Rajasthan Police Initiative | पुलिसकर्मियों के तनाव का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड

Rajasthan Police Initiative | पुलिसकर्मियों के तनाव का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड


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Rajasthan Police Initiative: राजस्थान पुलिस जवानों के मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल और तनाव के कारणों को समझने के लिए देश में पहला डिजिटल डेटाबेस तैयार कर रही है. इसके लिए ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के साथ 5 साल का समझौता हुआ है, जो जीएमएचएटी (GMHAT) टूल के जरिए डिजिटल सिस्टम विकसित करेगी. डीजीपी राजीव शर्मा ने बताया कि इससे पुलिसकर्मियों के मानसिक तनाव की समय रहते पहचान होगी. इस योजना की जिम्मेदारी एससीआरबी (SCRB) को दी गई है.

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Rajasthan Police Initiative: पुलिसकर्मियों के तनाव का बनेगा डिजिटल डेटा

जयपुर. राजस्थान पुलिस महकमा अपने जवानों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और उनके कार्यस्थल के तनाव को समझने के लिए देश में पहली बार एक बड़ा डिजिटल नवाचार करने जा रहा है. पुलिस विभाग अब अपने पुलिसकर्मियों की मानसिक स्थिति का आंकलन करेगा और यह समझने का प्रयास करेगा कि उनके तनाव के पीछे मुख्य कारण क्या हैं. इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए मानसिक स्वास्थ्य तथा खुद को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं का पूरा डेटा अब डिजिटल फॉर्मेट में दर्ज किया जाएगा.

इस अनूठी परियोजना के लिए राजस्थान पुलिस ने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के साथ 5 वर्षों का समझौता (MoU) किया है. इसके तहत यूनिवर्सिटी और पुलिस विभाग मिलकर एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करेंगे. मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के ‘ग्लोबल मेंटल हेल्थ रिसर्च’ के प्रोफेसर डॉ. विमल कुमार शर्मा ने बताया कि इसके लिए उनके द्वारा तैयार किए गए जीएमएचएटी (GMHAT – ग्लोबल मेंटल हेल्थ असेसमेंट टूल) का उपयोग किया जाएगा. साथ ही, इसमें खुद को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं का रिकॉर्ड रखने वाले विशेष रजिस्टर को भी एकीकृत किया जाएगा. यह यूनिवर्सिटी इस डेटा पर विस्तृत शोध करके रिपोर्ट भी सौंपेगी.

10 वर्षों से दिया जा रहा है विशेष प्रशिक्षण
डॉ. विमल के अनुसार, वे पिछले 10 वर्षों से पुलिस विभाग के डॉक्टरों को जीएमएचएटी टूल के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य की जांच करने की ट्रेनिंग दे रहे हैं. वहीं, मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी की टीम भी पिछले 5 सालों से उच्च अधिकारियों को इस संबंध में प्रशिक्षण प्रदान कर रही है. इसके अलावा, यूनिवर्सिटी का राजस्थान के चिकित्सा शिक्षा विभाग, एम्स जोधपुर और आईसीएमआर (ICMR-NIHR) के साथ भी करार हुआ है. आगामी नवंबर माह में ब्रिटेन से यूनिवर्सिटी की टीम राजस्थान पहुंचेगी, जिसके बाद यह तय होगा कि किन पुलिसकर्मियों पर पहले चरण में यह अध्ययन लागू किया जाएगा.

वैश्विक स्तर की बेस्ट प्रैक्टिसेस से मिलेगी मदद: डीजीपी
राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव शर्मा ने इस पहल को पुलिस बेड़े के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से पुलिसकर्मियों की मानसिक समस्याओं और तनाव की समय रहते सटीक पहचान हो सकेगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इस विषय से निपटने के लिए हम दुनिया भर की सबसे बेहतरीन तकनीकों और वैश्विक बेस्ट प्रैक्टिसेस को समझ सकेंगे. इस पूरी योजना के निष्पादन और प्रबंधन की मुख्य जिम्मेदारी राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB) को सौंपी जाएगी.



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