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Marco Rubio India Visit : अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत को रिफाइनिंग सुपरपावर बताया है. मुंबई में उन्होंने कहा कि भारत वेनेजुएला के भारी तेल को रिफाइन करने के लिए तैयार है. साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां वेनेजुएला में स्थित अपनी एसेट्स से तेल उत्पादन बढ़ा सकती हैं.
अमरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत यात्रा पर आए हुए हैं. (फोटो : रॉयटर्स)
नई दिल्ली. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत को ‘रिफाइनिंग सुपरपावर’ करार दिया है. मुंबई में रूबियो ने कहा कि वेनेजुएला में कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ने पर भारत उसके भारी कच्चे तेल (Heavy Crude Oil) को रिफाइन करने को तैयार है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसके लिए प्रतिबंधों से जुड़ी पाबंदियों को दूर करना होगा.
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, रूबियो ने कहा, “भारत एक रिफाइनिंग सुपरपावर है. उसके पास भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता है. भारत पहले भी ऐसा कर चुका है और मेरा मानना है कि जैसे-जैसे वेनेजुएला का अधिक तेल बाजार में उपलब्ध होगा, भारत इसे रिफाइन कर सकता है.”
वेनेजुएला में भारतीय कंपनियां बढ़ा सकती हैं उत्पादन
मार्को रूबियो ने वेनेजुएला में भारत की मौजूदा तेल परियोजनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां वेनेजुएला में मौजूद अपनी तेल परिसंपत्तियों से भी उत्पादन बढ़ा सकती हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि वेनेजुएला से अतिरिक्त तेल की आपूर्ति से अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति से जुड़ी बाधाओं को कम करने में मदद मिल सकती है. रूबियो ने कहा, “भारत के साथ हमने पहले भी इस बारे में बातचीत की है और ऐसा लगता है कि वह तैयार है. भारत ऐसा करने के लिए इच्छुक है.”
हालांकि, रूबियो ने माना कि सिर्फ वेनेजुएला अकेले दुनिया भर में तेल की कमी को तुरंत पूरा नहीं कर सकता, लेकिन समय के साथ इसका योगदान महत्वपूर्ण हो जाएगा. रूबियो ने कहा कि अमेरिका और भारत को मिलकर उन प्रतिबंधों और तकनीकी पाबंदियों का समाधान निकालना होगा, जो वर्तमान में तेल आयात और रिफाइनिंग की राह में हैं.
भारत खरीद रहा है वेनेजुएला से कच्चा तेल
अमेरिका की ओर से प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद भारत ने वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद फिर से शुरू कर दी है. इससे पहले वर्ष 2025 में वेनेजुएला से तेल खरीदने वाले देशों पर 25% अमेरिकी टैरिफ की घोषणा के चलते भारत ने खरीद रोक दी थी. रॉयटर्स के आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने में भारत वेनेजुएला का दूसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार बना था, जब रोजाना करीब 4.27 लाख बैरल तेल का आयात किया गया था. फरवरी में विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा था कि भारत व्यावसायिक व्यवहार्यता के आधार पर वेनेजुएला और अन्य देशों से कच्चा तेल खरीदने के विकल्प के लिए खुला है.
भारतीय कंपनियों की हिस्सेदारी
सरकारी कंपनी ओनएनजीसी विदेश (ONGC Videsh) की सैन क्रिस्टोबल (San Cristobal) तेल क्षेत्र में 40% हिस्सेदारी है. वहीं, भारतीय कंपनियों की काराबोबो-1 (Carabobo-1) परियोजना में कुल मिलाकर 18% हिस्सेदारी है. अगस्त में ONGC के वित्त निदेशक अनुपम अग्रवाल ने कहा था कि कंपनी वेनेजुएला के संशोधित पेट्रोलियम कानून के तहत वहां के तेल ब्लॉकों का संचालन करने के लिए समझौते करने की कोशिश कर रही है.