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बांग्लादेश के पूर्व एयर चीफ मार्शल शेख अब्दुल हन्नान को कतर में गिरफ्तार किया गया है. बांग्लादेश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग के मुताबिक, उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति जुटाने के आरोप हैं. दूसरी ओर, सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी दिए जाने के मामले में ढाका ने सऊदी राजदूत से विस्तृत जानकारी मांगी है.
तारिक रहमान. (Reuters)
Bangladesh News: बांग्लादेश की राजनीति और विदेश संबंधों से जुड़ी दो घटनाओं ने सरकार को चर्चा के केंद्र में ला दिया है. बांग्लादेश एयरफोर्स के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल शेख अब्दुल हन्नान को कतर में गिरफ्तार किए जाने की खबर है. ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (ACC) के मुताबिक, यह गिरफ्तारी भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में हुई है. यानी यह ऐसी गिरफ्तारी है जो खुद बांग्लादेश की सरकार चाहती थी कि हो जाए. दूसरी तरफ, सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को मौत की सजा दिए जाने के मामले में ढाका ने सऊदी सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी है. हालांकि सऊदी के राजदूत को तलब नहीं किया गया था.
कतर में कब हुई गिरफ्तारी?
बांग्लादेश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग के सचिव सैदुर रहमान खान ने रविवार को बताया कि कतर के कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने एयर चीफ मार्शल शेख अब्दुल हन्नान को गुरुवार को गिरफ्तार किया था. आयोग को इस गिरफ्तारी की जानकारी इंटरपोल ने ईमेल के जरिए दी. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि हन्नान को कतर में किस जगह और किन परिस्थितियों में गिरफ्तार किया गया. उन्हें बांग्लादेश वापस लाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी जानकारी भी सामने नहीं आई है. हन्नान और उनकी पत्नी ताहमिदा बेगम के खिलाफ जुलाई 2025 में भ्रष्टाचार निरोधक आयोग ने दो अलग-अलग मामले दर्ज किए थे. दोनों पर अपनी घोषित आय से अधिक संपत्ति जुटाने और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के आरोप हैं.
क्या है विवाद का कारण?
भ्रष्टाचार निरोधक आयोग की ओर से दर्ज मामले के मुताबिक, शेख अब्दुल हन्नान पर वैध आय से अधिक 3 करोड़ 28 लाख 51 हजार 506 टका की संपत्ति इकट्ठा करने का आरोप है. इसके अलावा, उनके नाम पर संचालित छह बैंक खातों के जरिए करीब 27 करोड़ 63 लाख 66 हजार 701 टका के संदिग्ध लेनदेन का भी आरोप लगाया गया है. इन मामलों में भ्रष्टाचार निरोधक आयोग अधिनियम, मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई.
उनकी पत्नी ताहमिदा बेगम पर भी अपनी ज्ञात आय से अधिक 1 करोड़ 91 लाख 90 हजार 304 टका की संपत्ति जुटाने का आरोप है. आयोग के मामले में उनके नाम पर 32 बैंक खातों के जरिए करीब 1 करोड़ 18 लाख टका के संदिग्ध लेनदेन का भी जिक्र है. इस मामले में ताहमिदा बेगम को मुख्य आरोपी बनाया गया, जबकि शेख अब्दुल हन्नान पर पत्नी को कथित तौर पर अवैध संपत्ति जुटाने में मदद करने का आरोप है.
सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सजा
इसी बीच, सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी दिए जाने का मामला भी चर्चा में है. बांग्लादेश सरकार ने रविवार को इस मुद्दे पर सऊदी अरब से विस्तृत जानकारी मांगी. बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, विदेश सचिव (पूर्व एवं पश्चिम) डॉ. मोहम्मद नजरुल इस्लाम ने सऊदी अरब के राजदूत डॉ. अब्दुल्ला जफर बिन अबियाह के साथ बैठक में दोनों नागरिकों को फांसी दिए जाने का मुद्दा उठाया. हालांकि, बांग्लादेश के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस बैठक को राजदूत को औपचारिक रूप से तलब करना नहीं कहा जा सकता. ढाका ने मामले पर जानकारी मांगी है, लेकिन साथ ही भरोसा जताया कि इस घटना से दोनों देशों के मजबूत द्विपक्षीय संबंध प्रभावित नहीं होंगे.