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Jamshedpur News: जमशेदपुर के पंडरा सीली गांव की महिलाएं नदी के किनारे मिट्टी से सोने के कण निकालकर अपनी आजीविका चला रही हैं. वे इस पारंपरिक काम से रोजाना 400-500 रुपये तक की कमाई कर लेती हैं. आइये जानते हैं इस रोजगार के बारे में.
जमशेदपुर: झारखंड के पोटका प्रखंड के सुदूर गांव पंडरा सीली में आज भी महिलाएं नदी के किनारे मिट्टी से सोने के छोटे-छोटे कण निकालकर अपना भरण-पोषण करती हैं. आधुनिक दौर में जहां लोग रोजगार के लिए शहरों की ओर रुख कर रहे हैं. वहीं, इस गांव की महिलाएं परंपरागत तरीके से सोना निकालकर अपनी आजीविका चला रही हैं. इनके लिए नदी का किनारा ही रोजगार का एक प्रमुख साधन बना हुआ है. आइये जानते हैं इस गांव की महिलाओं को बारे में.
सुबह से शाम तक महिलाएं करती हैं काम
गांव की रहने वाली नेहा नायक ने लोकल 18 को बताया कि यहां की महिलाएं सुबह से लेकर शाम तक, जब तक धूप रहती है, नदी के किनारे मिट्टी से सोने के कण निकालने का काम करती हैं. इस काम में काफी मेहनत लगती है. महिलाएं नदी के किनारे से मिट्टी इकट्ठा करती हैं. फिर उसे पानी में एक खास तरीके से छानकर उसमें मौजूद सोने के छोटे-छोटे कण अलग करती हैं.
नेहा नायक के मुताबिक, इस प्रक्रिया में लकड़ी के एक खास बर्तन का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें मिट्टी और पानी को हिलाकर धीरे-धीरे छाना जाता है, जिससे भारी कण नीचे रह जाते हैं और मिट्टी-पानी अलग हो जाता है. इस तरह काफी सावधानी और धैर्य के साथ महिलाएं सोने के बारीक कणों को इकट्ठा करती हैं.
डेली कर लेती हैं 500 रुपये की कमाई
इस काम की सबसे खास बात यह है कि महिलाएं पूरे दिन मेहनत करने के बाद अपनी जरूरत के मुताबिक कमाई कर पाती हैं. नेहा नायक ने बताया कि इस काम से रोजाना करीब 400 से 500 रुपये तक की आमदनी हो जाती है. हालांकि, कमाई मिट्टी में मिलने वाले सोने के कणों की मात्रा और दिनभर की मेहनत पर निर्भर करती है.
जानें इस रोजगार के बारे में
पंडरा सीली गांव की इन महिलाओं की जिंदगी मेहनत और संघर्ष की मिसाल है. नदी किनारे घंटों बैठकर मिट्टी छानना आसान काम नहीं है, लेकिन परिवार के भरण-पोषण के लिए महिलाएं रोजाना इस काम में जुटी रहती हैं. आज भी पारंपरिक तरीके से सोने के कण निकालने का यह काम गांव की ग्रामीण जीवनशैली और स्थानीय रोजगार की एक अनोखी तस्वीर पेश करता है.