Last Updated:
Dausa Minor Girl Gangrape Case: दौसा में गर्भवती नाबालिग के अपहरण और गैंगरेप का मामला झूठा निकला है. एसपी कुंदन कंवरिया के अनुसार, प्रसव पीड़ा होने पर नाबालिग का बॉयफ्रेंड उसे बाइक से अस्पताल ला रहा था, रास्ते में नवजात की मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक, फुटेज की जांच के दौरान नाबालिग की ओर से बताई गई कहानी और सामने आए घटनाक्रम में अंतर मिला. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ाया. नाबालिग के बार-बार बयान बदलने के कारण भी पुलिस को अलग-अलग जगहों पर दबिश देनी पड़ी.
दौसा जिले में 16 वर्षीय गर्भवती नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले की सच्चाई
दौसा. राजस्थान के दौसा में गर्भवती नाबालिग के कथित अपहरण और गैंगरेप के मामले में पुलिस की जांच के बाद नया मोड़ आया है. दौसा एसपी कुंदन कंवरिया ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि जांच में नाबालिग के अपहरण और गैंगरेप की बात सामने नहीं आई है. पुलिस के मुताबिक, नाबालिग ने शुरुआत में जो कहानी बताई थी, वह जांच के दौरान सही नहीं पाई गई. CCTV फुटेज और उसके बार-बार बयान बदलने के बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की नए सिरे से पड़ताल की.
एसपी के अनुसार, मामले में सामने आया युवक नाबालिग का बॉयफ्रेंड था. पुलिस का कहना है कि दोनों के बीच कुछ महीने पहले संबंध बने थे. रात के समय जब नाबालिग को प्रसव पीड़ा हुई तो उसने अपने बॉयफ्रेंड को बुलाया. इसके बाद युवक उसे बाइक पर बैठाकर अस्पताल की ओर लेकर आया.
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, नाबालिग को बाइक से अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही नवजात की मौत हो गई. इसके बाद युवक नाबालिग को अस्पताल में छोड़कर वहां से चला गया. इस घटनाक्रम के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और नाबालिग के अपहरण तथा गैंगरेप की आशंका के आधार पर जांच शुरू हुई. अब दौसा एसपी कुंदन कंवरिया के बयान के बाद मामले की तस्वीर बदल गई है. पुलिस का कहना है कि जांच में अपहरण के लिए किसी कार के इस्तेमाल की बात भी सामने नहीं आई. गैंगरेप के आरोपों की भी पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस अब घटनाक्रम से जुड़े बाकी पहलुओं की जांच कर रही है.
CCTV फुटेज से जांच को मिली दिशा
इस मामले में CCTV फुटेज अहम कड़ी बने. पुलिस के मुताबिक, फुटेज की जांच के दौरान नाबालिग की ओर से बताई गई कहानी और सामने आए घटनाक्रम में अंतर मिला. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ाया. नाबालिग के बार-बार बयान बदलने के कारण भी पुलिस को अलग-अलग जगहों पर दबिश देनी पड़ी. पुलिस ने संदेह के आधार पर कई लोगों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था. जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की गई कि नाबालिग के साथ वास्तव में क्या हुआ था और अस्पताल पहुंचने से पहले की घटनाएं किस तरह हुईं.
बॉयफ्रेंड को पुलिस ने किया डिटेन
एसपी कुंदन कंवरिया के मुताबिक, नाबालिग के बॉयफ्रेंड को पुलिस ने डिटेन किया है. उससे पूरे मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद क्या-क्या हुआ और युवक नाबालिग को अस्पताल छोड़कर क्यों चला गया. मामले में शुरुआती आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस ने कई जगह जांच की और कुछ लोगों से पूछताछ भी की थी. अब CCTV फुटेज और दूसरे तथ्यों के आधार पर घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया जा रहा है.
पुलिस जांच के बाद बदली मामले की दिशा
दौसा में सामने आए इस मामले में शुरुआत में अपहरण और गैंगरेप के आरोपों को लेकर पुलिस जांच में जुटी थी. लेकिन एसपी के ताजा बयान के मुताबिक, जांच में अब तक इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस का कहना है कि नाबालिग का बॉयफ्रेंड ही उसे बाइक से अस्पताल लेकर आया था और रास्ते में नवजात की मौत हुई थी.