नीम करोली बाबा के बाद अब बड़े पर्दे पर दिखेगी देवराह बाबा की कहानी, जानिए क्यों हमेशा ‘मचान’ पर ही रहते थे रहस्यमयी संत

नीम करोली बाबा के बाद अब बड़े पर्दे पर दिखेगी देवराह बाबा की कहानी, जानिए क्यों हमेशा ‘मचान’ पर ही रहते थे रहस्यमयी संत


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मचान बाबा की रहस्यमयी दुनिया: बड़े पर्दे के लिए तैयार देवराह बाबा की कहानी

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नीम करोली बाबा की सफलता के बाद अब बड़े पर्दे पर रहस्यमयी संत देवराह बाबा की जीवन गाथा देखने को मिलेगी. अपनी चमत्कारी शक्तियों और योग साधना के लिए विख्यात देवराह बाबा हमेशा एक ऊंचे ‘मचान’ पर क्यों निवास करते थे, यह सवाल आज भी लोगों के मन में है. जल्द ही दर्शकों को इस महान संत के जीवन से जुड़े अनछुए पहलुओं और रहस्यों का पर्दाफाश करते हुए एक बेहतरीन अनुभव मिलने वाला है…

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नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित बायोपिक हनुमान अंश बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही है. 2 करोड़ की बजट वाली डिवोशनल ड्रामा फिल्म साल 2026 की सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली फिल्म बन चुकी है. अब तक फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कुल 451 करोड़ की कमाई कर ली है. हनुमान अंश की सफलता के बाद अब देश के रहस्यमयी संतों में से एक देवराह बाबा की कहानी बड़े पर्दे पर आने वाली है. फिल्म का नाम होने वाला है मचान बाबा. फिल्म का पोस्टर जारी कर दिया गया है और अब साल 2027 में इस फिल्म को रिलीज करने की तैयारी है.

बाबा कितने वर्ष रहे जीवित?
भारत में कई सिद्ध महापुरुष योगी हुए हैं, जो लंबे समय से ना केवल जीवित रहे बल्कि कई चमत्कार भी दिखाए. उन्हीं में से एक हैं देवराह बाबा. देवराह बाबा की पहचान उनके मचान से जुड़ी हुई है. बाबा नदी किनारे जमीन से कई फीट उपर बने मचान पर ही रहते थे और वहीं से भक्तों को आशीर्वाद देते थे. बाबा के भक्तों ने बताया है कि बाबा के पास कई सिद्धियां थीं, जिसके कारण वे सालों तक भूखे-प्यासे रह सकते थे और कई लोगों की परेशानियों को दूर करते थे. बाबा कितने वर्ष जीवित रहे, इसे लेकर अलग-अलग दावे मौजूद हैं. कुछ कथाओं में उनकी आयु 500 साल से अधिक बताई जाती है तो कुछ 150 से अधिक वर्षों तक जीवित रहने की बात कहते हैं. हालांकि ऐसा कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है, जो यह जानकारी दे सके कि बाबा कितने वर्षों तक जीवित रहे.

मचान पर रहते थे देवराह बाबा
देवराह बाबा हमेशा एक लकड़ी और बांस की बनी ऊंची मचान यानी चौकी पर रहते थे, जो जमीन से लगभग 10 से 12 फीट ऊंची होती थी. जब इनसे इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि योगियों को शिला, अग्नी और जल से हमेशा चार हाथ ऊपर ही रहना चाहिए. योग शास्त्र में बताया गया है कि साधक की ऊर्जा जमीन के संपर्क में रहने से प्रभावित होती है इसलिए बाबा हमेशा मचान पर रहते थे.

जॉर्ज पंचम से लेकर राजीव गांधी तक
देवराह बाबा के पास जॉर्ज पंचम से लेकर देश के कई प्रधानमंत्री और सामान्य भक्त दर्शन करने के लिए आते रहे हैं. उनके साथ अलग-अलग दौर की कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों से मिलने के प्रसंग हैं. ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम की देवराह बाबा से साल 1911 में मुलाकात के विवरण मिलते हैं. पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देवराह बाबा से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया था. वहीं राजीव गांधी भी 1989 में राम मंदिर शिलान्यास से पहले बाबा से मुलाकात कर चुके थे.

कौन बना रहा है देवराह बाबा पर मचान बाबा फिल्म?
देवराह बाबा पर बन रही मचान बाबा फिल्म ब्रिटेन में स्थापित भारतीय मूल के कारोबारी पूनम गुप्त OBE और अमेरिका में रहने वाले बिजनेसमैन विकल्प पालीवाल प्रोड्यूस कर रहे हैं. फिल्म ओजस फिल्म्स के बैनर तले बन रही है. मेकर्स ने कहा है कि फिल्म मचान बाबा केवल देवराह बाबा के चमत्कार से जुड़ी हुई नहीं होगी, इस फिल्म में देवराह बाबा से जुड़ी आस्था, राजनीति, रहस्य, इतिहास आदि के बारे में भी जानकारी देगी.



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