कोटा एक्सप्रेसवे हादसा: बैतूल पहुंचे 7 शव, कहीं पति-पत्नी तो कहीं पिता-पुत्र की साथ जलीं चिताएं


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Rajasthan Kota Expressway Accident: राजस्थान के कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में मध्य प्रदेश के 8 लोगों की मौत हो गई. मृतकों के शव बैतूल पहुंचते ही 4 गांवों में 7 चिताएं जलने से मातम पसर गया. दुर्गा अष्टमी और दीपावली की खुशियां शोक में बदल गईं.

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कोटा एक्सप्रेसवे हादसा: बैतूल के मुलताई पहुंचे 7 शव, 4 गांवों में पसरा मातम  Zoom

बैतूल के मुलताई में शव जलने से पसरा मातम.

Betul News: भोपाल से खाटू श्यामजी जा रही एक टेम्पो ट्रैवलर 17 अक्टूबर की सुबह करीब 6 बजे भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई थी. राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कराड़िया टोल के पास यह वाहन अनियंत्रित होकर पुलिया से करीब 15 फीट नीचे जा गिरा था. इस हादसे में मध्य प्रदेश के बैतूल के 7 लोगों की जान चली गई.

8 लोगों की मौत और 17 यात्री घायल
इस दर्दनाक हादसे में मध्य प्रदेश के 8 लोगों की जान चली गई. मृतकों में बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र के 7 नागरिक और भोपाल का 1 व्यक्ति शामिल है. इस दुर्घटना में 17 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए थे.

4 गांवों में पहुंचे शव, पसर गया मातम
हादसे के बाद रविवार 18 अक्टूबर को जब मृतकों के पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांवों में पहुंचे तो पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई. बैतूल जिले के मुलताई ब्लॉक अंतर्गत आने वाले घाट बिरोली, खेड़ी रामोसी, सिरखेड़ और सर्रा गांवों में गहरा मातम छा गया है.

पिता-पुत्र और पति-पत्नी की एक साथ जलीं चिताएं
इस हादसे ने कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है. खेड़ी रामोसी गांव में एक ही परिवार के पिता और पुत्र की चिताएं एक साथ जलीं. वहीं, सिरखेड़ गांव में पति और पत्नी का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया. इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर अंतिम विदाई में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं.

त्योहारों की खुशियां मातम में बदलीं
दुर्गा अष्टमी और आगामी दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले जिन घरों में त्योहार की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब अपनों को खोने का असहनीय दर्द पसरा है. मुलताई क्षेत्र के इन गांवों में खुशियों का माहौल अचानक गहरे शोक में बदल गया है.



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