वो 3 चैलेंज जो ओझा के सामने खड़े, क्या रो-को से निपट पाएंगे नए चीफ सिलेक्टर?
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पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने अजीत अगरकर की जगह चयन समिति के चेयरमैन का पद आधिकारिक तौर पर संभाल लिया है. अब ओझा के लिए आने वाले 12 महीने बहुत अहम हैं, जिसमें उन्हें आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारत को एक मजबूत टीम तैयार करके देनी है. रोहित-विराट जैसे सीनियर प्लेयर्स के केस को सुलझाना होगा. युवा प्लेयर्स से भी बराबर बात करनी होगी.
प्रज्ञान ओझा के सामने तीन बड़े चैलेंज
नई दिल्ली: अब जब वनडे वर्ल्ड कप में एक साल से भी कम का वक्त बचा है तब बीसीसीआई ने प्रज्ञान ओझा को सीनियर मेंस भारतीय क्रिकेट टीम का नया चीफ सिलेक्टर बनाया है. अजीत अगरकर को रिप्लेस करने वाले प्रज्ञान ओझा के लिए ये रोल बिलकुल भी आसान नहीं होगा. अब नई चयन समिति में प्रज्ञान ओझा को शिव सुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पोवार (वेस्ट जोन से अजीत अगरकर का रिप्लेसमेंट) के साथ मिलकर ऐसे खिलाड़ी चुनने होंगे, जो भारत को हर फॉर्मेट में वर्ल्ड चैंपियन बना पाए. चलिए आपको बताते हैं प्रज्ञान के लिए ये नई जिम्मेदारी क्यों ‘कांटों के ताज’ से कम नहीं.
रोहित-विराट सरीखे स्टार प्लेयर्स को टैकल
प्रज्ञान ओझा पिछले एक साल से चयनकर्ता समिति के सदस्य हैं. अब जब उन्हें अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है तो क्या वह तटस्थ होकर कड़े फैसले ले पाएंगे. ओझा ने ऐसे समय में यह जिम्मेदारी संभाली है, जब रोहित शर्मा और विराट कोहली अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं और अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप में खेलना चाहते हैं. अगर रोहित शर्मा आगामी वनडे सीरीज में रन बनाने के लिए संघर्ष करते हैं, तो क्या ओझा उन्हें टीम से बाहर कर पाएंगे? रोहित के भविष्य को लेकर BCCI और अगरकर के बीच विचारों में मतभेद था. चयनकर्ताओं के इस फैसले की जानकारी रोहित को ओझा ने ही दी थी.
युवा-सीनियर प्लेयर्स के बीच सामंजस्य
अब जब भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में चार साल बाद वापसी हुई है तो मोहम्मद शमी सरीखे खिलाड़ी भी अपनी वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं. यशस्वी जायसवाल और सरफराज खान सरीखे खिलाड़ी लगातार रन बनाने के बावजूद टीम में शामिल नहीं किए जा रहे हैं, ऐसे में प्रज्ञान को न सिर्फ उनसे बात करनी होगी बल्कि ये भी तय करना होगा कि वह निराश या बागी न हो जाए.
अगरकर के कार्यकाल में तीन आईसीसी ट्रॉफी आई
अजीत अगरकर के कार्यकाल में भारत लगातार दो बार T20 वर्ल्ड कप जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बनी थी. 2023 में चैंपियंस ट्रॉफी में भी भारत चैंपियन बना जबकि 2023 वनडे विश्व कप के फाइनल तक का सफर तय किया. ऐसे में प्रज्ञान ओझा के सामने अपने पूर्ववर्ती मुख्य चयनकर्ता के बड़े जूतों में खुद के पैर फिट करने का चैलेंज होगा.