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बागेश्वर जिले के बदियाकोट गांव स्थित आदिबद्री मंदिर में आग लगने के बाद ग्लेशियर बाबा स्वामी चैतन्य आकाश ने बयान दिया है. उन्होंने क्षेत्र के लोगों से मां से क्षमा मांगने और देवीकुंड में भव्य मंदिर बनाने की बात कही है. उनका कहना है कि धार्मिक स्थानों को लेकर राजनीतिकरण करना सही नहीं है.
बागेश्वर: जिले के कपकोट तहसील के बदियाकोट गांव स्थित ऐतिहासिक मां आदिबद्री मंदिर में आग लगने की घटना के बाद धार्मिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. अब देवीकुंड वाले ग्लेशियर बाबा स्वामी चैतन्य आकाश ने इस घटना पर दुख जताते हुए अपनी बात रखी है. उन्होंने देवीकुंड में मां भगवती के मंदिर को हटाए जाने से जुड़े पुराने विवाद का जिक्र किया और कहा कि क्षेत्र के लोगों को मां से क्षमा मांगनी चाहिए. उन्होंने देवीकुंड में मां भगवती के भव्य मंदिर की स्थापना करने और श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना की व्यवस्था करने की भी बात कही है.
कपकोट तहसील के बदियाकोट गांव में स्थित मां आदिबद्री भगवती मंदिर में आग लगने से मंदिर की ऐतिहासिक काष्ठकला को भारी नुकसान पहुंचा है. इस घटना से क्षेत्र के लोगों और श्रद्धालुओं में दुख का माहौल है. मंदिर की पारंपरिक लकड़ी की नक्काशी और धार्मिक महत्व को देखते हुए इस घटना को क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के लिए भी बड़ी क्षति माना जा रहा है.
आग लगने की घटना पर उठाया सवाल
इस बीच ग्लेशियर बाबा स्वामी चैतन्य आकाश ने घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने मंदिर में आग लगने की घटना को बेहद दुखद बताया और सवाल उठाया कि जिस मां को ब्रह्मांड का रक्षक माना जाता है, उनके मंदिर में ऐसी घटना कैसे हुई. उन्होंने अपने बयान में धार्मिक आस्था और देवीकुंड में मंदिर निर्माण को लेकर पहले हुए विवाद का जिक्र किया है.
मंदिर को लेकर हुआ था विवाद
ग्लेशियर बाबा ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले नवरात्रि के दौरान देवीकुंड में मां भगवती का एक अस्थायी मंदिर बनाया गया था. उनके अनुसार, देवीकुंड में तपस्या के दौरान उन्हें स्वप्न में मंदिर निर्माण का आदेश मिला था. जिस जगह पर मंदिर बनाने का स्वप्न हुआ था, ठीक उसी जगह पर स्वास्तिक पर्वत भी प्रकट हुआ था. इसके बाद स्थानीय लोगों के सहयोग से उनके मार्गदर्शन में मंदिर का निर्माण कराया गया. हालांकि, बाद में मंदिर को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ और प्रशासन ने अस्थायी मंदिर को हटा दिया था.
धार्मिक स्थानों पर राजनीतिकरण सही नहीं
ग्लेशियर बाबा ने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के मुद्दे को राजनीतिक रूप दिया गया था. उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में जो कुछ हुआ, उस पर आत्ममंथन करने की आवश्यकता है और मां से क्षमा मांगनी चाहिए. उनके बयान के अनुसार, देवी-देवताओं के धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में आस्था और स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए. इन स्थानों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए.
ऐतिहासिक विरासत को लेकर लोगों को उम्मीदें
ग्लेशियर बाबा ने क्षेत्र में मां आदिबद्री के मंदिर के साथ देवीकुंड में मां भगवती के भव्य मंदिर की स्थापना की बात भी कही. उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए नियमित पूजा-अर्चना की व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता भी जताई है. बदियाकोट के आदिबद्री मंदिर में आग लगने की घटना के बाद अब मंदिर की ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने और उसके पुनर्निर्माण को लेकर लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं. वहीं ग्लेशियर बाबा के बयान से देवीकुंड में मंदिर निर्माण का पुराना मुद्दा भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है.