नवरात्रि के 9वें दिन मां सिद्धिदात्री की करें पूजा, हर काम होगा सफल, जानें माता का प्रिय भोग और मंत्र

नवरात्रि के 9वें दिन मां सिद्धिदात्री की करें पूजा, हर काम होगा सफल, जानें माता का प्रिय भोग और मंत्र


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9वें नवरात्रि पर मां सिद्धिदात्री की करें पूजा, जानें माता का प्रिय भोग-मंत्र

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Navratri 9th Day Puja: नवरात्रि के 9 दिनों में मां भगवती के अलग-अलग रूपों की पूजा होती है. 9वें दिन मां सिद्धिदात्री के पूजन का विशेष महत्व है. जो कोई भक्त माता की सच्चे मन से आराधना और भक्ति करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. उसे हर कार्य में सिद्धि प्राप्त होती है.

उज्जैन. नवरात्रि के 9 दिन देवी दुर्गा की उपासना और साधना के लिए विशेष माने जाते हैं. इन 9 दिनों में मां के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. नवरात्रि का अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री को समर्पित होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों को सिद्धियां प्रदान करने के साथ उनकी मनोकामनाएं पूरी करती हैं. इस दिन विधि-विधान से देवी की पूजा करने और उन्हें प्रिय भोग अर्पित करने का विशेष महत्व है. उज्जैन के पंडित आनंद भारद्वाज ने बताया कि नवरात्रि के 9वें दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना किस प्रकार करनी चाहिए और उन्हें किन चीजों का भोग लगाना शुभ माना जाता है.

पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार, मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति और कार्यों में सफलता प्राप्त होने की मान्यता है. जो श्रद्धालु किसी कारण से नवरात्रि के शुरुआती 8 दिनों में देवी की पूजा नहीं कर पाते, वे 9वें दिन मां सिद्धिदात्री की उपासना कर सकते हैं. मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति से की गई आराधना से देवी की कृपा प्राप्त होती है. भगवान शिव को भी मां सिद्धिदात्री की कृपा से 8 सिद्धियां मिलने की धार्मिक मान्यता प्रचलित है. इनमें अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व शामिल हैं.

अर्धनारीश्वर स्वरूप से भी जुड़ी है मान्यता
मां सिद्धिदात्री का स्वरूप दिव्य और तेजस्वी बताया गया है. देवी की चार भुजाएं हैं और उनका आसन कमल है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री की कृपा से भगवान शिव को 8 सिद्धियां प्राप्त हुई थीं. इसी से जुड़ी मान्यता है कि शिव के स्वरूप में देवी का आधा भाग समाहित हुआ और वह अर्धनारीश्वर कहलाए. मां सिद्धिदात्री की आराधना को ज्ञान, साधना और आध्यात्मिक उन्नति से भी जोड़कर देखा जाता है.

माता को पंचमेवा का लगाएं भोग
पंडित आनंद भारद्वाज बताते हैं कि मां सिद्धिदात्री को सफेद रंग प्रिय माना जाता है. ऐसे में नौवें दिन पूजा के दौरान देवी को सफेद फूल अर्पित किए जा सकते हैं. भोग में मिष्ठान, पंचमेवा और फलों से बनी सामग्री चढ़ाना शुभ माना जाता है. भक्तों को पूजा के दौरान मन को शांत रखकर मां का ध्यान करना चाहिए. मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक की गई उपासना से जीवन में सकारात्मकता आती है और भक्तों को अपने कार्यों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है.

जरूर करें इन मंत्रों का जाप
मां सिद्धिदात्री के पूजन के समय इन दो मंत्रों का जाप जरूर करें.
1- ॐ सिद्धिदात्र्यै नम:।।
2- सर्वभूता यदा देवी स्वर्गमुक्ति प्रदायिनी।
त्वं स्तुता स्तुतये का वा भवन्तु परमोक्तयः।।



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