फ्रांस से इटली ने लिया सबक, लग्जरी शोरूम के बाहर पुलिस, छावनी बना मिलान
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Italy Extra Police Deployment: फ्रांस में प्रदर्शनों के नाम पर जिस तरह का हंगामा और दंगा हुआ, उसे देखते हुए इटली ने सबक लिया और अपने लिए फुल प्रूफ प्लान तैयार कर लिया है. यहां के लग्जरी स्टोर्स के सामने पुलिस तैनात कर दी गई है, जो लूटने वालों से निपट लेगी.
इटली में तैनात हुई और भी ज्यादा फोर्स. (रॉयटर्स)
इटली के मिलान शहर में वीकेंड के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का फैसला किया है. उप प्रधानमंत्री मातेओ साल्विनी ने शहर में शांति बनाए रखने के लिए 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात करने की घोषणा की है. हिंसा दोबारा भड़कने की आशंका के चलते शहर के प्रमुख लग्जरी बाजारों में कई दुकानदारों ने अपने स्टोर बंद कर दिए और महंगा सामान शोकेस से हटा लिया.
मिलान में 17 अक्टूबर को प्रदर्शन की शुरुआत शांतिपूर्ण तरीके से हुई थी, लेकिन बाद में कई जगहों पर हालात बिगड़ गए. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं. कुछ लोगों ने कूड़ेदानों में आग लगा दी और पुलिस पर पत्थर फेंके. इस दौरान दुकानों में लूटपाट की गई और सार्वजनिक तथा निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया.
500 अतिरिक्त सैनिकों की होगी तैनाती
- उप प्रधानमंत्री साल्विनी ने 19 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर बताया कि मिलान में सुरक्षा बढ़ाने के लिए 500 अतिरिक्त सैनिक भेजे जाएंगे. कैबिनेट बैठक में इस फैसले को सुरक्षा उपायों के पैकेज में शामिल किए जाने की उम्मीद है.
- मिलान इटली का प्रमुख वित्तीय और फैशन केंद्र है. यहां दुनिया के कई बड़े लग्जरी ब्रांड के स्टोर मौजूद हैं. शहर के प्रसिद्ध वाया मोंटेनापोलियोने इलाके में शनेल, टिफनी और डिओर जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों की दुकानें हैं.
- हिंसा की आशंका को देखते हुए कई दुकानदारों ने 19 अक्टूबर को सामान्य समय से पहले ही दुकानें बंद कर दीं. कुछ दुकानों की खिड़कियों को लकड़ी और गत्ते से ढक दिया गया, जबकि कई व्यापारियों ने महंगी घड़ियां, गहने और अन्य कीमती सामान शोकेस से हटा लिया. दुकानदारों को डर है कि प्रदर्शन दोबारा हिंसक हो सकते हैं और उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है.
271 को हिरासत में लिया गया
समाचार एजेंसी एएनएसए के मुताबिक पुलिस ने शहर के प्रमुख इलाकों में गश्त बढ़ा दी है. 19 अक्टूबर को हुई हिंसा के दौरान 271 युवाओं को हिरासत में लिया गया था. इनमें से 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार लोगों में 23 नाबालिग और 13 विदेशी नागरिक शामिल बताए गए हैं. इसके अलावा 28 लोगों के खिलाफ न्यायिक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट दर्ज की गई.
सरकार कर रही है सख्ती
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हिंसा की निंदा की है. उन्होंने सोमवार को मंत्रियों और सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की. सरकार नाबालिगों की हिंसक गतिविधियों पर रोक लगाने और युवा गिरोहों के खिलाफ सख्त कदम उठाने पर विचार कर रही है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नाबालिगों को एहतियातन हिरासत में रखने की अवधि बढ़ाने का विकल्प भी चर्चा में है. मिलान के अलावा बोलोन्या, ब्रेसिया, बर्गामो और ट्यूरिन जैसे उत्तरी इटली के शहरों में भी प्रदर्शन के दौरान झड़पें हुईं.