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Dehradun Paltan Bazaar : गरबा नाइट के बाद से सोशल मीडिया पर जयपुरी एथनिक वेयर ट्रेंड कर रहा है. इसका असर अब देहरादून के बाजारों में भी दिखने लगा है. त्योहारों के इस सीजन में देहरादून के पलटन बाजार में ‘जयपुरी फैशन’ का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है. राजस्थानी संस्कृति की चमक दूनवासियों की पहली पसंद बन गई है. हर उम्र की महिलाओं में इन्हें खरीदने की होड़ मची हुई है. लड़कियां जयपुरी चोली और कुर्तियां खरीदना चाहती हैं. साधारण सूट या कुर्ती के साथ एक वाइब्रेंट जयपुरी दुपट्टा कैरी करना पलटन बाजार में फैशन स्टेटमेंट बन चुका है. जयपुरी झुमकों की बात ही निराली है. भारी-भरकम मोतियों, स्टोन वर्क और खूबसूरत घुंघरुओं वाले ये झुमके जब कानों में डोलते हैं, तो फेस्टिव वाइब अपने आप दोगुनी हो जाती है.
फेस्टिव सीजन के इस माहौल में पलटन बाजार की रंग-बिरंगी दुकानें बारीक गोटा-पत्ती और ब्लॉक प्रिंट वाली जयपुरी चोली, शॉर्ट कुर्तियों, लहंगा-चुनरी, आरामदायक जूतियों और वाइब्रेंट दुपट्टों से गुलजार हैं. पारंपरिक परिधानों के साथ-साथ कुंदन-पोलकी के जयपुरी झुमके, मीनाकारी चोकर सेट, लाख की चूड़ियां और खूबसूरत पोटली बैग इस एथनिक लुक में चार चांद लगा रहे हैं.
इन चीजों की बंपर डिमांड ने पलटन बाजार को मिनी राजस्थान में बदल दिया है, जो इस त्योहारी सीजन में हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. ‘जयपुरी फैशन’ का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है. पारंपरिक राजस्थानी संस्कृति की चमक अब दूनवासियों की पसंद बनती जा रही है. बाजार की रंग-बिरंगी दुकानें जयपुरी उत्पादों से गुलजार हैं और हर उम्र की युवतियों और महिलाओं में इन्हें खरीदने की होड़ मची हुई है.
जयपुरी पहनावे की बात करें तो सबसे पहले जयपुरी चोली और कुर्तियां हर लड़की की पहली पसंद बनी हुई हैं. बारीक गोटा-पत्ती के काम, खूबसूरत थ्रेड एम्ब्रायडरी और ब्लॉक प्रिंट्स वाली ये चोलियां और शॉर्ट कुर्तियां जीन्स, स्कर्ट या धोती पैंट्स के साथ बेहद स्टाइलिश लुक देती हैं. कॉलेज जाने वाली युवतियों से लेकर किटी पार्टी में जाने वाली महिलाओं तक, हर कोई इस इंडो-वेस्टर्न फ्यूजन को अपना रहा है.
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त्योहारों और शादियों के इस सीजन में जयपुरी लहंगा चुनरी का क्रेज देखते ही बनता है. चमकीले रंगों, बांधनी, लहरिया प्रिंट और गोटा-किनारी से सजे ये लहंगे पहनने में जितने हल्के और आरामदायक होते हैं, दिखने में उतने ही भारी और भव्य लगते हैं. देहरादून की युवतियां दीपावली, करवा चौथ और दूसरे मौकों पर इन लहंगा-चुनरी को बड़े चाव से पहनती हैं.
पैरों की खूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए जयपुरी जूती की डिमांड इन दिनों चरम पर है. मखमली और चमड़े पर की गई बारीक जरी, घुंघरू और मनकों की कढ़ाई वाली ये जूतियां एथनिक वियर के साथ-साथ कैजुअल कपड़ों पर भी बेहद खूबसूरत लगती हैं. पलटन बाजार की दुकानों पर इन जूतियों के ट्रेंडी और कंफर्टेबल डिजाइन्स युवतियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं.
इन अट्रेक्टिव अटायर के अलावा जयपुरी साड़ियों और लहरिया और बांधनी के दुपट्टों की मांग भी बाजार में आसमान छू रही है. साधारण सूट या कुर्ती के साथ एक वाइब्रेंट जयपुरी दुपट्टा कैरी करना पलटन बाजार में नया फैशन स्टेटमेंट बन चुका है. साड़ियों में बंधेज और गोटा-पट्टी के बॉर्डर वाली वैराइटी महिलाओं को अपनी ओर खींच रही है.
आभूषणों के मामले में जयपुरी मीनाकारी और लाख की चूड़ियां भी बाजार की रौनक बढ़ा रही हैं. चमकीले रंगों और पत्थरों से सजी लाख की चूड़ियां और कंगन त्योहार के माहौल को पूरी तरह राजस्थानी रंग में रंग देते हैं. हाथ की खूबसूरती को बढ़ाने वाले ये कंगन हर उत्सव प्रेमी लड़की के शॉपिंग बैग में जरूर शामिल होते हैं.
जयपुरी झुमकों की बात करें तो इनमें राजस्थानी संस्कृति की सोंधी खुशबू और कारीगरी का बेजोड़ नमूना देखने को मिलता है. भारी-भरकम मोतियों, स्टोन वर्क और खूबसूरत घुंघरुओं वाले ये झुमके जब कानों में डोलते हैं, तो फेस्टिव वाइब अपने आप दोगुनी हो जाती है. देहरादून की युवतियां लहंगे, सूट या इंडो-वेस्टर्न ड्रेस के साथ इन स्टेटमेंट झुमकों को पहनकर अपने लुक को कंप्लीट कर रही हैं.