Coastal Road : समंदर के किनारे-किनारे चलेगा यह रास्ता, ट्रैफिक जाम हटाने के लिए बन रही 6 लेन की सड़क

Coastal Road : समंदर के किनारे-किनारे चलेगा यह रास्ता, ट्रैफिक जाम हटाने के लिए बन रही 6 लेन की सड़क


Last Updated:

Coastal Road in Mumbai : ट्रैफिक जाम की बात करें तो सबसे पहले मुंबई और बैंगलुरु जैसे शहरों का नाम आता है. मुंबई में जाम की समस्या को देखते हुए मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने समंदर के किनारे-किनारे 6 लेन की सड़क बनाना शुरू कर दिया है. इसका 45 फीसदी हिस्सा अब तक तैयार भी हो चुका है. एक बार यह सड़क पूरी हो गई तो खरेगांव टोल नाका से गैमुख तक आना-जाना आसान हो जाएगा.

Zoom

थाणे कोस्टल रोड बनाने का 45 फीसदी काम पूरा हो चुका है.

नई दिल्ली. अथॉरिटी ने घोड़बंदर रोड पर ट्रैफिक जाम से परेशान होने वालों के लिए यह प्रोजेक्ट शुरू किया था. इसके लिए ठाणे कोस्टल रोड- 1 का निर्माण शुरू किया गया था. अथॉरिटी ने 13.45 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का 45 फीसदी काम पूरा कर दिया है. यह सड़क खारेगांव टोल नाका और गायमुख के बीच बनाई जा रही है. इस सड़क को पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड के तौर पर बनाया जा रहा है, जो करीब 6 लेन की होगी.

अथॉरिटी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर 15 महीने पहले काम शुरू हुआ था और अब तक 45 फीसदी काम पूरा हो चुका है. इस प्रोजेक्ट के तैयार होने के बाद ठाणे, भिवंडी, गुजरात, नासिक और उत्तर भारत की ओर जाने वालों के लिए कनेक्टिवटी बेहतर होगी. अभी इस प्रोजेक्ट की नींव, पिलर और ऊंचे हिस्सों को बनाने का काम चल रहा है. अथॉरिटी ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि इस सेक्शन पर 426 पाइल्स में से 332 का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है. इसका मतलब है कि 77 फीसदी काम पूरा हो चुका है. इसी तरह, 426 पिलर में से 277 पिलर यानी 65 फीसदी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है.

थाणे के पास प्रोजेक्ट बनने से ट्रैफिक आसान हो जाएगा.

माल ढुलाई में भी आएगा काम
अथॉरिटी ने बताया कि इस कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इससे मुंबई-नासिक हाईवे पर माल ढुलाई बढ़ाई जा सके. यह रास्ता थाणे से गायमुख तक आवाजाही तो आसान बनाएगा ही, उद्योगों के लिए भी काफी मददगार साबित होगा. इस प्रोजेक्ट के तहत 40 से 45 मीटर चौड़ी रोड बनाई जा रही है. यह प्रोजेक्ट लोकल और इंटरसिटी ट्रैफिक को संभालने में काफी काम आ सकता है. साथ ही घोड़बंदर रोड पर भी जाम कम रहेगा.

फ्लाईओवर और टनल भी बनेगी
अथॉरिटी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत 240 मीटर लंबा क्रीक ब्रिज बनाया जा रहा है और 8.11 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड भी बनाई जाएगी. यह एलिवेटेड रोड मैंग्रोव वाले इलाकों के ऊपर बनाई जाएगी. अथॉरिटी का कहना है कि मैंग्रोव इकोसिस्टम के लिए काफी जरूरी होते हैं. यही वजह है कि सड़क का बड़ा हिस्सा पिलर के जरिये ऊंचे स्थानों पर बनाया जा रहा है. यह प्रोजेक्ट देश का पहला ऐसा ग्रीनफील्ड सड़क प्रोजेक्ट है, जिसमें जमीन पर मोनोपाइल फाउंडेशन के साथ सिंगल पाइल और सिंगल पियर का इस्तेमाल किया गया है.

थाणे से घोड़बंदर तक नया एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है.

किन-किन इलाकों से जुड़ेगी सड़क
ठाणे कोस्टल रोड-1 तैयार होने के बाद यह सड़क सीधे गाइमुख-फाउंटेन होटल टनल से जुड़ जाएगी. इस लिंक रोड से ठाणे और भयंदर के बीच आवाजाही काफी आसान हो जाएगी. इस प्रोजेक्ट से घोड़बंदर रोड पर ट्रैफिक जाम कम हो जाएगा. इसके जरिये जेएनपीटी, वाधवान पोर्ट, कर्नाटक और दक्षिण महाराष्ट्र की ओर माल ढुलाई भी आसान हो जाएगी. भविष्य में ठाणे कोस्टल रोड-2 को ठाणे रिंग रोड, साकेत-अमाने एलिवेटेड कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा.



Source link