खेती का खर्च बचाने में मददगार सोलर लाइट ट्रैप, जानें कीमत और लेने का तरीका
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Solar Light Trap for Farmers: फसल में कीट लगने पर किसानों को कीटनाशकों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है. ऐसे में सोलर लाइट ट्रैप उड़ने वाले कीटों को पकड़ने का एक विकल्प है. बहराइच की कृषि रक्षा इकाई के मुताबिक, पंजीकृत किसान इसे 204 रुपये के कृषक अंश पर प्राप्त कर सकते हैं. जानिए यह उपकरण कैसे काम करता है और इसे लेने के लिए क्या करना होगा.
फसल में कीटों का प्रकोप होने पर किसानों को बचाव के लिए बार-बार कीटनाशकों का इस्तेमाल करना पड़ता है. इससे खेती की लागत बढ़ जाती है. ऐसे में उड़ने वाले कीटों को पकड़ने के लिए सोलर लाइट ट्रैप का इस्तेमाल किया जा सकता है. यह दिन में सूरज की रोशनी से चार्ज होता है और रात में लाइट के जरिए कीटों को अपनी ओर आकर्षित करता है.
बहराइच की कृषि रक्षा इकाई के कर्मचारी राजेंद्र कुमार के मुताबिक, सोलर लाइट ट्रैप की मदद से खेत में उड़ने वाले कई तरह के कीटों को पकड़ा जा सकता है. इससे कीटनाशकों के इस्तेमाल में कमी लाने और खेती पर होने वाले खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है. किसान अपनी फसल के हिसाब से खेत में इस उपकरण को लगा सकते हैं.
राजेंद्र कुमार ने बताया कि फसलों को कीटों से बचाने के लिए किसान अक्सर कीटनाशकों और दूसरी दवाओं का इस्तेमाल करते हैं. इससे खेती की लागत बढ़ जाती है. उनके मुताबिक, सोलर लाइट ट्रैप की मदद से करीब 60 से 70 प्रतिशत तक उड़ने वाले कीट इसमें फंस सकते हैं. इससे कीटनाशकों पर होने वाला खर्च कम करने में मदद मिल सकती है.
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सोलर लाइट ट्रैप में सोलर प्लेट लगी होती है, जो दिनभर धूप से चार्ज होती है. शाम होते ही इसकी लाइट अपने आप जल जाती है. रात में रोशनी से आकर्षित होकर उड़ने वाले कीट ट्रैप की ओर आते हैं. इसके नीचे एक ट्रे लगी होती है, जिसमें पानी या थोड़ा डीजल मिला पानी रखा जाता है. रोशनी की तरफ आते समय कीट ट्रे में गिर जाते हैं और बाहर नहीं निकल पाते. इस तरह खेत में उड़ने वाले कई कीटों को पकड़ने में मदद मिलती है.
कृषि रक्षा इकाई के कर्मचारी के मुताबिक, एक एकड़ खेत में करीब 3 से 4 सोलर लाइट ट्रैप लगाए जा सकते हैं. इसकी लाइफ करीब 4 से 5 महीने बताई गई है, जो एक फसल के सीजन के लिए पर्याप्त हो सकती है. पंजीकृत किसानों को कृषि रक्षा इकाई के माध्यम से यह उपकरण 204 रुपये के कृषक अंश पर उपलब्ध कराया जाता है. इसके लिए किसान अपने ब्लॉक की कृषि रक्षा इकाई में जाकर पंजीकृत आईडी और बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए सोलर लाइट ट्रैप प्राप्त कर सकते हैं.
जो किसान अभी तक कृषि विभाग में पंजीकृत नहीं हैं, वे नजदीकी लोकवाणी केंद्र या जन सेवा केंद्र पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं. इसके लिए खतौनी, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की जरूरत होती है. पंजीकरण होने के बाद किसान ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध कृषि योजनाओं और अनुदान का लाभ उठा सकते हैं. फसल में कीटों का प्रकोप होने पर किसानों को कीटनाशकों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है. ऐसे में सोलर लाइट ट्रैप उड़ने वाले कीटों को पकड़ने का एक विकल्प है. हालांकि, इसका असर कीटों की प्रजाति और फसल के प्रकार पर निर्भर कर सकता है. किसानों को फसल में कीटों की पहचान के बाद कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही बचाव के उपाय अपनाने चाहिए.