बिलासपुर. हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवीं की ग्राम पंचायत कपाहड़ा में स्मार्ट मीटर ना लगाने के बाद बिजली कनेक्शन काटने पर विवाद हो गया. बिजली बोर्ड के खिलाफ प्रधान और गांव वालों ने धरना प्रदर्शन किया.
पंचायत प्रधान विनय कुमार शर्मा के घर का बिजली कनेक्शन काटे जाने से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को घुमारवीं स्थित विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता (XEN) कार्यालय के बाहर करीब तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अधिकारियों से जवाब मांगा. इस पर बिजली विभाग के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए और फिर लोगों के आगे विभाग के एक्सईएन ने माफी मांगी और कनेक्शन बहाल करने के आदेश दिए.
प्रदर्शन में कपाहड़ा के अलावा अन्य पंचायतों के लोग भी शामिल हुए. प्रदर्शनकारी एक्सईएन से बातचीत की मांग कर रहे थे, लेकिन उनके कार्यालय में मौजूद न होने के कारण लोगों का गुस्सा और बढ़ गया. मामला बढ़ता देख एसडीएम घुमारवीं अभिषेक बरवाल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की. उन्होंने पंचायत प्रधान के घर की बिजली बहाल करने के निर्देश दिए, जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया.
ग्राम सभा में पारित हुआ था स्मार्ट मीटर न लगाने का प्रस्ताव
पंचायत कपाहड़ा की अगस्त माह में आयोजित ग्राम सभा में सर्वसम्मति से स्मार्ट मीटर न लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया था. पंचायत की ओर से यह प्रस्ताव विद्युत विभाग को भी भेजा गया था. पंचायत प्रधान विनय कुमार शर्मा ने कहा कि 14 अक्टूबर को विद्युत विभाग ने उनके और उनके दिवंगत पिता के नाम नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर स्मार्ट मीटर लगवाने को कहा था. ऐसा न करने पर बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी दी गई थी.
प्रधान का आरोप है कि 15 अक्टूबर को जब वह अपने बेटे के ऑपरेशन के सिलसिले में परिवार सहित हमीरपुर अस्पताल में थे, तब विभागीय कर्मचारी उनके घर पहुंचे. उस समय घर में उनकी करीब 70 वर्षीय माता अकेली थीं. आरोप है कि कर्मचारियों ने घर का पुराना बिजली मीटर उखाड़ लिया और बिजली आपूर्ति बंद कर दी.
पंचायत प्रधान विनय कुमार शर्मा के घर का बिजली कनेक्शन काटने के विरोध में ग्रामीणों ने घुमारवीं स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय के बाहर तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया.
निजी जमीन से बिजली के खंभे हटाने का भी दिया अल्टीमेटम
इस कार्रवाई से नाराज पंचायत प्रधान ने अपनी निजी जमीन पर लगे बिजली के खंभे, तार और अन्य विद्युत ढांचे को 24 घंटे के भीतर हटाने की मांग की. साथ ही जमीन के इस्तेमाल के बदले मुआवजे का मुद्दा भी उठाया. प्रधान ने इस मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात भी कही है. इसके अलावा शनिवार को एसडीएम घुमारवीं, पुलिस थाना घुमारवीं और विद्युत विभाग के एक्सईएन को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई थी.
हाईवे जाम करने का फैसला वापस लिया
पंचायत प्रधान ने पहले शिमला-धर्मशाला हाईवे जाम करने की चेतावनी दी थी. हालांकि, त्योहारी सीजन में आम जनता और यात्रियों को परेशानी न हो, इसे देखते हुए अंतिम समय पर हाईवे जाम करने का फैसला वापस ले लिया गया और प्रधान ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 11 बजे ग्रामीण घुमारवीं कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया. करीब तीन घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.
SDM के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
मौके पर पहुंचे एसडीएम अभिषेक बरवाल ने ग्रामीणों की बात सुनी और पंचायत प्रधान के घर की बिजली बहाल करने के निर्देश दिए. उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को आपसी बैठक कर विवाद का समाधान निकालने को भी कहा. साथ ही लोगों से माफी मांगी और उन्हें शांत करवाया. एसडीएम ने कहा कि बिजली बहाली के लिए कहा है और साथ ही निजी जमीन पर पोल को लेकर भी विभाग को मुआवजे के लिए हायर अथॉरिटी तक बात पहुंचाई है.