छठी मइया के बाद दुर्गा मां की आस्था में डूबीं अक्षरा सिंह, दिखाई असली नारी शक्ति, धारण किया विकराल रूप


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Akshara Singh New Song: अक्षरा सिंह का बिहार में आई बाढ़ पर एक गाना रिलीज हुआ था. कुछ दिन पहले आए इस गीत में अक्षरा सिंह ने बिहार का दर्द बयां किया था. अब कुछ दिन के अंदर ही दुर्गा सप्तमी के मौके पर सिंगर ने मां कालरात्रि को समर्पित गाना रिलीज किया. इस गाने में दुर्गा मां के लिए भक्ति और मां की शक्ति साफ झलकती है.

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छठी मइया के बाद दुर्गा मां की आस्था में डूबीं अक्षरा सिंह, दिखाई असली शक्तिZoom

अक्षरा सिंह ने मां दुर्गा के लिए नया गाना रिलीज किया. (फोटो साभार यूट्यूब ग्रैब)

नई दिल्ली. भोजपुरी सुपरस्टार अक्षरा सिंह का लेटेस्ट गाना बिहार में आई बाढ़ पर आधारित था. इस गाने में बिहार के हालात दर्शाये गए थे. इस गाने को अक्षरा सिंह ने गाया था और इसके वीडियो में वो बाढ़ प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचाते दिख रही थीं. इस गाने में अक्षरा सिंह दुर्गा मां और छठी मइया की भक्ति में डूबी दिख रही थीं. इस गाने की रिलीज के कुछ दिन बाद ही अक्षरा सिंह ने दुर्गा मां की शक्ति को एक और गाना अर्पित किया है. अपने इस लेटेस्ट सॉन्ग में अक्षरा सिंह मां दुर्गा की शक्ति का गुणगान करती हैं.

अक्षरा सिंह की आवाज में इस गाने को एक्ट्रेस और सिंगर के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है. अक्षरा सिंह के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर गाने को दुर्गा सप्तमी यानी 17 अक्टूबर को मौके पर रिलीज किया गया. इस गीत में मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की शक्ति को केंद्र में रखा गया है.

अक्षरा सिंह ने दुर्गा सप्तमी पर रिलीज किया था नया गाना

मां कालरात्रि को साहस, निर्भीकता और दुष्टों के संहार का प्रतीक माना जाता है. गाने के जरिए इसी स्वरूप को महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मरक्षा से जोड़ने की कोशिश की गई है. गीत का संदेश है कि महिलाओं को सिर्फ त्याग, ममता और सहनशीलता तक सीमित करके नहीं देखना चाहिए. अक्षरा सिंह अपने गाने में कहती हैं कि महिलाओं को सिर्फ त्याग और ममता की मूरत नहीं होना चाहिए. समय और जरूरत के अनुसार महिलाओं को अनन्या के खिलाफ आवाज भी उठानी चाहिए और अपने हक के लिए लड़ना चाहिए.

अक्षरा सिंह के नए गाने में दिखी भक्ति और शक्ति

अक्षरा सिंह अपने गाने में कहती हैं कि दुर्गा मां से सीखना चाहिए कि समय पर धूल कैसे चटानी है. वो कहती हैं कि महिलाओं को चंडी और काली का रौद्र रूप भी धारण कर लेना चाहिए. गाने के बोल महिलाओं को अपनी ताकत पहचानने और गलत व्यवहार का विरोध करने की प्रेरणा देते हैं.

सप्तमी के मौके पर रिलीज हुए इस गाने में महिलाओं को शक्ति का रौद्र और विकराल रूप धारण करने के लिए कहा गया है. इस गाने में अक्षरा सिंह का अंदाज काफी दमदार है. उनके हाव-भाव और प्रस्तुति में देवी शक्ति का प्रभाव दिखाई देता है. गाने के बोल भी सीधे तौर पर आत्मसम्मान और अन्याय का जवाब देने की बात करते हैं. भोजपुरी संगीत में देवी गीतों की अपनी खास जगह रही है, लेकिन यह गीत भक्ति के साथ सामाजिक संदेश देने की कोशिश भी करता है.



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