Kitchen Gardening: 1 ही ग्रो बैग में पालक, मेथी और धनिया उगाने का तरीका

Kitchen Gardening: 1 ही ग्रो बैग में पालक, मेथी और धनिया उगाने का तरीका


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Kitchen Gardening Tips: इसमें कोई दोराय नहीं कि खाने में ताजी हरी सब्जियां और हरा धनिया मिल जाए, तो खाने का स्वाद बढ़ जाता है. लेकिन ये मजा उस समय और बढ़ जाता है, जब घर पर ही ताजी हरी सब्जियां उगे, हर बार बाजार जाने की जरूरत न पड़े. अब अगर आप ये सोच रहे हैं, कि आपके पास सब्जियों को उगाने के लिए जगह नहीं है, तो ये किचन गार्डनिंग का ये तरीका आपके लिए है.

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ठंड का मौसम शुरू हो चुका है. इस मौसम में सब्जियों की गार्डनिंग बहुत आसानी से हो जाती है. ऐसे में अगर आपके घर में बालकनी, छत या धूप आने वाली खिड़की के पास थोड़ी-सी जगह है, तो आप वहां आसानी से अपना छोटा-सा किचन गार्डन तैयार करके इसमें पालक, मेथी और धनिया जैसी हरी सब्जियां उगा सकते हैं.

खास बात ये है कि पालक, मेथी और धनिया उगाने के लिए आपको अलग-अलग गमलों की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. एक आयताकार ग्रो बैग में इन तीनों हरी पत्तेदार चीजों को एक साथ उगाया जा सकता है. ये पौधे जल्दी बढ़ते हैं और ठंड के मौसम में अच्छी पैदावार देते हैं. अक्टूबर से फरवरी तक इन्हें उगाने का अच्छा समय माना जाता है. अगर आप पहली बार घर पर सब्जियां उगाने जा रहे हैं, तो कुछ आसान टिप्स अपनाकर ताजी पत्तियां तैयार कर सकते हैं. आइए जानते हैं पालक, मेथी और धनिया उगाने का सही तरीका.

सही ग्रो बैग और जगह चुनें- सबसे पहले 8 से 12 इंच गहरा और कम से कम 2 फीट लंबा आयताकार ग्रो बैग लें. इसके नीचे पानी निकलने के लिए छेद होने चाहिए. इसे ऐसी जगह रखें, जहां रोजाना 4 से 6 घंटे धूप आती हो. गर्मी के मौसम में सुबह की धूप और दोपहर में हल्की छाया वाली जगह बेहतर रहती है.

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मिट्टी का सही मिश्रण तैयार करें- पालक, मेथी और धनिया के अच्छे विकास के लिए हल्की और पोषक मिट्टी जरूरी है. इसके लिए सामान्य मिट्टी, कोकोपीट और अच्छी तरह सड़ी हुई खाद या वर्मीकम्पोस्ट को बराबर मात्रा में मिलाएं. ग्रो बैग में मिट्टी भरते समय ऊपर करीब एक इंच जगह खाली छोड़ दें. बीज बोने से पहले मिट्टी में हल्का पानी डालकर उसे नम कर लें.

तीनों के बीज अलग-अलग बोएं- ग्रो बैग में मिट्टी की सतह पर तीन अलग-अलग कतारें बनाएं. पहली कतार में पालक के बीज करीब आधा इंच गहराई और 2 इंच की दूरी पर बोएं. दूसरी कतार में मेथी के बीज छिड़ककर ऊपर से हल्की मिट्टी डाल दें. तीसरी कतार में धनिया के बीज बोएं. धनिया के बीजों को बोने से पहले हल्का दबाकर दो हिस्सों में बांट सकते हैं. इससे उनके अंकुरण में मदद मिल सकती है. आखिर में हल्के हाथ से पानी छिड़कें.

पौधों की नियमित देखभाल करें- मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी न डालें. सुबह हल्के हाथ से पानी देना अच्छा रहता है. आमतौर पर एक सप्ताह के अंदर बीज अंकुरित होने लगते हैं. यदि पौधे बहुत पास-पास उग आएं, तो कुछ पौधों को हटा दें. दो से तीन सप्ताह बाद थोड़ी वर्मीकम्पोस्ट या पतली तरल जैविक खाद डालें. कीट दिखाई देने पर नीम के तेल का उचित मात्रा में तैयार घोल इस्तेमाल कर सकते हैं.

पालक, मेथी और धनिया उगने में कितना समय लगता है? मेथी की पत्तियां लगभग 3 सप्ताह में काटने लायक हो जाती हैं, जबकि पालक और धनिया को तैयार होने में करीब 4 से 5 सप्ताह लग सकते हैं. पौधों की बाहरी पत्तियों को कैंची से काटें और बीच का हिस्सा छोड़ दें, ताकि नई पत्तियां निकलती रहें. मेथी के पौधों को भी मिट्टी से थोड़ा ऊपर काटने पर दोबारा बढ़ने का मौका मिल सकता है. नियमित कटाई से ताजी पत्तियां मिलती रहती हैं. जब पौधे पीले पड़ने लगें या उनमें फूल आने लगें, तो नई बुवाई कर दें.

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