Manoj Jarange Audio Clip: ‘जरांगे को 500 करोड़ पहुंच गए हैं, टारगेट पर CM फडणवीस और…’: 32 मिनट के ऑडियो क्लिप से महाराष्ट्र में भूचाल

Manoj Jarange Audio Clip: ‘जरांगे को 500 करोड़ पहुंच गए हैं, टारगेट पर CM फडणवीस और…’: 32 मिनट के ऑडियो क्लिप से महाराष्ट्र में भूचाल


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Manoj Jarange Viral Audio Clip: मराठा आरक्षण आंदोलन के अगुआ मनोज जरांगे पाटिल द्वारा जारी की गई 32 मिनट की सनसनीखेज ऑडियो क्लिप ने महाराष्ट्र की सियासत में जबर्दस्त भूचाल ला दिया है. ऑडियो में जरांगे को ‘500 करोड़ रुपये पहुंचने’ और देवेंद्र फडणवीस समेत भाजपा को ‘व्यक्तिगत निशाना’ बनाने जैसी विस्फोटक बातों के सामने आने के बाद, उदय सामंत ने इसके पीछे महायुति में फूट डालने की गहरी साजिश का अंदेशा जताया है.

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मनोज जरांगे की वायरल क्लिप पर उदय सामंत ने SIT जांच की मांग की है. (फाइल फोटो)

जालना (महाराष्ट्र). शिवसेना के वरिष्ठ नेता और उद्योग मंत्री उदय सामंत ने 22 अक्टूबर  को मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल द्वारा सार्वजनिक की गई 32 मिनट की वायरल ऑडियो क्लिप की गहन जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि मामले की फॉरेंसिक जांच, साइबर जांच और विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराई जानी चाहिए.

महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब मनोज जरांगे ने एक कथित ऑडियो क्लिप जारी करते हुए मराठा आंदोलन को बदनाम करने और उनके आंदोलन को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाया. ऑडियो के एक हिस्से में कथित तौर पर कहा गया है, “जरांगे को पहले ही 500 करोड़ रुपए पहुंच चुके हैं.” साथ ही यह भी कहा गया कि “मुख्य व्यक्तिगत निशाना देवेंद्र फडणवीस और भाजपा है.” उदय सामंत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि यह ऑडियो क्लिप उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मराठा समाज में छवि खराब करने और शिवसेना व भाजपा के बीच गलतफहमी पैदा करने की गहरी साजिश का हिस्सा हो सकती है.

उन्होंने कहा कि ऑडियो क्लिप में हुई बातचीत की सत्यता की जांच जरूरी है. सामंत ने मांग की कि पुलिस, साइबर सेल, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं और एसआईटी द्वारा व्यापक जांच की जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रिकॉर्डिंग में आवाजें किसकी हैं, इसे किसने रिकॉर्ड किया, यह कहां रिकॉर्ड की गई और यह मनोज जरांगे पाटिल तक कैसे पहुंची.

500 करोड़ रुपए के कथित लेनदेन पर सामंत ने कहा कि मनोज जरांगे पाटिल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उन्हें कोई पैसा नहीं मिला. वहीं, एकनाथ शिंदे भी इस मामले पर अपना पक्ष रख चुके हैं. उन्होंने कहा कि अपुष्ट धनराशि के दावों पर बहस करने के बजाय उन लोगों का पता लगाना जरूरी है जो पर्दे के पीछे से इस पूरे मामले को संचालित कर रहे हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग, चाहे पार्टी के भीतर हों या बाहर, इस मुद्दे का फायदा उठाकर मराठा समाज और शिवसेना के बीच दूरी पैदा करना चाहते हैं. साथ ही, वे शिवसेना और भाजपा के गठबंधन संबंधों को भी कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने बताया कि शिवसेना का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर इन जांचों की औपचारिक मांग करेगा. इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रामदास कदम ने भी ऑडियो क्लिप की सामग्री पर कड़ी टिप्पणी की.

रामदास कदम ने कहा कि मराठा आरक्षण को कानूनी मजबूती और न्याय दिलाने में एकनाथ शिंदे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने दावा किया कि मराठा समुदाय के लिए आवश्यक कानूनी रणनीतियां उनके नेतृत्व की पहल पर तैयार की गई थीं.



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