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Major Garima Yadav UP Governor ADC: ब्यूटी पेजेंट जीता, इटली का इंटरनेशनल मॉडल ऑफर मिला और आईएएस बनने का सपना भी देखा… लेकिन जब देश सेवा का जज्बा जागा तो मेजर गरिमा यादव ने सेना की वर्दी चुनी. सीडीएस में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल करने वाली जांबाज अफसर गरिमा यादव अब UP की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की पहली महिला आर्मी एडीसी बन गई हैं. पढ़िए ब्यूटी क्वीन से राजभवन के इतिहास में नाम दर्ज कराने तक का पूरा सफर.
Major Garima Yadav Story: मेजर गरिमा यादव की सक्सेस स्टोरी काफी दिलचस्प है
नई दिल्ली (Major Garima Yadav UP Governor ADC). इरादे बुलंद हों और देश सेवा का जज्बा सिर चढ़कर बोले तो हर मंजिल आसान हो जाती है. इसकी जीती-जागती मिसाल पेश की है मेजर गरिमा यादव ने. इन्होंने उत्तर प्रदेश के राजभवन में इतिहास रच दिया है. भारतीय सेना की ‘आर्मी सर्विस कॉर्प्स’ (ASC) की अधिकारी मेजर गरिमा यादव यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की पहली महिला ‘एडीसी’ नियुक्त की गई हैं. यह उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार हुआ है.
ADC की क्या जिम्मेदारियां होती हैं?
एडीसी यानी Aide-de-Camp बेहद सम्मानजनक और जिम्मेदारियों से भरा सैन्य पद है. संवैधानिक प्रमुख यानी राज्यपाल या राष्ट्रपति के साथ एक सैन्य अधिकारी को बतौर एडीसी तैनात किया जाता है.
- प्रोटोकॉल और सिक्योरिटी मैनेजमेंट: मेजर गरिमा यादव राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के सभी आधिकारिक दौरों, सैन्य कार्यक्रमों और राजभवन के मुख्य प्रोटोकॉल को मैनेज करती हैं.
- ग्राउंड लेवल पर काम: हाल ही में 21 जुलाई 2026 को मेरठ स्थित ‘मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय’ के निरीक्षण के दौरान भी वह राज्यपाल के साथ हर कदम पर मौजूद थीं. उन्होंने पूरी प्रशासनिक व्यवस्था कोऑर्डिनेट की.
सेंट स्टीफेंस से पढ़ाई और IAS की तैयारी से CDS तक
मेजर गरिमा यादव की शुरुआती पढ़ाई आर्मी पब्लिक स्कूल (दागशाई) से हुई. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के मशहूर सेंट स्टीफेंस कॉलेज से इकोनॉमिक्स में ऑनर्स किया.
- सिविल सर्विसेज का सपना: वह शुरुआत में आईएएस अफसर बनना चाहती थीं. उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दी, लेकिन मेंस क्लियर नहीं हो पाया.
- CDS में रचा इतिहास: हार मानने के बजाय उन्होंने कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज 2017 की परीक्षा दी. पहली ही बार में AIR 2 हासिल की और SSB इंटरव्यू भी पहले ही प्रयास में क्रैक कर लिया.
इटली का ब्यूटी कॉन्टेस्ट ठुकराकर चुनी सेना की वर्दी
मेजर गरिमा यादव ने नवंबर 2017 में ‘इंडियाज मिस चार्मिंग फेस’ का खिताब जीता था. इससे उनकी बहुमुखी प्रतिभा का अंदाजा लगाया जा सकता है.
- अंतरराष्ट्रीय ऑफर को कहा ‘ना’: ब्यूटी कॉन्टेस्ट जीतने के बाद उन्हें इटली में होने वाले इंटरनेशनल ब्यूटी पेजेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला.
- देश सेवा को प्राथमिकता: उन्होंने ग्लैमरस वर्ल्ड का शानदार ऑफर ठुकरा दिया और चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में कठिन सैन्य ट्रेनिंग करने का रास्ता चुना. 9 मार्च 2019 को वह भारतीय सेना में बतौर अफसर कमीशन हुईं.
आर्मी सर्विस कॉर्प्स (ASC) और सैन्य जीवन
कमीशन मिलने के बाद मेजर गरिमा यादव को ‘आर्मी सर्विस कॉर्प्स’ (ASC) में शामिल किया गया.
- क्या काम करती है ASC?: यह भारतीय सेना का महत्वपूर्ण लॉजिस्टिकल अंग है. यह कठिन से कठिन युद्धक्षेत्र या शांति काल में सप्लाई, ईंधन, परिवहन और लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था संभालता है.
- अनुभव: पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने कई ऑपरेशन्स और एडमिनिस्ट्रेटिव रोल्स में बेहतरीन काम किया. इसके दम पर उन्हें 14 सितंबर 2025 को राजभवन में यूपी की पहली महिला आर्मी एडीसी बनाया गया.
लड़कियों के लिए इंस्पिरेशन हैं मेजर गरिमा यादव
मेजर गरिमा यादव अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी मां के अटूट समर्थन को देती हैं. ब्यूटी क्वीन से लेकर राजभवन के इतिहास में नाम दर्ज कराने तक का उनका सफर देश की उन लाखों लड़कियों के लिए बड़ी सीख है, जो असफलता से निराश हो जाती हैं. अगर आप भी मेजर गरिमा यादव की तरह सेना में अधिकारी बनना चाहती हैं तो ग्रेजुएशन के बाद CDS या NCC स्पेशल एंट्री के जरिए आवेदन कर सकती हैं.