हिमाचल में अजब-गजब मामला, 42 साल बाद 69 वर्षीय भगोड़ा गिरफ्तार, कई साल तक करता रहा सरकारी नौकरी, परिवार वोटर लिस्ट में भी दर्ज

हिमाचल में अजब-गजब मामला, 42 साल बाद 69 वर्षीय भगोड़ा गिरफ्तार, कई साल तक करता रहा सरकारी नौकरी, परिवार वोटर लिस्ट में भी दर्ज


नाहन. 42 साल पहले से ये कहानी शुरू होती है. 27 साल की उम्र में एक शख्स ठगी करता है और फिर फरार हो जाता है. वह शख्स हिमाचल प्रदेश में अपना ठिकाना बनाता है, यहीं पर शादी और सरकारी नौकरी के अलावा, आराम से जिंदगी गुजार रहा था, लेकिन कहते हैं कि हर किसी को अपने कर्मों की सजा इसी जन्म में भगुतनी पड़ती है. हुआ भी ऐसा ही. पुलिस ने शख्स को गिरफ्तार कर लिया है.

जानकारी के अनुसार, सिरमौर जिले के चौगान मैदान में राजस्थान पुलिस ने 42 साल से उद्घोषित भगोड़े को गिरफ्तार किया. आरोपी विजय कुमार यादव पर 1984 में राजस्थान के उदयपुर में 32 हजार रुपये की ठगी का केस दर्ज हुआ था.

अनुसार 69 वर्षीय पूर्व कोच पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोप लगे थे. हालांकि, विजय कुमार यादव घटना के बाद फरार हो गए थे. और फिर उन्होंने चार दशकों में असम, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित अलग-अलग राज्यों के बाद हिमाचल प्रदेश के नाहन शहर को अपना ठिकाना बनाया. बताया जा रहा है कि विजय ने जवाहर नवोदय विद्यालय में साई कोच के तौर पर सरकारी नौकरी भी की. हालांकि, 1984 में दर्ज ठगी का मामला अब उन्हें जेल तक ले गया है. उदयपुर पुलिस 42 साल बाद उन्हें हिमाचल पुलिस की मदद से अरेस्ट किया.
बताया जा रहा है कि उदयपुर की पुलिस टीम ने सीधे गिरफ्तारी की कोशिश के बजाय आरोपी की पहचान की पुष्टि की. पुलिस कर्मी चौगान मैदान में खिलाड़ी बनकर पहुंचे और कोच से मदद मांगी. बातचीत के दौरान जब पुलिस कर्मी पहचान को लेकर आश्वस्त हो गए तो आरोपी को हिरासत में ले लिया.

बताया जा रहा है कि 5 मार्च 1984 को राजस्थान के धनमंडी पुलिस थाने में भंवर सिंह ने शिकायत दी थी कि विजय कुमार यादव और उसके साथियों ने ‘किनारा ग्रुप व अग्रवाल सेल्स’ नाम से एक संस्था बनाई और केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने का झूठा दावा किय था. दोनों ने बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और प्रत्येक व्यक्ति से 3,000 रुपये वसूले थे.

32 हजार रुपये की ठगी की थी 

शिकायत के अनुसार करीब 32 हजार रुपये की ठगी के बाद आरोपी ऑफिस बंद कर फरार हो गए. पुलिस ने इस मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी विजय कुमार यादव फरार होने में सफल रहा. आरोपी ने अपनी पहचान से जुड़े पुराने रिकॉर्ड और पुश्तैनी दस्तावेजों में बदलाव भी करवा लिया था. विजय यादव हरियाणा के भिवानी जिले के रूपगढ़ का मूल निवासी है. पुलिस के अनुसार, वह असम, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश सहित अलग-अलग राज्यों में रहा और कोचिंग के काम से जुड़ा रहा.

नाहन में घर बसाया

सिरमौर जिले के नाहन में विजय ने अपना घर बसाया और मतदाता सूची में वह दर्ज है. पत्नी, बच्चों तथा पोते-पोतियों के साथ विजय यहां सामान्य जीवन बिता रहा था. स्थानीय स्तर पर उसकी पहचान एक एथलेटिक्स कोच के रूप में बन गई, जबकि राजस्थान में दर्ज पुराने मामले में उसकी तलाश जारी थी. पुलिस तकनीकी और मैनुअल जांच के जरिए आरोपी तक पहुंचने के प्रयास किए. रूपगढ़ में उसके पारिवारिक संपर्कों से जुड़े सुराग भी जांच में मददगार बने और इन्हीं जानकारियों के आधार पर राजस्थान पुलिस की विशेष टीम नाहन पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्रवाई को अंजाम दिया. सिरमौर के एसपी निश्चित सिंह नेगी ने बताया कि राजस्थान पुलिस ने नाहन पुलिस की सहायता से पुराने मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है.



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