चीन ने धरती से 400 KM ऊपर उगाया चावल, अंतरिक्ष में लहलहाई फसल, बिना मिट्टी तियांगोंग स्टेशन पर किया कमाल

चीन ने धरती से 400 KM ऊपर उगाया चावल, अंतरिक्ष में लहलहाई फसल, बिना मिट्टी तियांगोंग स्टेशन पर किया कमाल


धरती से सैकड़ों किलोमीटर ऊपर, जहां न खेत हैं और न मिट्टी में जड़ें जमाने का सामान्य माहौल, वहां धान की फसल तैयार की जा रही है. चीन के तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों ने धान उगाने के प्रयोग में एक अहम पड़ाव पूरा किया है. 18 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरिक्ष यात्रियों ने चावल की नई खेप की कटाई की, बीज बोए और उन्हें सुरक्षित रखा. इस प्रयोग का मकसद यह पता लगाना है कि क्या अंतरिक्ष में उगे चावल के बीजों से अगली पीढ़ी की फसल भी अंतरिक्ष में तैयार की जा सकती है.

यह प्रयोग भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए अहम माना जा रहा है. अगर वैज्ञानिक यह समझ पाते हैं कि अंतरिक्ष में लगातार कई पीढ़ियों तक फसल कैसे उगाई जा सकती है, तो लंबे मिशनों के दौरान खाने की व्यवस्था करना आसान हो सकता है. फिलहाल अंतरिक्ष यात्रियों के लिए भोजन धरती से भेजना पड़ता है. लेकिन भविष्य में अंतरिक्ष में ही कुछ खाद्य पदार्थ उगाने की तकनीक विकसित हो जाए, तो धरती से होने वाली सप्लाई पर निर्भरता कम की जा सकती है.

स्पेस में बने बीजों को बोया जाएगा

इस प्रयोग की शुरुआत धरती से लाए गए धान के बीजों से हुई थी. इन बीजों को तियांगोंग स्टेशन पर बोया गया. इसके बाद वैज्ञानिकों ने माइक्रोग्रैविटी यानी बेहद कम महसूस होने वाले गुरुत्वाकर्षण वाले माहौल में बीजों के अंकुरित होने, पौधों के बढ़ने, फूल आने और नए बीज बनने की प्रक्रिया का अध्ययन किया. अब इन पौधों से मिले बीजों का इस्तेमाल दूसरी पीढ़ी की फसल उगाने के लिए किया जा रहा है. खास बात यह है कि नए पौधे ऐसे बीजों से उगेंगे, जो खुद अंतरिक्ष में तैयार हुए हैं. इससे वैज्ञानिक यह समझ सकेंगे कि क्या चावल का जीवन चक्र अंतरिक्ष में लगातार वैसे ही आगे बढ़ सकता है, जैसा धरती पर होता है.

चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज के मुताबिक, यह प्रयोग 2026 में शुरू हुआ था. इसका लक्ष्य बीज से लेकर नए बीज बनने तक के दो पूरे चक्रों को पूरा करना है. वैज्ञानिक सिर्फ यह नहीं देख रहे कि पौधे अंतरिक्ष में उग सकते हैं या नहीं, बल्कि यह भी समझना चाहते हैं कि वहां पैदा हुए बीज आगे की पीढ़ियों में कैसे विकसित होते हैं.

क्या अंतरिक्ष में पौधों के जीन बदल सकते हैं?

धरती पर मौजूद पेड़-पौधे और दूसरे जीव लंबे समय से यहां के गुरुत्वाकर्षण के हिसाब से विकसित हुए हैं. लेकिन अंतरिक्ष में हालात अलग होते हैं. वहां पौधों को धरती जैसा गुरुत्वाकर्षण महसूस नहीं होता. ऐसे में उनके विकास, बढ़ने और प्रजनन की प्रक्रिया पर क्या असर पड़ता है, यह वैज्ञानिकों के लिए बड़ा सवाल है.



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