Bihar Digital Mitra Yojana: आज के समय में नौकरी पाने के लिए सिर्फ डिग्री होना काफी नहीं है. कंप्यूटर चलाना, इंटरनेट का इस्तेमाल करना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे नए टूल्स की जानकारी होना भी जरूरी हो गया है. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार युवाओं को डिजिटल कामों की ट्रेनिंग देने की तैयारी कर रही है. इस पहल के तहत अगले पांच साल में 12 लाख युवाओं को ‘डिजिटल मित्र’ बनाया जाएगा. सरकार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष 2026-27 में ही 2.67 लाख युवाओं को ट्रेनिंग देना है. इससे युवाओं को नौकरी पाने के साथ अपना काम शुरू करने के मौके भी मिल सकते हैं.
क्या है बिहार की डिजिटल मित्र योजना?
बिहार सरकार की इस योजना का मकसद युवाओं को कंप्यूटर और डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़े काम सिखाना है, ताकि वे नौकरी के लिए जरूरी स्किल हासिल कर सकें. युवाओं को ट्रेनिंग देने के लिए सरकारी और प्राइवेट, दोनों तरह के संस्थानों की मदद ली जाएगी. सरकार की योजना है कि ट्रेनिंग पूरी करने के बाद युवा अलग-अलग फील्ड में नौकरी के लिए आवेदन कर सकें या अपना छोटा कारोबार शुरू कर सकें.
MS Office से लेकर ChatGPT तक की मिलेगी जानकारी
डिजिटल मित्र बनने के लिए युवाओं को कंप्यूटर और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करना सिखाया जाएगा. ट्रेनिंग में MS Office के Word, Excel और PowerPoint जैसे प्रोग्राम शामिल होंगे. इसके अलावा, Google Workspace का इस्तेमाल करना भी सिखाया जाएगा.
आजकल कई कंपनियां अपने काम में AI टूल्स का इस्तेमाल कर रही हैं. इसे देखते हुए युवाओं को ChatGPT और Copilot जैसे AI टूल्स की जानकारी भी दी जाएगी. इसके साथ ही इंग्लिश में टाइपिंग और बातचीत करने के तरीके पर भी ध्यान दिया जाएगा. इससे युवाओं को ऑफिस में काम करने और लोगों से बातचीत करने में मदद मिल सकती है.
तीन महीने की होगी ट्रेनिंग, 10वीं पास भी कर सकेंगे आवेदन
डिजिटल मित्र योजना के तहत ट्रेनिंग कुल 270 घंटे की होगी, जिसे अधिकतम तीन महीने में पूरा करना होगा. इसके लिए कम से कम 10वीं पास होना जरूरी बताया गया है. हालांकि, डिजिटल फील्ड में डेढ़ साल का एक्सपीरियंस रखने की शर्त भी रखी गई है.
वहीं, 12वीं पास युवाओं को एक्सपीरियंस की शर्त से छूट दी गई है. यानी 12वीं पास उम्मीदवार बिना डेढ़ साल के अनुभव के भी इस ट्रेनिंग के लिए एलिजिबल हो सकते हैं. इसके अलावा, स्वयं सहायता भत्ता लेने वाले युवा भी ट्रेनिंग में शामिल हो सकेंगे.
देशभर में अपार आईडी (APAAR ID) को लेकर बढ़ते महत्व के बीच, इस योजना में अपार आईडी के आधार पर क्रेडिट स्कोर हासिल करने वाले युवाओं को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई है.
कहां मिलेगी डिजिटल मित्र की ट्रेनिंग?
डिजिटल मित्र बनने की ट्रेनिंग के लिए बिहार के कई सरकारी शिक्षण संस्थानों को जोड़ा जाएगा. इनमें इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट, डिग्री कॉलेज, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) और मॉडल स्कूल शामिल हैं. इसके अलावा, कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) के तहत चल रहे 871 प्राइवेट ट्रेनिंग सेंटरों को भी इस पहल से जोड़ा जाएगा.
शुरुआत में हर प्राइवेट संचालक के एक सेंटर को योजना में शामिल करने की व्यवस्था की गई है. इसके लिए प्राइवेट सेंटरों से आवेदन भी मांगे गए हैं. ट्रेनिंग देने वाले इन सेंटरों को सरकार की ओर से मानदेय दिया जाएगा. इसके लिए कुशल युवा कार्यक्रम के पहले और दूसरे चरण में अपनाई गई व्यवस्था को आधार बनाया जाएगा.
ट्रेनिंग के बाद कहां मिल सकता है काम?
डिजिटल मित्र की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद युवाओं के सामने रोजगार के कई रास्ते खुल सकते हैं. वे प्राइवेट कंपनियों में कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर काम कर सकते हैं. इसके अलावा, डिजिटल मार्केटिंग असिस्टेंट के रूप में भी नौकरी के मौके मिल सकते हैं.
युवा पंचायत और प्रखंड लेवल पर डिजिटल असिस्टेंट के तौर पर काम करने के अवसर तलाश सकते हैं. खाद्य कंपनियों में कंप्लायंस ऑफिसर जैसे पदों पर काम करने या अपनी कंसल्टेंसी शुरू करने का विकल्प भी बताया गया है. हालांकि, इन पदों पर नौकरी के लिए संबंधित संस्थान की योग्यता और भर्ती की शर्तें पूरी करनी होंगी.
कुशल युवा कार्यक्रम में भी जुड़ेंगे नए कोर्स
बिहार सरकार कुशल युवा कार्यक्रम के तहत मिलने वाली ट्रेनिंग का दायरा भी बढ़ाने की तैयारी कर रही है. इसमें सोलर एनर्जी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, नेटवर्किंग, होम नर्सिंग, लैब टेक्नोलॉजी, ब्यूटी एंड वेलनेस और बेकरी जैसी फील्ड को शामिल करने पर काम किया जा रहा है.
इसके अलावा, ITI, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस, टैली और विदेशी भाषाओं से जुड़े कोर्स भी शुरू करने की योजना है. ट्रेनिंग पूरी करने वाले युवाओं को नेशनल लेवल का सर्टिफिकेट दिया जाएगा.
सरकार का लक्ष्य कुशल युवा कार्यक्रम के जरिए रोजगार के अवसर और युवाओं की कमाई बढ़ाना है. डिजिटल मित्र पहल भी इसी दिशा में एक कदम है. हालांकि, इच्छुक युवाओं को आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचना से पात्रता, आवेदन की तारीख और ट्रेनिंग सेंटर से जुड़ी जानकारी की पुष्टि कर लेनी चाहिए.