पतंग लेने गया मासूम, कार के नीचे बैठे थे तीन कुत्ते, बालाघाट में बच्चे पर हमला; CCTV में कैद हुई घटना

पतंग लेने गया मासूम, कार के नीचे बैठे थे तीन कुत्ते, बालाघाट में बच्चे पर हमला; CCTV में कैद हुई घटना


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Balaghat Stray Dogs: आवारा कुत्तों की चर्चा चौराहों की चाय की दुकान से लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत तक हुई. इसमें आवारा कुत्तों से परेशान लोगों के अपना तर्क है, तो डॉग लवर्स के अपने. इस बीच उन स्थानीय निकायों की अपनी क्या भूमिका यह सवाल अब और तेज हो गया है.

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Balaghat Stray Dogs Bite Cases: आवारा कुत्तों की चर्चा चौराहों की चाय की दुकान से लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत तक हुई. इसमें आवारा कुत्तों से परेशान लोगों के अपना तर्क है, तो डॉग लवर्स के अपने. इस बीच उन स्थानीय निकायों की अपनी क्या भूमिका यह सवाल अब और तेज हो गया है. दरअसल, बालाघाट में बीते कुछ दिनों से आवारा कुत्तों का आतंक देखने को मिल रहा है, जहां पर मासूम बालक डॉग बाइट का शिकार हो गया. अब उस घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यह सिर्फ एक घटना नहीं बल्कि हर रोज कई लोग आवारा कुत्तों का शिकार हो रहे है.

इसराइल खान ने बताया कि बच्चा घर में खेल रहा था. ऐसे में पतंग घर की छत से उड़ गई. ऐसे में एक कोने वह पतंग चली  गई. वहीं पर एक कार खड़ी थी. लेकिन उस अबोध बालक क्या पता की कार के नीचे एक नहीं बल्कि तीन कुत्ते है. जैसे पतंग के लिए बच्चा पहुंचा. वैसे ही कुत्तों ने बच्चे पर हमला कर दिया. बच्चे ने हिम्मत दिखाई और कुत्ते भाग गए. हालांकि, कुत्तों ने बच्चे की पीठ पर काट ही लिया. यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई और अब सोशल मीडिया पर वायरल है.

रात में सड़कों पर रहता आवारा कुत्तों का आतंक
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर का ऐसा कोई चौराहा नहीं है, जहां पर आवारा कुत्तों का झुंड नजर न आए. लोग पैदल हो या अपने दो पहिए वाहन पर डर का माहौल बना रहता है. आवारा कुत्तों का समूह वाहन पर दौड़ पड़ता है. ऐसे में वाहन से भी कई बार हादसे होते हैं. स्थानीय लोग आवारा कुत्तों से परेशान तो हो जाते हैं लेकिन वह अपनी शिकायत लेकर जाए भी तो कहा जाए. नगरपालिका के जिम्मेदार कुछ करते ही नहीं. वहीं, बची कुची कसर डॉग लवर्स पूरी कर देते हैं.

स्वास्थ्य विभाग से मिले चौंकाने वाले आंकड़े
लोकल 18 ने इस मामले में अधिक जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग के सीएचएमओ डॉक्टर शत्रुघ्न दहिया से बातचीत की. उन्होंने बताया कि अप्रैल के महीने में डॉग बाइट के 656 मामले सामने आए थे. उसके बाद से मामले बढ़ने लगे और 800 मामले हर महीने आने लगे. इस संबंध में वह नगरपालिका को भी पत्र लिखने वाले है. इसके अलावा उन्होंने में नागरिकों को हिदायत दी है कि अगर कोई कुत्ता काट ले तो वह बहते हुए पानी से साफ कर ले. वहीं, अस्पताल आकर इसमें इलाज करवा ले.

नगरपालिका का अपना बहाना
नगर पालिका आवारा कुत्ते हो या आवारा पशु किसी के लिए शेल्टर होम तक तैयार नहीं कर सकी है. वहीं, कुत्तों के बधियाकरण करने में भी वह पीछे ही है. इसके अलावा अगर नगर पालिका से इन सवालों के जवाब मांगों तो वह डॉग लवर्स के आड़े आने का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लेती है.



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