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सागर जिले के बीना में मध्य प्रदेश का पहला पेट्रोकेमिकल हब बनने जा रहा है. सीएम मोहन यादव ने इसके बारे में बताया है. मुख्यमंत्री ने बताया है कि प्रदेश में लगाता निवेश आ रहा हैं और निवेशकों के लिए माहौल भी बनाया जा रहा है. बताया जा रहा है कि यह पेट्रोकेमिकल हब 3100 एकड़ जमीन पर बनने की तैयारी. कुछ समय पहले रिफाइनरी ने जरूरत को देखते हुए 454 एकड़ जमीन चिह्नित की गई थी.
सागर में बनेगी पेट्रोकेमिकल यूनिट
मध्य प्रदेश सरकार लगातार प्रदेश को आर्थिक मोर्चे पर आगे बढ़ा रही है और राज्य को रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग का वैश्विक केंद्र बनाने की तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री यादव ने गुरुवार को मुंबई के ‘इंडिया केम 2026’ कार्यक्रम में इस बात को दोहराया. उन्होंने कहा कि रसायन एवं उर्वरक क्षेत्र में निवेश के इच्छुक सभी निवेशकों को हम पूरी सुविधा, साथ, सहयोग, सुरक्षा देकर हर जरूरी मदद करने के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं. निवेशक बिना किसी संकोच के मप्र में निवेश करें और यहां के अवसरों का लाभ उठाएं.
बीना में बन रहा पेट्रोकेमिकल का उद्योग
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि बीना मध्य प्रदेश के पेट्रोकेमिकल उद्योग का नया गढ़ बन रहा है. सागर जिले के बीना में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये की लागत से डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल यूनिट का भूमि-पूजन किया जा चुका है. यहां हर साल 22 लाख टन से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होंगे. भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की लगभग 49 हजार करोड़ रुपये की एथिलीन क्रैकर और रिफाइनरी विस्तार परियोजना भी अवसर उपलब्ध कराएगी.
कलस्टर विकसित करने की कही बात
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य में पॉलिमर प्रोसेसिंग का मजबूत क्लस्टर विकसित किया जाएगा, ताकि एमएसएमई भी साथ-साथ सशक्त हों. इसी दिशा में रायसेन के तामोट में 121 एकड़ और ग्वालियर के बिलौआ में 93 एकड़ में आधुनिक प्लास्टिक पार्क तैयार किए गए हैं. गैस आधारित उद्योगों के लिए विजयपुर की भूमिका बताते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां गेल का आधुनिक गैस प्रोसेसिंग ढांचा पहले से मौजूद है, जिसकी 2 गैस यूनिट हैं. यहां 10 मेगावाट क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र भी है, जिसकी उत्पादन क्षमता हर दिन 4.3 टन है.
सीएम ने बताई मध्य प्रदेश की ताकत
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी भौगोलिक और रणनीतिक ताकत ‘देश का दिल’ होना है. उनके अनुसार पिछले पौने तीन सालों में प्रदेश को 34 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें करीब 12 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं. उन्होंने बताया कि निवेशकों को रियायती दरों पर लीज पर औद्योगिक भूमि, पर्याप्त वॉटर बैंक और सरप्लस बिजली, प्लग एंड प्ले जोन, 5 लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क, 8 एयरपोर्ट, उपलब्ध हैं.