यूक्रेन ने छुटंकू हथियार से फोड़ी रूस की आंखें, ड्रोन अटैक से कैसे बिगड़ेगा एयर डिफेंस का खेल? S-400 का कांड

यूक्रेन ने छुटंकू हथियार से फोड़ी रूस की आंखें, ड्रोन अटैक से कैसे बिगड़ेगा एयर डिफेंस का खेल? S-400 का कांड


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यूक्रेन ने कैसे फोड़ी रूस की आंखें, ड्रोन अटैक से कैसे बिगड़ेगा डिफेंस सिस्टम

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यूक्रेनी सेना ने एक सटीक और खतरनाक ड्रोन हमले में रूस के बेहद आधुनिक और महंगे S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के रडार को तबाह कर दिया है. इस ताबड़तोड़ हमले से रूसी सेना की हवाई सुरक्षा को तगड़ा झटका लगा है. इस रडार की कीमत 50 मिलियन डॉलर यानि करीब 415 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

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S-400 रडार

यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध में रूस को बड़ा झटका लगा है. यूक्रेन ने रूस की डिफेंस ताकत को तगड़ा चूना लगाया है. यूक्रेनी सेना ने एक सटीक और खतरनाक ड्रोन हमले में रूस के बेहद आधुनिक और महंगे S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के रडार को तबाह कर दिया है. इस ताबड़तोड़ हमले से रूसी सेना की हवाई सुरक्षा को तगड़ा झटका लगा है. इस रडार की कीमत 50 मिलियन डॉलर यानि करीब 415 करोड़ रुपये बताई जा रही है. 96L6 रडार हवाई खतरों, मिसाइलों और ड्रोन्स की पहचान करके S-400 और S-300 सिस्टम को टारगेट की सटीक लोकेशन देता था. यह फुटेज कुछ दिनों पहले की है.

क्या है पूरा मामला?
यूक्रेन की सेना ने रूस के खिलाफ एक और सफल ऑपरेशन को अंजाम देते हुए उसके 96L6 रडार स्टेशन को निशाना बनाया. यह रडार रूस के सबसे ताकतवर और अचूक माने जाने वाले S-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम का एक अहम हिस्सा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस एडवांस्ड रडार की कीमत लगभग 50 मिलियन डॉलर यानी करीब 415 करोड़ रुपये आंकी गई है.

यूक्रेन की ब्लैक फॉरेस्ट यानी 15वीं अलग आर्टिलरी टोही ब्रिगेड ने इस ऑपरेशन का रोमांचक फुटेज भी जारी किया है. इसके वीडियो में यह साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे यूक्रेनी ड्रोनों ने भाग रहे या डिप्लॉयमेंट की तैयारी कर रहे रूसी रडार का पीछा किया और उस पर सटीक हमला कर दिया.

क्यों अहम है यह 96L6 रडार?
डिफेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक रडार किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम की आंखें होते हैं. अब अगर आंखें ही फोड़ दी जाएं, तो मिसाइल सिस्टम किसी अंधे की तरह हो जाता है. यह रडार 300 किलोमीटर के दायरे में आसमान में उड़ने वाले खतरों जैसे फाइटर जेट, क्रूज मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल और मानवरहित ड्रोन्स का दूर से ही पता लगा सकता है.

यह एक साथ 100 टार्गेट को ट्रैक करने की क्षमता रखता है. और कमांड सेंटर के साथ ही मिसाइल लॉन्चर को टारगेट की रियल-टाइम लोकेशन भेजता है. इस रडार के नष्ट होने से S-300 और S-400 सिस्टम की मारक क्षमता पर सीधा असर पड़ा है क्योंकि अब रूसी यूनिट्स के लिए आने वाले खतरों की पहचान करना और तालमेल बिठाना बेहद मुश्किल हो गया है.

रूस के लिए एक के बाद एक झटके
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूस पहले से ही युद्ध के मैदान में भारी मानहानि और साजो-सामान के नुकसान से जूझ रहा है. यूक्रेन लगातार रूस की डीप-डिफेंस और एयर डिफेंस लेयर्स को निशाना बना रहा है.

अब जानकारों का मानना है कि इस तरह के हमलों से रूस के डिफेंस सिस्टम की कमजोरी उजागर हो रही है, जिससे पुतिन की सेना के लिए आसमान को सुरक्षित रखना और चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है.



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