कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इन दिनों युवाओं, छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को खूब उठाते रहे हैं. वह लगातार ही विभिन्न कॉलेजों में जाकर छात्रों की गूंज जैसे कार्यक्रम भी करते रहे हैं. इन कार्यक्रमों में छात्रों की भीड़ को बहुत दिखी, तो जब बात वोट देने की आती है, तो नतीजे कुछ और ही दिख रहे हैं. ओडिशा में आठ साल बाद हुए छात्रसंघ चुनावों में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) का प्रदर्शन काफी हद तक निराशाजनक ही रहा है. इन चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपने झंडे गाड़ दिए हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े इस छात्र संगठन ने राज्य के 13 यूनिवर्सिटीज़ में से आठ में जीत का दावा किया है. दूसरी ओर, बीजू जनता दल (BJD) की छात्र इकाई बीजू छात्र जनता दल (BCJD) ने राज्य के कॉलेज छात्रसंघों में 55 से 60 प्रतिशत सीटें जीतने का दावा किया है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति Gen Z के भरोसे का संकेत बताया है. वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ABVP की जीत को ‘राष्ट्र-विरोधी ताकतों को करारा जवाब’ करार दिया.
दरअसल ओडिशा में 15 अक्टूबर को 346 कॉलेजों और 13 यूनिवर्सिटीज़ में छात्रसंघ चुनाव कराए गए. राज्य में इससे पहले 2017 में छात्रसंघ चुनाव हुए थे. चुनावों में एबीवीपी और बीजेडी की छात्र इकाई बीसीजेडी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. वहीं कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI ने भी कुछ संस्थानों में जीत का दावा किया है.
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एबीवीपी की ओडिशा यूनिट की सचिव दीप्तिमयी प्रतिहारी ने दावा किया कि उनके संगठन ने आठ विश्वविद्यालयों में जीत दर्ज की. संगठन ने अध्यक्ष पद पर आठ, उपाध्यक्ष पद पर आठ, सचिव पद पर 10 और सहायक महासचिव पद पर 11 जीत का दावा किया. ABVP ने उत्कल यूनिवर्सिटी में पूरे पैनल पर जीत का दावा किया. संगठन के अनुसार, रेवेनशॉ विश्वविद्यालय में अध्यक्ष पद को छोड़कर अन्य सभी पदों पर उसके उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की.
NSUI ने 30 कॉलेजों में अध्यक्ष पद जीतने का दावा किया
कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने दावा किया कि उसके उम्मीदवारों ने 30 कॉलेजों में अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की. संगठन ने यह भी कहा कि वह अन्य 80 संस्थानों में दूसरे स्थान पर रहा.
उधर विपक्षी बीजू जनता दल (BJD) की छात्र इकाई बीजू छात्र जनता दल (BCJD) ने दावा किया कि उसने राज्य के कॉलेज छात्रसंघों में 55 से 60 प्रतिशत सीटों पर जीत दर्ज की है. बीसीजेडी की अध्यक्ष इप्सिता साहू ने कहा कि उनके संगठन ने रमा देवी महिला विश्वविद्यालय और रेवेनशॉ विश्वविद्यालय सहित कई प्रमुख संस्थानों में जीत हासिल की. उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य के अधिकांश महिला कॉलेजों में BJD समर्थित उम्मीदवारों को सफलता मिली.
‘राष्ट्र-विरोधी ताकतों को जवाब’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को ABVP की जीत पर बधाई देते हुए इसे ‘राष्ट्र-विरोधी ताकतों को करारा जवाब’ बताया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने कहा कि पहले पंजाब विश्वविद्यालय, फिर दिल्ली विश्वविद्यालय और अब ओडिशा में ABVP की जीत यह संदेश देती है कि देश के युवा ‘नेशन फर्स्ट’ यानी राष्ट्र प्रथम की विचारधारा के साथ खड़े हैं.
Gen Z को पीएम मोदी पर भरोसा
अमित शाह ने अपने बयान में उन ताकतों का भी जिक्र किया, जिन पर उन्होंने झूठ, भ्रम और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया. उन्होंने चुनावी नतीजों को राष्ट्र प्रथम की विचारधारा के समर्थन के रूप में पेश किया. वहीं ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी ABVP के प्रदर्शन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति युवाओं के विश्वास से जोड़ा. उन्होंने चुनावी नतीजों को Gen Z के रुझान का संकेत बताया.
वैसे ओडिशा में छात्रसंघ चुनाव औपचारिक रूप से राजनीतिक दलों के आधार पर नहीं कराए जाते, लेकिन प्रमुख दल अपने समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में खड़े होते हैं. सत्तारूढ़ भाजपा समर्थित ABVP, विपक्षी BJD की छात्र इकाई BCJD और कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI के उम्मीदवारों ने चुनाव में हिस्सा लिया. आठ साल के अंतराल के बाद हुए इन चुनावों को राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति की वापसी के तौर पर भी देखा जा रहा है.