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किसान रामकांत कुमार का मानना है कि अगर आप 1000 की संख्या से बत्तख पालन शुरू करने जा रहे हैं तो आपको ज्यादा भी जमीन की जरूरत नहीं होगी. बस 5 से 6 कट्ठा में भी शुरू किया जा सकता है. आपको यह ध्यान रखना है कि यदि आप 6 कट्ठा में शुरू कर रहे हैं तो आपको 2 से 3 कट्ठा का तालाब, 2 कट्ठा सूखा भाग तथा 40 फीट लंबा और 40 फीट चौड़ा कमरा होना जरूरी है. तालाब रहने से चारा की जगह मिल जाएगी. वहीं, सूखा रहेगा तो कभी बैठने और अन्य गतिविधियों को करने की जगह रहती है. इसी तरह कमरा रहेगा तो रात में आराम करने का स्थान हो जाता है. इसके अलावा अगर मत्स्य पालन का भी आपका प्लान है तो गहराई 5 से 6 फीट गहराई रख सकते हैं.
बत्तख पालन ग्रामीण परिवेश का प्रमुख व्यवसाय है. इसे बहुत ही कम पूंजी के साथ शुरू किया जा सकता है. हालांकि, अब धीरे धीरे बत्तख पालन का व्यापार बड़ा आकार ले रहा है. इसे ग्रामीण परिवेश के लोग अच्छी खासी पूंजी लगाकर शुरू कर रहे हैं. इस कड़ी में जहानाबाद के किसान भी पीछे नहीं हैं और वो भी बत्तख पालन के क्षेत्र में बड़े स्तर की शुरुआत कर ली है. इन्हीं किसानों में से एक हैं – जहानाबाद के मखदुमपुर प्रखंड के किसान रमाकांत कुमार. आज उनसे यह जानने की कोशिश करेंगी कि अगर कोई व्यक्ति गांव में ही रहकर 1000 बत्तख से Duck Farming शुरू करना चाह रहे हैं तो क्या क्या होना चाहिए?
रमाकांत कुमार ने बहुत बारीकी से बत्तख पालन से जुड़ी बातों को बताया. वो बताते हैं कि बत्तख पालन का क्रेज लगातार बढ़ता ही जा रहा है. यह एक ऐसा व्यवसाय है, जिसे घर बैठे ही शुरुआत की जा सकती है. इसमें कमाई भी अच्छी हो सकती है. ऐसे में न तो अपने गांव से बाहर जाने की जरूरत होगी और आप दूसरों को भी नौकरी दे सकते हैं. ऐसे में इस क्षेत्र में हर एक शख्स कदम रख सकते हैं और अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं.
1000 बत्तख रखने के लिए क्या होगी प्लानिंग
रामकांत कुमार का मानना है कि अगर आप 1000 की संख्या से बत्तख पालन शुरू करने जा रहे हैं तो आपको ज्यादा भी जमीन की जरूरत नहीं होगी. बस 5 से 6 कट्ठा में भी शुरू किया जा सकता है. आपको यह ध्यान रखना है कि यदि आप 6 कट्ठा में शुरू कर रहे हैं तो आपको 2 से 3 कट्ठा का तालाब, 2 कट्ठा सूखा भाग तथा 40 फीट लंबा और 40 फीट चौड़ा कमरा होना जरूरी है. तालाब रहने से चारा की जगह मिल जाएगी. वहीं, सूखा रहेगा तो कभी बैठने और अन्य गतिविधियों को करने की जगह रहती है. इसी तरह कमरा रहेगा तो रात में आराम करने का स्थान हो जाता है. इसके अलावा अगर मत्स्य पालन का भी आपका प्लान है तो गहराई 5 से 6 फीट गहराई रख सकते हैं.
इस बीमारी का रहता है खतरा
वो आगे बताते हैं कि बत्तख पालन ग्रामीण स्तर पर करते हैं तो वो एक अंडे से कम से कम 10 रुपए होलसेल की कीमत से कमाई कर सकते हैं. एक बत्तख की कीमत करीब 65 रुपए होती है और एक जोड़ा 130 में. बत्तख पालन की शुरुआत में थोड़ी कठिनाई होती है. कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है. इस तरह से उस पर ध्यान देने की जरूरत होती है. बाल नोचने वाली बीमारी खतरनाक होती है. ऐसी स्थिति में एक बत्तख बाल नोचकर अपना सब बाल झाड़ लेता है. इसका भी ध्यान रखना है और संतुलित खाना देना होता है.