‘खजाने’ जैसी थी कौड़ियों की मशीन, एयरपोर्ट पर कुछ इस तरह खुला राज, फिर आई आफत
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दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर एक ऐसी मशीन पकड़ी गई है, जिसकी बाजार में असल कीमत तो कौड़ियों की है, लेकिन उसके भीतर करोड़ों का राज छिपा हुआ था. इस मशीन को दुबई रिटर्न एक शख्स से पकड़ा गया है. कस्टम की एआईयू टीम ने इस शख्स को हिरासत में लेकर मशीन को लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. क्या है पूरा मामला जानने के लिए पढ़ें आगे…
दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर कौड़ियों की इसी मशीन से करोड़ों का राज निकला है. (Image: Delhi Customs)
कौड़ियों की कीमत वाली यह मशीन किसी ‘अलादीन के खजाने’ के कम नहीं था. जिस किसी को इस मशीन में छिपे राज का पता चल जाता, उसके तो वाकई वारे-न्यारे हो जाते. लेकिन, 19 अक्टूबर को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (आईजीआई) एयरपोर्ट पर कुछ ऐसा हुआ, जिसने इस मशीन के भीतर छिपे राज सरेआम बेपर्दा कर दिया. इतना चूंकि यह मशीन एक दुबई रिटर्न शख्स के कब्जे में थी, लिहाजा आफत की गाज भी उसी पर गिरी. कस्टम की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) ने तुरंत दुबई रिटर्न इस शख्स को हिरासत में ले लिया. अब एआईयू की टीम इस शख्स से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह मशीन उसके पास कहां से आई और दिल्ली पहुंचने के बाद वह इसको किसके हवाले करने वाला था.
दरअसल, यह मामला आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल थ्री का है. दुबई से आने वाली एमिरेट्स एयरलाइंस की फ्लाइट EK-512 सुबह करीब 4:15 बजे आईजीआई एयरपोर्ट पहुंची थी. चूंकि कस्टम की नजर में दुबई एक सेंसिटिव सेक्टर है, लिहाजा एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) के अधिकारियों की नजर इस फ्लाइट से आने वाले पैसेंजर्स पर जमी हुई थी. इस फ्लाइट के सभी पैसेंजर्स के बैग जांच के लिए एक्स-रे में डलवाए जा रहे थे. इसी बीच, एआईयू के अधिकारियों की नजर एक शख्स पर आकर टिक गई. इस शख्स के हावभाव दूसरे पैसेंजर्स में कुछ अलग थे. शक के आधार पर दुबई रिटर्न इस पैसेजर को जांच के लिए अलग किया गया. तलाशी के दौरान, इसके कब्जे से एक छोटी सी मशीन बरामद की गई. यह मशीन कांच के दरवाजे को बंद करने में इस्तेमाल आने वाली फ्लोर स्प्रिंग थी.
दो सवालों ने बढ़ाई दुबई रिटर्न शख्स की परेशानी
- कस्टम के सीनियर ऑफिसर के अनुसार, देखने में तो यह मशीन चंद सौ रुपए की साधारण सी मशीन थी, लेकिन इस मशीन को हाथ में लेते ही एआईयू के अधिकारियों दिगाम में दो सवाल कौंधने लगे.
- पहला सवाल यह था कि भारत में आसानी से चंद सौ रुपए में मिलने वाली इस मशीन को दुबई से क्यों लाया गया. दूसरा सवाल इस मशीन के भार को लेकर था. इस मशीन का भार इस तरह की दूसरी मशीनों से थोड़ा अधिक था.
- इसके बाद, मशीन को जांच के लिए एक्स-रे मशीन में डाला गया. इसके बाद स्क्रीन में जो नजर आया, उसे देखने के लिए एआईयू के अधिकारियों को अपने सारे सवालों के जवाब मिल गए.
- दरअसल, एक्सरे में मशीन के अंदर के दो पार्ट्स गहरे नीले रंग के नजर आ रहे थे. इन गहरे नीले रंग का मतलब था कि इन पार्ट्स को शुद्ध सोने से तैयार किया गया है.
- अब सारा माजरा एआईयू के अधिकायिों को समझ में आ चुका था. उन्होंने तुंरत इस मशीन को खोला और उसके भीतर सोने से बने रॉड नुमा पार्ट्स को अपने कब्जे में ले लिया.
3.20 किलो सोने से तैयार किए गए थे दोनों पार्ट्स
कस्टम अधिकारियों ने जांच में पाया कि इन रॉड्स को करीब 3.20 किलो सोने से तैयार किया गया था. भारतीय बाजार में इस सोने की कीमत करीब 4.03 करोड़ रुपए आंकी गई है. पूछताछ में पता चला कि इस सोने को तस्करी के मकसद से खास तौर पर रॉड के तौर पर ढाला गया था. इसके बाद इसे मशीन के भीतर कुछ इस तरह फिट किया गया, जिससे वह इस मशीन का ही पार्ट लगे. कस्टम ने सोने की बरामदगी के बाद आरोपी दुबई रिटर्न पैसेंजर को अरेस्ट कर सोने के जब्त कर लिया है. अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह सोना उसे कहां से मिला और दिल्ली में इस गोरखधंधे से कौन कौन जुड़ा हुआ है.