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Tiger Shroff Firing Case Public Opinion: मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के आरोपी बेगूसराय के ऋतिक कुमार को उसके गांव बदलपुरा के लोगों और चाची ने पहचानने से इनकार कर दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि उसका परिवार सालों पहले गांव छोड़ चुका है और वह कभी गांव में नहीं रहा. लोकल 18 की ग्राउंड रिपोर्टिंग में गांव वालों ने क्या सब कहा जानिए.
Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ पर हमला करने का आरोपी ऋतिक के लग्जरी लाइफस्टाइल का कई वीडियो और फोटो सामने आया है. लेकिन क्या आपने देखा है उसका घर कैसा है? गांव के लोग क्या सोचते हैं? आज जैसे ही चर्चा हुई ऋतिक ने टाइगर श्राफ पर गोली चलाया गांव के लोगों के सुर ही बदल गए. ताजा अपडेट की बात कर लें आरोपी ऋतिक इंस्टाग्राम पर ऋतिक लाइफस्टाइल नाम से 7000 फॉलोअर के साथ मौजूद है. जबकि जुर्म की दुनिया में यह लड़का सिर्फ भजन मार्ग ऑफिशल पेज को फ्लो करता है. जो श्री प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का ऑफिशियल पेज बताया जाता है. अब जांच का विषय है महाराज कितने महान हैं. LOCAL 18 पब्लिक ओपिनियन में आज चर्चा मुंबई में फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में गिरफ्तार बेगूसराय के ऋतिक कुमार की. देखिए गांव वालों ने क्या कहा?
चाची ने भी पहचानने से कर दिया इनकार
हम जिला मुख्यालय से पांच किमी दूर मटिहानी थाना क्षेत्र के गांव बदलपुरा पहुंचे. यहां लोकल 18 पर नविता देवी जो आरोपी ऋतिक के चाची हैं. वो बदलपुरा गांव में रहती हैं इन्होंने लोकल 18 पर बताया हम आज तक ऋतिक का नाम भी बढ़िया से नहीं जानते हैं. सिर्फ इस घर में उसका जन्म हुआ था. मेरे शादी से पहले ही उसके पिता की भी शादी हुई थी. हम आज कुछ भी ऋतिक को पहचानते ही नहीं हैं.
पिता बेचते हैं चाय, गांव का नाम बदनाम कर रहा लड़का
गांव के ही मनोज कुमार सिंह लोकल 18 पर बताते हैं ऋतिक कभी गांव में रहा ही नहीं. उसके पिताजी चाय बेचते थे. उसके पिताजी का नाम राजू महतो है. आरोपी ऋतिक सब दिन नानी घर में ही रहा. गांव में जो रहा ही नहीं उसके बारे में गांव वाले क्या ही सोचेंगे.
हमारे गांव बदलपुर का नाम…
ग्रामीण नीलमणि सिंह बतलाते हैं कि ऋतिक को तो गांव वाले पहचानते ही नहीं हैं. उसके पिताजी गांव छोड़कर 25 साल पहले ही चले गए. कुछ ग्रामीण 15 साल पहले तो कुछ 10 साल पहले गांव छोड़ने की बात भी बता रहे हैं. चुकी गांव की बदनामी हो रहीं है तो सबके जवाब अलग-अलग आने लगें हैं. हम चाहते हैं कि निष्पक्ष जांच हो और दोषी को सजा मिलनी चाहिए.
दिनकर की छवि धूमिल हुई
ग्रामीण युवा सौरव कुमार लोकल 18 पर बताते हैं 20 साल पहले उसका परिवार गांव छोड़ 5 किमी दूर बेगूसराय शहर में ही रहता है. इस घटना से दुःखी हैं. गांव की छवि धूमिल हो रही है. हम युवा दिनकर की धरती को धूमिल होने से बचाना चाहते हैं निष्पक्ष जांच हो. ग्रामीण रघुवीर सिंह मानते हैं कि ऋतिक मेरे गांव का बासी है. 15 से 20 साल पहले पिपरा में चला गया. यहां गांव से कोई नाता नहीं है. पहले 5 वार्ड में उसका घर था. पिताजी का नाम इन्होंने रामू महतो बताया. बहुत बड़े सेलिब्रिटी पर गोली चलाई है. इस सवाल पर गांव के लोग ही पल्ला झाड़ लेते हैं.