शैंपेन टोस्ट करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने दिखाए संस्कार, हो रही तारीफ
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विदेश मंत्री एस जयशंकर का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ फ्रीडम 250 रिसेप्शन में शैम्पेन टोस्ट करते नजर आए, लेकिन बिना पिए उन्होंने गिलास को टेबल पर रख दिया.
शैंपेन टोस्ट करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने दिखाए भारतीय संस्कार, सोशल मीडिया पर जमकर हो रही तारीफ.
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने एक बार फिर भारतीय संस्कारों की ऐसी बानगी पेश की है कि लोग उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे. इससे पहले भी उनके कई स्पेशल मूमेंट्स सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, जिनमें उनकी संस्कारी और निष्ठावान भारतीय की छवि उभरकर सामने आई है. मौका मंगलवार को बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में हुए फ्रीडम 250 रिसेप्शन का था, जहां डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ मौजूद थे.
बता दें कि इस रिसेप्शन में मार्को रुबियो और मेहमानों के साथ मौजूद एस जयशंकर ने राजनयिक परंपरा के तहत मार्को रुबियो के सम्मान में शैम्पेन टोस्ट उठाया, लेकिन सबसे मजेदार बात ये हुई कि चीयर्स करने के बाद उन्होंने शैम्पेन को चखा तक नहीं और गिलास को पीछे टेबल पर रख दिया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गया और लोग तारीफ में करने लगे कि ‘ये होते हैं संस्कार’.
बता दें कि सिर्फ एस जयशंकर ही नहीं कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी ऐसे मूमेंट्स काफी वायरल हुए हैं, जिनमें वे प्रोटोकॉल का पालन तो करते हैं लेकिन बिना घूंट लिए गिलास को टेबल पर रख देते हैं.
ऐसा फ्रांस के राजकीय रात्रिभोज में हुआ था जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन द्वारा पेरिस के लूव्र संग्रहालय में आयोजित रात्रिभोज के दौरान पीएम मोदी ने टोस्ट (Toast) के लिए गिलास उठाया और सभी के साथ ‘चीयर्स’ (Cheers) किया. उन्होंने केवल प्रोटोकॉल का पालन किया और बिना घूंट लिए गिलास को वापस टेबल पर रख दिया.
ऐसा एक वाकया साल 2023 में भी हुआ था जब व्हाइट हाउस स्टेट डिनर में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ राजकीय रात्रिभोज के दौरान पीएम मोदी और बाइडन ने अदरक के पानी से भरे गिलासों को आपस में टकराकर टोस्ट पेश किया था क्योंकि जो बाइडन भी शराब नहीं पीते हैं.
क्यों करते हैं टोस्ट
गौरतलब है कि राजनयिक परंपरा के तहत गिलासों को टोस्ट करने की परंपरा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब भी कोई बड़ा नेता किसी अन्य देश के दौरे पर जाता है, तो रात्रिभोज के दौरान एक-दूसरे के सम्मान में ग्लास उठाकर ‘टोस्ट’ करने की एक स्थापित परंपरा है. शराब न पीने वाले नेता इस परंपरा के तहत या तो वाइन की जगह पानी या जूस का इस्तेमाल करते हैं या फिर केवल गिलास उठाकर बिना पिए सिर्फ चीयर्स कर रख देते हैं.