Last Updated:
Railway GK : रेलवे ट्रैक के किनारे लगे C/F और W/L बोर्ड का क्या मतलब होता है? ये संकेत लोको पायलट को आगे रेलवे क्रॉसिंग होने की जानकारी देते हैं और हॉर्न बजाने के लिए सतर्क करते हैं. जानें इन संकेतों का पूरा अर्थ और रेलवे सुरक्षा में इनकी अहमियत.
Railway GK : C/L और W/L रेलवे की सुरक्षा से जुड़ा है.
Railway GK : रेलवे में सिर्फ सफर करना ही दिलचस्प नहीं है. बल्कि उससे जुड़ी कई बातें भी गजब की हैं. क्या आपने कभी रेलवे ट्रैक के किनारे C/F या W/L लिखे बोर्ड देखे हैं? देखने में रहस्यमयी कोड वाले ये बोर्ड रेलवे के कामकाज में बहुत मायने रखते हैं. सुरक्षा सुनिश्चित करने में इनकी अहम भूमिका होती है. दरअसल, ये संकेत लोको पायलट यानी ट्रेन के ड्राइवर को आगे आने वाले रेलवे क्रॉसिंग के बारे में सतर्क करते हैं और हॉर्न बजाने का निर्देश देते हैं.
दिलचस्प बात यह है कि रेल संचालन से जुड़ी ऐसी बातें अक्सर यात्रियों का ध्यान नहीं खींच पातीं. फिर भी, ये हमें उस बारीकी से की गई योजना और सुरक्षा नियमों को समझने और उनकी अहमियत जानने का मौका देती हैं, जो हर रेल यात्रा का आधार होते हैं. जब आप अपनी अगली रेल यात्रा पर निकलें, तो रास्ते में दिखने वाले इन निशानों पर थोड़ा ध्यान दें. ये केवल प्रतीक नहीं हैं, बल्कि ये मूक रक्षक हैं जो रेल पटरियों के विशाल जाल पर सुरक्षित सफर सुनिश्चित करते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से.
W/L का क्या मतलब होता है?
रेलवे ट्रैक के किनारे लगे बोर्ड पर W/L लिखा हो, तो उसका मतलब होता है- Whistle for Level Crossing. हिंदी में इसका मतलब है कि आगे रेलवे क्रासिंग या फाटक है. इसलिए ट्रेन का हॉर्न बजाना जरूरी है. इस बोर्ड को देखकर लोको पायलट आसपास मौजूद लोगों, सड़क पर चलने वाले वाहनों की चेतावनी और पशुओं को ट्रैक से हटाने के लिए हॉर्न बजाता है.
C/F बोर्ड का क्या मतलब है?
रेलवे ट्रैक किनारे बोर्ड पर लिखे हुए C/F का मतलब होता है- सीटी फूंको. मतलब हॉर्न बजाओ. इसे आमतौर पर किसी लेवल क्रॉसिंग से लगभग 250 से 600 मीटर पहले लगाया जाता है. दिचस्प बात यह है कि W/L और C/F का एक ही मकसद होता है, हॉर्न बजाकर आगाह करना. अंतर यह होता है कि W/L पूरे भारत के सभी ट्रैक पर यूनिवर्सल तौर पर लगाया जाता है. जबकि C/F यानी सीटी फूंको वाला बोर्ड मुख्यत: हिंदी भाषी क्षेत्रों में लगाया जाता है.