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केंद्र सरकार ने डाककर्मियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 60 दिनों का बोनस देने का फैसला किया है. इससे बिहार-झारखंड के 60 हजार से अधिक कर्मचारियों को फायदा होगा. बोनस की गणना 7,000 रुपये मासिक सीमा के आधार पर होगी. ग्रामीण डाक सेवकों और आकस्मिक श्रमिकों को भी इसका लाभ मिलेगा.
सांकेतिक फोटो
पटनाः केंद्र सरकार ने डाक विभाग के कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 60 दिनों के वेतन के बराबर बोनस देने का फैसला किया है. संचार मंत्रालय ने इस उत्पादकता आधारित बोनस (पीएलबी) को लेकर आदेश जारी कर दिया है.
इस फैसले से बिहार और झारखंड के लगभग 60 हजार से अधिक कर्मचारियों को सीधा फायदा होगा. योजना के तहत मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस), ग्रुप सी और गैर-राजपत्रित ग्रुप बी के कर्मचारियों को बोनस मिलेगा. साथ ही नियमित ग्रामीण डाक सेवकों (जीडीएस) को अनुग्रह राशि के तौर पर बोनस दिया जाएगा.
7,000 रुपये तय हुई मासिक वेतन की सीमा
आदेश के मुताबिक नियमित कर्मचारियों के बोनस की गणना के लिए अधिकतम सीमा 7,000 रुपये मासिक तय की गई है. इसमें मूल वेतन, महंगाई भत्ता और अन्य भत्ते शामिल होंगे. बोनस की राशि 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच मिले औसतन वेतन के आधार पर 60 दिनों के लिए तय की जाएगी.
आकस्मिक श्रमिकों को भी मिलेगा फायदा
ग्रामीण डाक सेवकों (जीडीएस) के बोनस की गणना उनके टीआरसीए और महंगाई भत्ते के आधार पर होगी. इसमें भी अधिकतम सीमा 7,000 रुपये ही रहेगी. पूरे साल काम न करने वाले पात्र कर्मचारियों को आनुपातिक आधार पर बोनस मिलेगा.
वहीं, लगातार तीन साल से काम कर रहे पूर्णकालिक आकस्मिक श्रमिकों को 1,200 रुपये की सांकेतिक मजदूरी के आधार पर तदर्थ बोनस दिया जाएगा. इसके लिए साल में कम से कम 240 दिन (5 कार्यदिवस वाले दफ्तरों में 206 दिन) काम करना जरूरी है. वित्तीय वर्ष के दौरान रिटायर होने, इस्तीफा देने या नौकरी छोड़ने वाले पात्र कर्मचारियों को भी उनकी सेवा अवधि के अनुसार बोनस का लाभ मिलेगा.