Alwar News: लड़की बनकर फेसबुक पर भेजते थे फ्रेंड रिक्वेस्ट, फिर अश्लील वीडियो कॉल से करते थे ब्लैकमेल


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Alwar News: अलवर पुलिस ने बांग्लादेश के नागरिकों को सेक्सटॉर्शन के जरिए ब्लैकमेल करने वाले साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है. मुख्य सरगना शालीम खान समेत चार आरोपी गिरफ्तार हुए हैं. गिरोह के सदस्य फेसबुक पर लड़की के नाम से फर्जी आईडी बनाते थे. इन आईडी के जरिए बांग्लादेश के नागरिकों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जाती थी. रिक्वेस्ट स्वीकार होने के बाद बातचीत शुरू होती और धीरे-धीरे सामने वाले व्यक्ति से संपर्क बढ़ाया जाता था. जब बातचीत आगे बढ़ जाती, तो वीडियो कॉल की जाती थी.

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लड़की बनकर फेसबुक पर भेजते थे रिक्वेस्ट, फिर वीडियो कॉल से करते थे ब्लैकमेलZoom

अलवर में सेक्सटॉर्शन गिरोह का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार.

अलवर. राजस्थान के अलवर से साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें फेसबुक पर लड़की के नाम से दोस्ती कर लोगों को जाल में फंसाया जाता था. फिर वीडियो कॉल के जरिए अश्लील वीडियो तैयार कर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था. धौलागढ़ थाना पुलिस ने बांग्लादेश के नागरिकों को सेक्सटॉर्शन के जरिए निशाना बनाने वाले कथित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना शालीम खान समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह साल 2024 से सक्रिय था. अब तक बांग्लादेश के करीब 1000 नागरिकों को अश्लील वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग के जरिए ब्लैकमेल करने और उनसे एक करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी करने का आरोप है. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पांच मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड और दो एयरटेल सिम कार्ड भी बरामद किए हैं.

फेसबुक पर लड़की के नाम से भेजते थे फ्रेंड रिक्वेस्ट
पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गिरोह के सदस्य फेसबुक पर लड़की के नाम से फर्जी आईडी बनाते थे. इन आईडी के जरिए बांग्लादेश के नागरिकों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जाती थी. रिक्वेस्ट स्वीकार होने के बाद बातचीत शुरू होती और धीरे-धीरे सामने वाले व्यक्ति से संपर्क बढ़ाया जाता था. जब बातचीत आगे बढ़ जाती, तो वीडियो कॉल की जाती थी. आरोप है कि इस दौरान अश्लील वीडियो तैयार कर उसकी रिकॉर्डिंग कर ली जाती थी. इसके बाद यही रिकॉर्डिंग ब्लैकमेलिंग का जरिया बन जाती थी. शुरुआत में जिसे सामान्य दोस्ती समझा जाता था, वह आगे चलकर ठगी का जाल बन जाती थी. पुलिस के अनुसार, गिरोह इसी तरीके से बांग्लादेश के लोगों को निशाना बना रहा था.

वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मांगते थे पैसे
वीडियो कॉल रिकॉर्ड करने के बाद गिरोह के सदस्य कथित तौर पर उसमें एडिटिंग करते थे. फिर तैयार वीडियो संबंधित व्यक्ति को भेजकर उसे डराया जाता था. आरोपी फेसबुक, यूट्यूब या दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो वायरल करने की धमकी देते थे. वीडियो सार्वजनिक होने के डर से पीड़ितों पर पैसे देने का दबाव बनाया जाता था. इसी तरीके को सेक्सटॉर्शन कहा जाता है. इसमें किसी व्यक्ति की निजी या अश्लील तस्वीरों और वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उससे पैसे वसूले जाते हैं. पुलिस का आरोप है कि गिरोह ने इस तरीके से बांग्लादेश के करीब 1000 नागरिकों को ब्लैकमेल किया और एक करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम ठगी. यह आंकड़ा पुलिस की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित है.

व्हाट्सऐप ग्रुप से चलाता था करीब 20 लोगों का नेटवर्क
इस मामले में गिरोह के मुख्य सरगना के रूप में शालीम खान का नाम सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, वह व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए करीब 20 सदस्यों के नेटवर्क का संचालन करता था. इसी नेटवर्क के जरिए गिरोह के सदस्य कथित तौर पर लोगों को निशाना बनाने और ब्लैकमेलिंग का काम करते थे. धौलागढ़ थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य सरगना सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उनके पास से पांच मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड और दो एयरटेल सिम कार्ड बरामद किए हैं. इन सामानों की मदद से गिरोह की गतिविधियों से जुड़े सबूत मिलने की उम्मीद है.

2024 से चल रहा था ठगी का खेल
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह वर्ष 2024 से सक्रिय था. लंबे समय से चल रही इस कथित ठगी में सोशल मीडिया और वीडियो कॉल का इस्तेमाल किया जाता था. फेसबुक पर फर्जी पहचान बनाकर दोस्ती करना, वीडियो कॉल रिकॉर्ड करना और फिर उसे वायरल करने की धमकी देना इसका मुख्य तरीका बताया गया है. फिलहाल पुलिस की कार्रवाई में चार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. मामले में गिरोह के दूसरे सदस्यों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच आगे की कार्रवाई का अहम हिस्सा होगी. पुलिस के सामने यह भी पता लगाने की चुनौती है कि ठगी की रकम किस तरह ली जाती थी और नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों की क्या भूमिका थी. इस कार्रवाई ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती और निजी वीडियो कॉल को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत सामने रखी है. किसी अनजान प्रोफाइल से बातचीत करते समय निजी जानकारी या वीडियो साझा करना नुकसानदायक हो सकता है. ब्लैकमेलिंग होने पर डरकर पैसे देने के बजाय पुलिस और साइबर अपराध से जुड़े आधिकारिक माध्यमों पर शिकायत करना जरूरी है.



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