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कानपुर अपने लेदर कारोबार के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है. यहां जूते, बेल्ट, जैकेट और बैग जैसे कई उत्पाद तैयार किए जाते हैं. लेकिन बाजार में असली लेदर जैसा दिखने वाला सिंथेटिक सामान भी मिलता है. ऐसे में खरीदारी के समय असली और नकली लेदर की पहचान कैसे करें? कानपुर के लेदर विशेषज्ञ असद इराकी से जानिए कुछ आसान तरीके.
कानपुर की पहचान देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में लेदर कारोबार से भी जुड़ी है. यहां बनने वाले जूते, बेल्ट, जैकेट, बैग और दूसरे लेदर उत्पाद काफी पसंद किए जाते हैं. हालांकि, बाजार में असली लेदर जैसा दिखने वाला सामान सिंथेटिक या नकली लेदर का भी हो सकता है. ऐसे में आम ग्राहकों के लिए खरीदारी के समय यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि उत्पाद वास्तव में असली लेदर का है या नहीं.
कानपुर की पहचान देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में लेदर कारोबार से भी जुड़ी है. यहां बनने वाले जूते, बेल्ट, जैकेट, बैग और दूसरे लेदर उत्पाद काफी पसंद किए जाते हैं. हालांकि, बाजार में असली लेदर जैसा दिखने वाला सामान सिंथेटिक या नकली लेदर का भी हो सकता है. ऐसे में आम ग्राहकों के लिए खरीदारी के समय यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि उत्पाद वास्तव में असली लेदर का है या नहीं.
कानपुर की पहचान देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में लेदर कारोबार से भी जुड़ी है. यहां बनने वाले जूते, बेल्ट, जैकेट, बैग और दूसरे लेदर उत्पाद काफी पसंद किए जाते हैं. हालांकि, बाजार में असली लेदर जैसा दिखने वाला सामान सिंथेटिक या नकली लेदर का भी हो सकता है. ऐसे में आम ग्राहकों के लिए खरीदारी के समय यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि उत्पाद वास्तव में असली लेदर का है या नहीं.
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अगर पूरे उत्पाद पर एक ही पैटर्न बार-बार बिल्कुल एक जैसा दिखाई दे रहा है, तो यह सिंथेटिक मटेरियल का संकेत हो सकता है. इसके अलावा, लेदर की खुशबू से भी पहचान करने में मदद मिल सकती है. असली लेदर में प्राकृतिक और हल्की मिट्टी जैसी गंध आ सकती है, जबकि सिंथेटिक लेदर से प्लास्टिक या केमिकल जैसी गंध महसूस हो सकती है. हालांकि, सिर्फ खुशबू के आधार पर फैसला नहीं करना चाहिए. कुछ लेदर पर फिनिशिंग की वजह से उसकी प्राकृतिक गंध कम हो सकती है. इसलिए खुशबू के साथ दूसरे संकेतों पर भी ध्यान देना बेहतर है.
उत्पाद के किनारों को देखकर भी असली और नकली लेदर के बीच अंतर समझने में मदद मिल सकती है. जहां लेदर कटा हुआ दिखाई देता है, वहां असली लेदर में प्राकृतिक रेशेदार बनावट नजर आ सकती है. वहीं, सिंथेटिक मटेरियल के किनारे पर कपड़े, फोम या प्लास्टिक जैसी परत दिखाई दे सकती है.
असद इराकी के मुताबिक, ग्राहकों को किसी एक टेस्ट पर भरोसा करने के बजाय सभी संकेतों को मिलाकर देखना चाहिए. इसके साथ ही उत्पाद का लेबल पढ़ना भी जरूरी है. ‘PU’, ‘PVC’, ‘synthetic’ या ‘leatherette’ जैसे शब्द सिंथेटिक मटेरियल की ओर इशारा करते हैं. वहीं, केवल ‘leather’ लिखा होने से उसकी गुणवत्ता की पूरी जानकारी नहीं मिलती. इसलिए खरीदारी करते समय सिर्फ चमक और खूबसूरत डिजाइन देखकर फैसला न करें. उत्पाद की बनावट, लचीलापन, खुशबू, किनारों और लेबल को ध्यान से देखकर ही खरीदारी करना बेहतर है.