ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश में जेवर के यमुना सिटी में रियल एस्टेट गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं. नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के बाद एयरपोर्ट के आसपास बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास और आवासीय सुविधाओं की बढ़ती जरूरत के बीच यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में प्लॉट, फ्लैट और स्टूडियो अपार्टमेंट की मांग चर्चा में है. SVG Realty के चेयरमैन और रियल एस्टेट विशेषज्ञ अंकुर मित्तल के मुताबिक, यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के अलग-अलग सेक्टरों में आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं को लेकर डेवलपर्स की दिलचस्पी बढ़ रही है.
अंकुर मित्तल ने बताया कि ग्रेटर नोएडा से जेवर तक यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों ओर विकसित सेक्टरों में सेक्टर-18, सेक्टर-20 और सेक्टर-22 D प्रमुख हैं. इनमें सेक्टर-18 और 20 में यमुना प्राधिकरण की ओर से वर्ष 2009 में आवंटित आवासीय प्लॉटों का बड़ा हिस्सा शामिल है. यहां 300 वर्गमीटर से लेकर 4,000 वर्गमीटर तक के प्लॉट उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत आकार और लोकेशन के हिसाब से अलग-अलग है.
300 वर्गमीटर के प्लॉट की कीमत ढाई करोड़ रुपये तक
उन्होंने आगे बताया कि यमुना सिटी में 300 वर्गमीटर के आवासीय प्लॉट की औसत कीमत करीब दो से ढाई करोड़ रुपये तक बताई जा रही है. वहीं, प्लॉटों की कीमत का आकलन प्रति वर्गफुट के आधार पर करें तो बाजार में लगभग 9,000 से 11,000 रुपये प्रति वर्गफुट तक के रेट बताए जा रहे हैं. हालांकि, वास्तविक कीमत सेक्टर, लोकेशन, प्लॉट की स्थिति और संबंधित संपत्ति की अन्य शर्तों पर निर्भर करती है.
फ्लैटों की मांग, सेक्टर 18 और 22D में डेवलपर्स सक्रिय
यमुना सिटी में केवल प्लॉट ही नहीं, बल्कि अपार्टमेंट परियोजनाओं को लेकर भी गतिविधियां बढ़ी हैं. अंकुर मित्तल के अनुसार, सेक्टर 18 और सेक्टर 22D में कई डेवलपर्स आवासीय परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं. सेक्टर 18 में Eldeco और SKA जैसे डेवलपर्स की मौजूदगी के साथ SVG Realty भी इस क्षेत्र में परियोजना लेकर आई है.
अंकुर मित्तल ने कहा कि 3 बीएचके फ्लैटों के लिए 1,500 से 1,700 वर्गफुट तक के आकार देखने को मिल रहे हैं. इन फ्लैटों की कीमत लगभग 10,000 से 10,500 रुपये प्रति वर्गफुट के आसपास बताई गई है. कुछ परियोजनाओं में भुगतान के लिए किस्तों की सुविधा भी उपलब्ध है. बाजार में खरीदारों की पसंद और परियोजना की सुविधाओं के अनुसार कीमतों में अंतर हो सकता है.
स्टूडियो अपार्टमेंट और कमर्शियल प्रॉपर्टी पर भी नजर
अंकुर मित्तल ने जानकारी दी कि यमुना सिटी में आवासीय विकास के साथ स्टूडियो अपार्टमेंट और व्यावसायिक संपत्तियों को लेकर भी संभावनाएं बन रही हैं. एयरपोर्ट के आसपास होटल और स्टूडियो अपार्टमेंट जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं. इनका उद्देश्य ऐसे लोगों की जरूरतों को पूरा करना है, जिन्हें कामकाज, कारोबार या यात्रा के सिलसिले में क्षेत्र में कुछ समय के लिए ठहरने की सुविधा चाहिए.
बताया कि स्टूडियो अपार्टमेंट की कीमत करीब 10,000 रुपये प्रति वर्गफुट बताई जा रही है, जबकि कमर्शियल प्रॉपर्टी के रेट लगभग 15,000 से 20,000 रुपये प्रति वर्गफुट तक हैं. फिलहाल इस क्षेत्र में कमर्शियल विकास आवासीय गतिविधियों की तुलना में सीमित है, लेकिन भविष्य में आबादी, कारोबार और सेवाओं की जरूरत बढ़ने के साथ इस क्षेत्र में विस्तार की संभावना है.
औद्योगिक सेक्टरों में भी बढ़ रही गतिविधियां
बताया कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक विकास भी रियल एस्टेट बाजार को प्रभावित कर रहा है. अंकुर मित्तल के मुताबिक, सेक्टर 28 और सेक्टर 29 जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में कई इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं. औद्योगिक भूखंडों की रीसेल कीमत लगभग 35,000 से 40,000 रुपये प्रति वर्गमीटर है. कहा कि कीमतों में भूखंड की लोकेशन, आकार और अन्य शर्तों के अनुसार अंतर हो सकता है.
कहा कि, यमुना सिटी का रियल एस्टेट बाजार आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक विकास के अलग-अलग चरणों से गुजर रहा है. जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी गतिविधियों, कनेक्टिविटी और उद्योगों के विस्तार के बीच सेक्टर 18, 20, 22D, 28 और 29 पर बाजार की नजर बनी हुई है. कहा कि हालांकि, किसी भी संपत्ति में निवेश से पहले खरीदारों को प्राधिकरण के नियमों, परियोजना की मंजूरी, भुगतान शर्तों और वास्तविक बाजार मूल्य की स्वतंत्र जांच करनी चाहिए.