जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में पैसा लगाने की तैयारी कर रहे निवेशकों के लिए सिर्फ सब्सक्रिप्शन रकम तय करना ही काफी नहीं है. उन्हें यह भी देखना होगा कि वे किस कैटेगरी के तहत आवेदन करने के योग्य हैं. आम निवेशकों के अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज के एलिजिबल शेयरधारकों और जियो से जुड़ी कुछ कंपनियों के कर्मचारियों को भी इस आईपीओ में आवेदन का अलग ऑप्शन मिलेगा. ऐसे में निवेश करने से पहले हर कैटेगरी की सीमा और उससे जुड़ी शर्तों को समझना जरूरी है.
इस आईपीओ में निवेशकों के लिए कुल 15 तरह के ऑप्शन बताए गए हैं. इसकी वजह यह है कि पात्र शेयरधारक और कर्मचारी अपनी योग्यता के मुताबिक सामान्य निवेशक या एचएनआई कैटेगरी के साथ भी आवेदन कर सकते हैं. हालांकि, हर ऑप्शन में निवेश की लीमिट अलग होगी. गलत कैटेगरी चुनने या पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करने पर आवेदन में परेशानी हो सकती है. आइए समझते हैं कि जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में कौन किस कैटेगरी से आवेदन कर सकता है और निवेश की लीमिट क्या होगी और आज 20 अक्टूबर को इसका GMP क्या संकेत दे रहा है.
क्या है जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का लेटेस्ट GMP?
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर आज 20 अक्टूबर को दोपहर 2:37 बजे इंवेस्टरगेन डॉट कॉम के मुताबिक, ₹252 पहुंच गया है. आईपीओ का अपर प्राइस बैंड ₹1,119 है. इस हिसाब से इसकी अनुमानित लिस्टिंग कीमत ₹1,371 हो सकती है. यानी मौजूदा GMP के आधार पर निवेशकों को लिस्टिंग पर करीब 22.52% तक का संभावित फायदा मिलने का अनुमान है.
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO में कितना पैसा लगा सकते हैं?
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का कुल साइज करीब 30,213 करोड़ रुपये बताया गया है. इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के एलिजिबल शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये और योग्य कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये का हिस्सा आरक्षित है. आम निवेशक अपनी बोली की रकम के आधार पर रिटेल या नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (NII) कैटेगरी चुन सकते हैं.
रिलायंस के शेयरधारकों को क्या फायदा मिलेगा?
जिन निवेशकों के पास रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर हैं, वे पात्रता की शर्तें पूरी करने पर शेयरधारक कैटेगरी में आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए तय तारीख से पहले शेयर खरीदना जरूरी था. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों को 13 अक्टूबर तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर खरीदने थे, जबकि एलिजिबलिटी की कटऑफ तारीख 14 अक्टूबर बताई गई थी.
इस कैटेगरी में अधिकतम 2 लाख रुपये की बोली लगाई जा सकती है. ध्यान रखें कि सिर्फ रिलायंस के शेयर रखने से आवेदन अपने आप पात्र नहीं हो जाता. निवेशक को आईपीओ के ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स में बताई गई बाकी शर्तें भी पूरी करनी होंगी.
| कैटेगरी | अधिकतम बोली सीमा | न्यूनतम राशि | अधिकतम राशि | न्यूनतम लॉट | अधिकतम लॉट |
|---|---|---|---|---|---|
| सिर्फ रिटेल | 2 लाख तक | 13,428 | 1,87,992 | 1 | 14 |
| स्मॉल एचएनआई | 2 लाख से ऊपर से 10 लाख तक | 2,01,420 | 9,93,672 | 15 | 74 |
| B HNI | 10 लाख से ऊपर | 10,07,100 | कोई अपर लीमिट नहीं | 75 | कोई लीमिट नहीं |
| सिर्फ शेयरधारक | 2 लाख तक | 13,428 | 1,87,992 | 1 | 14 |
| सिर्फ कर्मचारी | 5 लाख तक | 12,780 | 4,98,420 | 1 | 39 |
| शेयरधारक + रिटेल | 2 लाख + 2 लाख | 26,856 | 3,75,984 | 2 | 28 |
| शेयरधारक + स्मॉल एचएनआई | 2 लाख + 2-10 लाख | 2,14,848 | 11,81,664 | 16 | 88 |
| शेयरधारक + B HNI | 2 लाख + 10 लाख से ऊपर | 10,20,528 | कोई लीमिट नहीं | 76 | कोई लीमिट नहीं |
| कर्मचारी + रिटेल | 5 लाख + 2 लाख | 26,208 | 6,86,412 | 2 | 53 |
| कर्मचारी + स्मॉल एचएनआई | 5 लाख + 2-10 लाख | 2,14,200 | 14,92,092 | 16 | 113 |
| कर्मचारी + B HNI | 5 लाख + 10 लाख से ऊपर | 10,19,880 | कोई लीमिट नहीं | 76 | कोई सीमा नहीं |
| कर्मचारी + शेयरधारक | 5 लाख + 2 लाख | 26,208 | 6,86,412 | 2 | 53 |
| कर्मचारी + शेयरधारक + रिटेल | 5+2+2 लाख | 39,636 | 8,74,404 | 3 | 67 |
| कर्मचारी + शेयरधारक + स्मॉल एचएनआई | 5+2+2-10 लाख | 2,27,628 | 16,80,084 | 17 | 127 |
| कर्मचारी + शेयरधारक + B HNI | 5+2+10 लाख से ऊपर | 10,33,308 | कोई लीमिट नहीं | 77 | कोई लीमिट नहीं |
कर्मचारियों के लिए 5 लाख रुपये तक की सीमा
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में एलिजिबल कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये का हिस्सा आरक्षित है. इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, जियो प्लेटफॉर्म्स और जियो प्लेटफॉर्म्स की सहायक कंपनियों के योग्य कर्मचारी शामिल हैं. ग्रुप की हर कंपनी के कर्मचारी इस सुविधा के पात्र नहीं हैं.
कर्मचारी कैटेगरी में अधिकतम 5 लाख रुपये की बोली लगाई जा सकती है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एलिजिबल कर्मचारियों को प्रति शेयर 54 रुपये की छूट भी मिल सकती है. हालांकि, छूट की एलिजिबलिटी और आवेदन की शर्तें ऑफिशियल आईपीओ डॉक्यूमेंट्स से चेक करनी चाहिए.
रिटेल और HNI कैटेगरी चुनते समय रखें ध्यान
सेबी के नियमों के मुताबिक, एक ही निवेशक एक ही आईपीओ में रिटेल और NII कैटेगरी के तहत एक साथ बोली नहीं लगा सकता. सामान्य तौर पर 2 लाख रुपये तक की बोली रिटेल कैटेगरी में आती है. इससे ज्यादा की बोली लगाने पर निवेशक को NII कैटेगरी चुननी होती है. इसमें 2 लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक का सब्सक्रिप्शन स्मॉल HNI, जबकि 10 लाख रुपये से अधिक का सब्सक्रिप्शन BHNI कैटेगरी में आती है.
(डिस्क्लेमर- नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)