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सनी देओल की अगली फिल्म ‘सूर्या’ के कॉन्टेंट पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है. उन्होंने मेकर्स पर मेडिकल पेशे को गलत तरीके से दिखाने का आरोप लगाया है. फिल्म ‘सूर्या’ पर विवाद तब शुरू हुआ था, तब इसका टीजर लोगों के सामने आया.आईएमए ने पत्र लिखकर फिल्म को रिव्यू करने की गुहार लगाई है. उन्हें डर है कि जिस तरह से फिल्म में मेडिकल प्रोफेशन में भ्रष्टाचार को सामान्य ढंग से दिखाया है, उससे मेडिकल वर्कर की सुरक्षा पर बुरा असर पड़ सकता है.
सनी देओल की ‘सूर्या’ 20 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. (फोटो साभार: YouTube/Videograb)
नई दिल्ली: सनी देओल की अगली फिल्म ‘सूर्या’ में मेडिकल पेशे को जिस तरह से दिखाया गया है, उससे आईएमए ने आपत्ति जताई है. फिल्म पर विवाद तब शुरू हुआ, जब 19 अक्टूबर को इसका टीजर रिलीज हुआ. टीजर में सनी देओल एक ऐसे व्यक्ति का किरदार निभा रहे हैं, जिसका मानना है कि डॉक्टरों को भगवान का रूप माना जाना चाहिए. हालांकि, जब उनका सामना हेल्थकेयर सिस्टम में हो रहे कथित भ्रष्टाचार से होता है, तो उनका यह विश्वास डगमगा जाता है. कहानी एक ऐसे सिस्टम के खिलाफ उनकी लड़ाई को दिखाती है, जहां कुछ डॉक्टरों पर मुश्किल समय में मरीजों और उनके परिवारों का फायदा उठाने का आरोप लगता है.
फिल्म ‘सूर्या – अंत से आरंभ तक’ की इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने आलोचना की है. संस्था ने मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर मांग की है कि फिल्म में डॉक्टरों और अन्य हेल्थकेयर वर्करों को जिस तरह से दिखाया गया है, उस पर ध्यान दिया जाए. आईएमए ने चिंता जताई है कि फिल्म में मेडिकल फील्ड में फैले भ्रष्टाचार को कैसे दिखाया गया है. इसके अलावा, उन्होंने उन सीन्स पर भी आपत्ति जताई है जिनमें हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के खिलाफ हिंसा जाहिर हुई है. एसोसिएशन चाहता है कि फिल्म को रिव्यू किया जाए. सनी देओल के 69वें जन्मदिन पर ‘सूर्या’ का टीजर जारी किया गया था. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, आईएमए ने मंत्री को लिखे पत्र में अपनी चिंताएं जाहिर की हैं. उनका कहना है कि फिल्म के प्रमोशनल कॉन्टेंट से दर्शकों के मन में पूरे मेडिकल पेशे के लिए निगेटिव इमेज बन सकती है.
हेल्थकेयर वर्करों की सिक्योरिटी की चिंता
आईएमए के बयान में कहा गया है, ‘हम फिल्म ‘सूर्या – अंत से आरंभ तक’ में मेडिकल पेशे को दिखाए जाने के तरीके को लेकर अपनी गहरी चिंता जाहिर करना चाहते हैं. फिल्म के प्रचार में जिस तरह से हेल्थकेयर में भ्रष्टाचार को सामान्य बात की तरह दिखाया गया है, मेडिकल प्रोफेशनल्स के खिलाफ हिंसा को दर्शाया गया है, उससे जनता के भरोसे और हेल्थकेयर वर्करों की सिक्योरिटी पर जो असर पड़ सकता है, उसे लेकर हमें चिंता है.’
फिल्म 2018 की मलयालम क्राइम थ्रिलर ‘जोसेफ’ का हिंदी अडेप्टेशन है. बताया जा रहा है कि सनी इसमें एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं, जो एक ऐसी जांच में शामिल हो जाते हैं, जिससे उनके अतीत के कुछ चौंकाने वाले राज सामने आते हैं. कहा जा रहा है कि यह फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है और 20 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.