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UP Voter List: यूपी चुनाव 2027 से पहले वोटर लिस्ट पर सपा का एक्शन प्लान जमीन पर उतर गया है. अखिलेश यादव ने कहा था कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता हर विधानसभा में 27000 वोट जुड़वाएंगे या 27 हजार वोट हटवाएंगे. सपा कार्यकर्ता पीडीए प्रहरी बनकर अब बूथ-बूथ पहुंच कर कटे नामों को जुड़वाने से लेकर फर्जी वोटरों की पहचान करना शुरू कर दिया है.
UP Voter List: यूपी चुनाव 2027 से पहले वोटर लिस्ट को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. चुनाव आयोग की तरफ से आज यानी 17 अक्टूबर 2026 से लेकर 24 अक्टूबर 2026 तक विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है. इसका मकसद पात्र नागरिकों और पहली बार वोट देने वाले युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करना. इस मौके को समाजवादी पार्टी ने अपने ही अंदाज में भुनाना शुरू कर दिया है. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इसके लिए पीडीए प्रहरियों से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है. अखिलेश ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी बूथ पर अपात्र या फर्जी नाम न जुड़ें और सभी पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल हों. समाजवादी पार्टी ने बूथ स्तर पर मतदाताओं के नामों की जांच और सत्यापन के लिए ‘PDA प्रहरी’ अभियान क्या हर विधानसभा सीट पर 27000 वोटरों के नाम जुड़वाएगा या फिर 27000 वोटरों को नाम कटवाएगा?
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अखिलेश यादव की सपा का फोकस हर विधानसभा सीट पर 27 हजार अतिरिक्त वोट जुटाने पर बताया जा रहा है. 2022 में सपा 27 हजार से कम वोटों के अंतर से 141 सीटों पर हारी थी. इनमें 8 सीटों पर अंतर 1 हजार से कम और 45 सीटों पर 20 से 27 हजार के बीच था. सपा का लक्ष्य बूथ स्तर पर हर बूथ से 300 नए सदस्य जोड़कर वोट बढ़ाना है. 2022 में बीजेपी को करीब 3.80 करोड़ और सपा को करीब 2.95 करोड़ वोट मिले थे. 403 सीटों पर 27 हजार अतिरिक्त वोट का लक्ष्य करीब 1.08 करोड़ वोट बैठता है. अब सबसे बड़ी चुनौती इस चुनावी गणित को बूथ स्तर पर वास्तविक वोटों में बदलने की होगी. अब क्योंकि चुनाव आय़ोग की विशेष मुहीम शुरू है, ऐसे में अखिलेश अपने 27 हजार वाले दावे को पूरा करने के लिए पीडीए प्रहरी को मैदान में उतार दिया है.
BLO से मतदाता सूची लेकर नामों का सत्यापन
समाजवादी पार्टी के इस अभियान में बूथ स्तर पर कार्यकर्ता सक्रिय हैं. वे बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से मतदाता सूची प्राप्त कर उसमें दर्ज नामों का सत्यापन कर रहे हैं. साथ ही, जिन मतदाताओं के नाम सूची से गायब हैं, उनके नाम हटाए जाने की वजह जानने की भी कोशिश की जा रही है. इस दौरान यह पता लगाने पर जोर दिया जा रहा है कि किन मतदाताओं के नाम सूची में मौजूद हैं और किनके नाम हटाए गए हैं. पार्टी का प्रयास है कि पात्र मतदाता का नाम किसी कारणवश सूची से छूट गया है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा शामिल कराया जाए.
दीपक रंजन श्रीवास्तव संभाल रहे अभियान की कमान
इसके अलावा, मतदाता सूची में कथित फर्जी नामों को शामिल होने से रोकने के लिए भी निगरानी की जा रही है. सपा कार्यकर्ता विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से जुड़ी विसंगतियों की पहचान करने में जुटे हैं. इस अभियान का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता दीपक रंजन श्रीवास्तव कर रहे हैं. उनके साथ पार्टी के कार्यकर्ता भी बूथ स्तर पर मतदाता सूची की जांच में जुटे हैं. अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में नामों की स्थिति का पता लगाना, हटाए गए नामों के कारणों की जानकारी जुटाना और पात्र मतदाताओं को नाम दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया में मदद करना है.
यूपी चुनाव में सपा अध्यक्ष सीएम योगी पर सीधे हमले करने से बचते हुए दिख रहे हैं.
2027 के चुनाव से पहले मतदाता सूची पर नजर
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का मुद्दा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है. बूथ स्तर पर मतदाताओं के नामों का सत्यापन राजनीतिक दलों के लिए चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा है. ऐसे में सपा का ‘PDA प्रहरी’ अभियान मतदाता सूची की निगरानी और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की पार्टी की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
हालांकि, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधित करने का अंतिम निर्णय निर्वाचन अधिकारियों द्वारा निर्धारित नियमों और सत्यापन प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है. इसलिए जिन मतदाताओं के नाम सूची में नहीं हैं, उन्हें संबंधित निर्वाचन अधिकारी या आधिकारिक मतदाता सेवा के माध्यम से अपनी स्थिति की जांच करानी चाहिए. अब देखना होगा कि ‘PDA प्रहरी’ अभियान के तहत सपा कितने बूथों पर मतदाता सूची का सत्यापन करती है और नामों से जुड़ी शिकायतों को निर्वाचन अधिकारियों तक पहुंचाने में उसकी क्या भूमिका रहती है.