यूरोप के 5 देश नर्क की तरह जल रहे, इटली, फ्रांस की दुकानों में लूटपाट
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यूरोप के पांच देश भयानक तरीके से जल रहे हैं. फ्रांस, अल्बानिया, इटली, पुर्तगाल और बेल्जियम में महंगाई, बेरोजगारी, महंगे मकानों और सरकारी सेवाओं की खराब हालत के खिलाफ प्रदर्शन हुए. फ्रांस में करीब 1200 लोग गिरफ्तार किए गए और 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए. अल्बानिया में प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग तेज हुई, जबकि इटली में दुकानों में लूटपाट और आगजनी हुई.
यूरोप के कई देशों में महंगाई, बेरोजगारी, महंगे मकानों और बदहाल सरकारी सेवाओं को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है. शनिवार को फ्रांस, अल्बानिया, इटली, पुर्तगाल और बेल्जियम में विरोध प्रदर्शन हुए. कई जगह मार्च शांतिपूर्ण रहे, लेकिन कुछ शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं. लेकिन हद तो तब हो गई जब आम दुकानदारों को नुकसान पहुंचाया गया. इटली में दुकानों में लूटपाट की गई, सरकारी इमारतों और गाड़ियों में आग लगाई गई. अल्बानिया में प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार पांचवें दिन प्रदर्शन हुए, जबकि फ्रांस में लाखों लोग महंगाई और सरकारी सेवाओं की खराब हालत के खिलाफ सड़कों पर उतरे. यूरोप में फैलती इस अशांति ने सरकारों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पर तंज कसा. उन्होंने कहा,’चलो फ्रांस चलते हैं. यह एक खूबसूरत जगह है. वहां कोई दंगा नहीं, कोई क्रांति नहीं. आप जानते हैं, फ्रांस क्रांति के लिए बहुत ही शानदार जगह लगता है. यह अविश्वसनीय है. चलो फ्रांस चलते हैं और क्रांति में शामिल होते हैं.’
फ्रांस के कई शहरों में आगजनी
फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों की संख्या को लेकर सरकार और मजदूर संगठन के आंकड़ों में अंतर है. गृह मंत्री लॉरां नुनेज के मुताबिक, करीब 5.5 लाख लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जबकि मजदूर संगठन सीजीटी ने यह संख्या 8 लाख बताई. हालांकि, ज्यादातर लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया, लेकिन कई शहरों में हिंसक घटनाएं भी हुईं. लिमोज शहर में नगर भवन में आग लगा दी गई. मार्सिले में प्रदर्शनकारी नगर भवन में घुस गए और दीवारों पर स्प्रे पेंट से नारे लिख दिए. ल्योन में पर्यटक सूचना केंद्र को आग के हवाले कर दिया गया.
Paris engulfed in smoke after a night of massive protests
More than 100,000 people reportedly took to the streets of the French capital. Some protesters set cars and trash bins on fire, built barricades, and smashed property. The press has already dubbed October 17 the “Day of Rage.”
Footage from the streets showed scenes of chaos, with tensions running high. Some protesters even directed threats at President Macron.
“We beheaded Louis XVI! Macron, we can do it again!” read one protest sign.