सरकारी केंद्र से सस्ते में मिलेंगे प्रमाणित बीज, बस करना होगा ये काम
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Amethi News: खेती में अच्छी पैदावार के लिए गुणवत्तापूर्ण बीजों का चुनाव जरूरी है. अमेठी में किसानों को सरकारी कृषि केंद्रों के माध्यम से प्रमाणित बीज अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. यहां मिनी किट पर 100 प्रतिशत और अन्य बीजों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है. जानिए सरकारी केंद्र से बीज लेने के लिए कहां पंजीकरण कराना होगा और किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी.
अमेठी: खेती में अच्छी पैदावार के लिए गुणवत्तापूर्ण बीजों का चुनाव करना बेहद जरूरी है. बीज की गुणवत्ता अच्छी होने पर किसानों को बेहतर उत्पादन हासिल करने में मदद मिल सकती है. ऐसे में किसानों के लिए यह जानना जरूरी है कि बाजार में मिलने वाले बीज और सरकारी कृषि केंद्रों पर उपलब्ध बीजों में क्या अंतर है. अमेठी में किसानों को प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के साथ उन पर अनुदान भी दिया जा रहा है, जिससे उन्हें कम कीमत पर अच्छी गुणवत्ता वाले बीज मिल सकें.
अमेठी जिले में वर्तमान समय में 1 लाख 44 हजार 459 हेक्टेयर क्षेत्रफल खेती-किसानी के लिए निर्धारित है. इतनी बड़ी कृषि भूमि पर खेती करने वाले किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों की जरूरत होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि अनुसंधान केंद्र द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार बीज उपलब्ध कराए जाते हैं. इन बीजों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है.
किसान प्रेमचंद विश्वकर्मा ने लोकल 18 को बताया कि सरकारी केंद्रों से मिलने वाले बीज काफी फायदेमंद हैं और उन्हें इन पर भरोसा है. उनके मुताबिक, इन बीजों से बेहतर पैदावार हासिल करने में मदद मिलती है. यहां कुछ फसलों की मिनी किट पूरी तरह निशुल्क दी जाती हैं, जबकि अन्य बीजों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलता है. इन बीजों को वैज्ञानिक विधि से तैयार किया जाता है, जिससे किसानों को खेती में लाभ मिल सकता है. जिले की प्रभारी कृषि रक्षा इकाई के अधिकारी देवेंद्र निरंजन ने बताया कि सरकारी केंद्रों पर मिलने वाले बीज किसानों के लिए उपयोगी हैं. बाजार की तुलना में अनुदान पर बीज मिलने से किसानों की लागत कम हो सकती है. उन्होंने बताया कि बीजों को कई स्तरों पर शोधित किया जाता है, ताकि उनकी गुणवत्ता बनी रहे और बेहतर पैदावार हासिल करने में मदद मिले. केंद्र पर दलहन, तिलहन समेत अन्य फसलों के बीज उपलब्ध कराए जाते हैं. इनका वितरण पारदर्शी तरीके से किया जाता है.
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कृषि कल्याण केंद्र के प्रभारी नरेंद्र तिवारी के मुताबिक, केंद्र पर उपलब्ध बीजों की गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता है. उन्होंने बताया कि मिनी किट पर 100 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है, जबकि अन्य बीजों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलता है. उनके अनुसार, बाजार में 500 रुपये में मिलने वाला बीज सरकारी केंद्र पर करीब 100 रुपये की लागत में उपलब्ध हो सकता है. हालांकि, कीमत बीज की किस्म और योजना के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. नरेंद्र तिवारी ने बताया कि बीज प्राप्त करने के लिए किसानों को केंद्र पर पंजीकरण कराना होता है. इसके बाद उन्हें प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जाते हैं. अनुदान मिलने से किसानों को कम खर्च में बीज खरीदने का अवसर मिलता है.
सरकारी केंद्र से बीज प्राप्त करने के लिए किसानों को सबसे पहले जन सुविधा केंद्र या कृषि विभाग में पंजीकरण कराना होगा. इसके लिए आधार कार्ड, खतौनी, कृषि पंजीकरण और फार्मर हिस्ट्री से जुड़े जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. पंजीकरण पूरा होने के बाद किसान योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगे. बीजों का वितरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा. इसलिए इच्छुक किसानों को समय रहते पंजीकरण कराने और उपलब्धता की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है.