SBI Data Leak: लोन पेपर्स से पते तक… हैकर्स का दावा, उड़ा लिया लाखों ग्राहकों का डेटा


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SBI Data Leak : साइबर सुरक्षा पर नजर रखने वाले सोशल मीडिया अकाउंट CyberPulse56 ने X पर एक पोस्‍ट कर बताया है कि एसबीआई के ग्राहकों का डेटा हैकर्स ने उड़ा लिया है. हालांकि, हैकर्स ग्रुप के दावे की पुष्टि अभी तक हुई नहीं है और न ही एसबीआई ने इस बारे में कोई आधिकारिक बयान दिया है.

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SBI Data Leak: लोन पेपर्स से पते तक..हैकर्स ने किया SBI का डेटा उड़ाने का दावाZoom

कथित डेटा लीक की प्रामाणिकता और स्रोत की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है. (Photo : Canva)

नई दिल्‍ली. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहकों का गोपनीय डेटा हैक करे का दावा सीरियसिम नाम के एक हैकर ग्रुप ने किया है. हैकर ग्रुप का कहना है कि उसने एसबीआई से जुड़े लाखों गोपनीय रिकॉर्ड और संवेदनशील दस्तावेज हासिल कर लिए हैं. चोरी किए गए इस डेटा में ग्राहकों के नाम, पते, लोन अप्‍लीकेशन (Loan Applications) और खाता खोलने से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात शामिल हैं.

हालांकि, कथित डेटा लीक की प्रामाणिकता और स्रोत की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है. रिपोर्ट किए गए डेटा की संख्या से यह भी स्पष्ट नहीं होता कि कितने ग्राहक प्रभावित हुए है, क्योंकि कई रिकॉर्ड एक ही व्यक्ति से संबंधित हो सकते हैं. इस बात की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है कि एसबीआई के सिस्टम में सेंध लगाई गई थी या दस्तावेज सीधे बैंक से आए थे. अभी तक इस विषय पर एसबीआई ने कोई जानकारी नहीं दी है.

साइबरपल्स56 ने किया खुलासा

साइबर सुरक्षा पर नजर रखने वाले अकाउंट ‘साइबरपल्स56’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस कथित डेटा लीक का खुलासा किया. पोस्ट के अनुसार, हैकर समूह के पास सीएसवी फॉर्मेट में 3.75 लाख डेटा एंट्रीज और 2,722 पीडीएफ फाइलें हैं. साइबरपल्स56 ने 16 अक्टूबर को सबसे पहले इस दावे की रिपोर्ट करते हुए बताया कि हैकर ग्रुप का यह पहला डेटासेट है.

पहचान की चोरी और फर्जी लोन का बड़ा जोखिम

साइबरपल्स56 ने चेतावनी दी है कि यदि यह डेटासेट असली साबित होता है, तो इसके बेहद गंभीर परिणाम हो सकते हैं. जालसाज इस डेटा का इस्तेमाल ग्राहकों की पहचान चुराने (Identity Theft), उनके नाम पर फर्जी लोन आवेदन करने, बैंक खातों में वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देने और लक्षित फिशिंग (Targeted Phishing) अटैक के लिए कर सकते हैं.

इस साल की शुरुआत में ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी देश के वाणिज्यिक बैंकों के लिए साइबर सुरक्षा के नियम पहले से अधिक कड़े कर दिए हैं. ऐसे में हैकर ग्रुप का यह दावा भारतीय बैंकिंग प्रणाली के सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है.



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