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Kota Boat Accident Rescue Update: कोटा के कोटड़ी तालाब में दुर्गा विसर्जन के दौरान एक लकड़ी की नाव पलटने से 4 लोग गहरे पानी में लापता हो गए हैं, जबकि 3 लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे. घटना की सूचना मिलते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देर रात मौके पर पहुंचकर राहत कार्य का जायजा लिया और रेस्क्यू अभियान तेज करने के निर्देश दिए. कोटा कलेक्टर और एसपी की मौजूदगी में एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें रातभर से सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं. प्रशासन ने लोगों से केवल अधिकृत स्थलों पर विसर्जन की अपील की है.
नाव हादसे के बाद रातभर रेस्क्यू, कोटड़ी तालाब में 4 लोग लापता
कोटा: कोटा शहर में दुर्गा विसर्जन के पावन पर्व पर उस वक्त मातम और हड़कंप मच गया जब एक बेहद दर्दनाक नाव हादसा सामने आया. त्यौहार के उल्लास और उमंग के बीच मंगलवार देर रात कोटड़ी तालाब में दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन करने गए लोगों की नाव बीच पानी में अचानक पलट गई. इस भयानक हादसे के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया है. हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमों ने पानी के अंदर सघन तलाशी अभियान तेज कर दिया है ताकि पानी में डूबे लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके.
घटना की गंभीरता को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बिना कोई देर किए रात में ही सीधे कोटड़ी तालाब पहुंचे. उन्होंने मौके पर पहुंचकर पूरे राहत और बचाव कार्य का व्यक्तिगत रूप से जायजा लिया और उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उनके कड़े निर्देशों के बाद आधी रात को भी तालाब में सघन रेस्क्यू अभियान लगातार चलाया गया. इस दौरान कोटा कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम समेत तमाम बड़े अधिकारी देर रात तक तालाब के किनारे डटे रहे और पूरी स्थिति की पल-पल मॉनिटरिंग करते रहे. लोकसभा अध्यक्ष ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया.
कैसे हुआ यह हादसा और क्या है ताजा स्थिति
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कनाल रोड के पास कुछ लोग दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन करने पहुंचे थे. यह क्षेत्र विसर्जन के लिए बिल्कुल भी अधिकृत या चिन्हित नहीं था. वे सभी लोग एक छोटी और असुरक्षित लकड़ी की नाव में सवार होकर पानी के अंदर चले गए थे, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण नाव पलट गई. उस नाव में कुल 7 लोग सवार थे. गनीमत यह रही कि उनमें से 3 लोगों को तैरना आता था, जो किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाकर सुरक्षित बाहर आ गए. हालांकि अन्य 4 लोगों को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वे गहरे पानी में डूब गए और अभी भी लापता हैं.