. (सांकेतिक तस्वीर)
Car Safety Plan: सड़क हादसों में कमी लाने और वाहनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने कारों और हल्के वाणिज्यिक वाहनों में आधुनिक सुरक्षा प्रणालियां अनिवार्य करने की तैयारी की है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर यान नियमावली, 1989 में संशोधन का मसौदा जारी किया है. इसमें संभावित टक्कर का खतरा पहचानकर खुद ब्रेक लगाने, ड्राइवर को नींद आने पर चेतावनी देने और गाड़ी को लेन में बनाए रखने जैसी सुविधाएं शामिल हैं. सरकार ने प्रस्तावित संशोधनों पर आम लोगों और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं.
खतरा भांपकर अपने आप ब्रेक लगाएगी कार
प्रस्तावित नियमों के तहत एडवांस्ड इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम (एईबीएस) को चरणबद्ध तरीके से अनिवार्य किया जाएगा. यह प्रणाली संभावित टक्कर के खतरे को पहचानकर ड्राइवर को चेतावनी दे सकेगी और जरूरत पड़ने पर अपने आप ब्रेक लगा सकेगी. प्रस्ताव के मुताबिक, नए मॉडल की कारों में यह सुविधा एक अक्टूबर 2030 और सभी संबंधित मॉडल में एक अक्टूबर 2032 से अनिवार्य करने का प्रावधान है.
नींद आने पर ड्राइवर को मिलेगी चेतावनी
ड्राइवर की थकान, उनींदेपन या ध्यान में कमी से होने वाले हादसों को रोकने के लिए ड्राइवर ड्राउजीनेस एंड अटेंशन वार्निंग सिस्टम का प्रस्ताव है. यह सिस्टम चालक की सतर्कता में कमी का पता लगाकर उसे अलर्ट करेगा. परिवहन श्रेणी में पंजीकृत एम1 श्रेणी के वाहनों में इसे एक अक्टूबर 2029 से अनिवार्य करने का प्रस्ताव है. इसी श्रेणी के वाहनों में इमरजेंसी लेन कीपिंग सिस्टम (ईएलकेएस) लागू करने की भी योजना है. यह प्रणाली गाड़ी के अनजाने में लेन से बाहर जाने पर चालक को सतर्क करने और वाहन को लेन में बनाए रखने में मदद करेगी. इसके लिए भी एक अक्टूबर 2029 की समयसीमा प्रस्तावित है.
स्टीयरिंग और बच्चों की सुरक्षा पर जोर
मंत्रालय ने वाहनों के स्टीयरिंग सिस्टम की सुरक्षा के मानकों को भी सख्त करने का प्रस्ताव रखा है. इसके तहत ज्यादातर संबंधित वाहनों के स्टीयरिंग सिस्टम को एक अक्टूबर 2027 से नए एआईएस-193 मानकों के अनुरूप होना होगा. ऑटोमैटिक कमांड स्टीयरिंग सिस्टम से जुड़े प्रावधान भी मसौदे में शामिल हैं. बच्चों की सुरक्षा के लिए आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट सिस्टम नए मॉडल में एक अक्टूबर 2027 और सभी संबंधित मॉडल में एक अक्टूबर 2028 से अनिवार्य करने का प्रस्ताव है. वहीं, लगेज रिटेंशन सिस्टम नए मॉडल में एक अप्रैल 2028 और सभी मॉडल में एक अक्टूबर 2028 से लागू करने की योजना है. इससे अचानक ब्रेक लगने या टक्कर के दौरान सामान के आगे आकर यात्रियों को चोट पहुंचाने का जोखिम कम हो सकता है.
अभी अंतिम नहीं हैं नियम
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये प्रावधान फिलहाल मसौदे का हिस्सा हैं. सुझाव और आपत्तियां 30 दिनों के भीतर परिवहन भवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली-110001 के पते पर या comments-morh@gov.in पर भेजी जा सकती हैं. प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मिलने और लागू होने के बाद वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है.
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