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8th Pay Commission : आठवां वेतन आयोग 22 अक्टूबर से मुंबई के दो दिवसीय दौरे पर रहेगा. कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक कर आयोग वेतन, महंगाई भत्ते और पेंशन आदि पर कर्मचारियों की राय सुनेगा. मुंबई में आयोग रेलवे के कामकाज को भी देखेगा.
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा असर लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ने वाला है.
नई दिल्ली. केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन का नए सिरे से निर्धारण करने को आठवां वेतन आयोग बनाया गया है. आयोग अलग-अलग शहरों में जाकर कर्मचारियों और पेंशनर्स से विचार-विमर्श कर रहा है. 8वें वेतन आयोग को अपने गठन के 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपनी हैं. अब आयोग 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में बैठक करेगा. इस बैठक में कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स एसोसिएशनों और रेलवे यूनियनों के साथ आमने-सामने बैठकर महंगाई भत्ते (DA), मकान किराया भत्ते (HRA), पे-मैट्रिक्स और पेंशन संशोधन जैसे मुद्दों पर मंथन होगा.
मुंबई दौरे की सबसे बड़ी खासियत केवल दफ्तरों में बैठकर चर्चा करना नहीं होगी, बल्कि आयोग मध्य रेलवे (CR) जोन के तहत विभिन्न विभागों का दौरा कर सीधे कर्मचारियों के कामकाज की परिस्थितियों का जायजा लेगा. आयोग फील्ड में काम करने वाले ट्रैक मेंटेनर्स की चुनौतियों और जोखिमों को जानेगा और 24 घंटे चलने वाले सिग्नलिंग सिस्टम और कंट्रोल रूम में किस तरह का दबाव रहता है, उसको समझेगा.
50 लाख कर्मचारियों के भविष्य का है सवाल
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा असर लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ने वाला है. इनमें रेलवे और रक्षा क्षेत्र से जुड़े लाखों सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला यह पैनल मुंबई में कर्मचारी यूनियनों, फेडरेशनों और पेंशनर्स प्रतिनिधियों की मांगें सुनेगा. आयोग का मुख्य फोकस यह तय करना है कि DA, महंगाई राहत (DR), HRA और नए पे-मैट्रिक्स में ऐसे कौन से बदलाव किए जाएं जो कर्मचारियों की बढ़ती आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ व्यावहारिक भी हों.
आठवां वेतन आयोग कब देगा अपनी सिफारिश
टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) के अनुसार, 8वें वेतन आयोग को अपने गठन के 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपनी हैं. इस समयसीमा के आधार पर आयोग की अंतिम रिपोर्ट मई 2027 तक आने की उम्मीद है. हालांकि, सिफारिशें सौंपे जाने के बाद केंद्रीय कैबिनेट द्वारा उनकी समीक्षा, स्वीकृति और अंतिम गजट नोटिफिकेशन जारी होने में अतिरिक्त समय लग सकता है. सामान्यतः वेतन आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह अमल में लाने में दो से तीन साल का वक्त लगता है.