खर्च 150 रुपये, कमाई 5 गुना तक! रेड लेडी पपीते से किसान विपिन ने बदली किस्मत, जानें खेती का A to Z

खर्च 150 रुपये, कमाई 5 गुना तक! रेड लेडी पपीते से किसान विपिन ने बदली किस्मत, जानें खेती का A to Z


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कमाई 5 गुना तक, रेड लेडी पपीते से किसान ने बदली किस्मत, जानें खेती का A to Z

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Red Lady Papaya Farming Success Story: सीतामढ़ी के किसान ‘रेड लेडी’ पपीते की खेती से कम लागत में बंपर मुनाफा कमा रहे हैं. एक पौधे पर करीब 150 रुपये खर्च कर किसान एक पेड़ से 700 रुपये तक की कमाई कर रहे हैं. सही देखभाल और वैज्ञानिक तरीके से इसकी खेती कर किसान अपनी किस्मत बदल रहे हैं. आप भी जानिए तरीका.

सीतामढ़ी: आजकल खेती-किसानी में नए-नए प्रयोग हो रहे हैं. किसान पारंपरिक फसलों के बजाय फल-सब्जियों की खेती की तरफ रुख कर रहे हैं. अगर आप भी खेती से बढ़िया मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो ‘रेड लेडी’ प्रजाति का पपीता आपके लिए एक बेहतरीन जरिया बन सकता है. बाजार में जो बड़े-बड़े, गहरे लाल रंग के पपीते दिखते हैं, वे इसी रेड लेडी वैरायटी के होते हैं. इस पपीते की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह खाने में बहुत मीठा और स्वादिष्ट होता है. इसके एक ही फल का वजन करीब 2 से 3 किलोग्राम तक होता है. जिसकी वजह से मंडी और बाजार में इसकी बहुत ज्यादा मांग रहती है.

लागत कम और बंपर मुनाफा का समझें कमाई का गणित
स्थानीय किसान विपिन सिंह बताते हैं कि कमाई के मामले में पपीते की यह किस्म किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने में कुल मिलाकर करीब 150 रुपये का खर्च आता है. पौधे लगाने के सिर्फ 5 से 6 महीने बाद ही इसमें फल आने शुरू हो जाते हैं. यह पौधा लगातार 2 साल तक फल देता रहता है. एक ही पेड़ से किसान साल भर में 3 से 4 बार फल तोड़ते हैं. विपिन सिंह के अनुसार इस तरह 150 रुपये की मामूली लागत में किसान एक पेड़ से आसानी से 600 से 700 रुपये तक की कमाई कर लेते हैं.

खेती करने का सही तरीका और पौधों के बीच की दूरी
इस पपीते की खेती करने के लिए खेत में सही तरीके से बेड बनाए जाते हैं. पौधों को सही धूप, हवा और बढ़ने की जगह मिले, इसके लिए लाइनों के बीच 8 फीट की दूरी रखी जाती है. वहीं एक पौधे से दूसरे पौधे के बीच 7 फीट का फासला रखा जाता है. सही दूरी पर पौधे लगाने से फसल की बढ़वार अच्छी होती है. फल भी बड़े आकार के निकलते हैं. सामान्य फसलों की तुलना में इस पपीते की थोड़ी ज्यादा देखभाल और ध्यान रखने की जरूरत होती है.

खाद, सिंचाई और बीमारियों से बचाव का तरीका
फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए समय-समय पर पौधों को एनपीके खाद देनी पड़ती है. इस फसल में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इस पर वायरस (विषाणु) का हमला बहुत तेजी से होता है. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो पौधा खराब हो सकता है. इससे बचाव के लिए किसानों को नियमित अंतराल पर नीम के तेल या कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करना पड़ता है. अगर सही समय पर खाद-पानी और दवा का ध्यान रखा जाए, तो किसान कम जगह में भी इस खेती से लाखों का मुनाफा कमा सकते हैं.



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