IIT vs NIT Fees Placement: क्या आईआईटी और एनआईटी सरकारी इंजीनियरिंग संस्थान हैं? दोनों की फीस और प्लेसमेंट में जानिए अंतर


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IIT vs NIT Fee Structure: आईआईटी और एनआईटी, दोनों ही इंजीनियरिंग संस्थान सरकारी हैं. लेकिन दोनों की फीस और प्लेसमेंट में थोड़ा अंतर होता है. जहां आईआईटी का औसतन पैकेज 20-30 लाख है, वहीं एनआईटी का 10-15 लाख रुपये रहता है. जानिए आईआईटी और एनआईटी में से कौन सा संस्थान आपके लिए बेहतर रहेगा.

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क्या IIT और NIT सरकारी संस्थान हैं? दोनों की फीस और प्लेसमेंट में जानिए अंतरZoom

IIT vs NIT Fee Structure: आईआईटी और एनआईटी के बीच फीस और प्लेसमेंट का अंतर है

नई दिल्ली (IIT vs NIT Fee Structure). हर साल लाखों युवा देश के टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों यानी IIT (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) या NIT (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) में एडमिशन का सपना देखते हैं. जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड की तैयारी के दौरान स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स के मन में सवाल रहते हैं कि क्या ये दोनों संस्थान सरकारी हैं? दोनों की फीस में कितना फर्क है और किस जगह से पढ़ाई करने के बाद नौकरी के बेहतर मौके यानी शानदार प्लेसमेंट मिलता है?

अगर आप जेईई 2027 की तैयारी कर रहे हैं तो परीक्षा से पहले दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों- आईआईटी और एनआईटी की ABCD समझना बेहद जरूरी है. एजुकेशन सिस्टम, सालाना खर्च, सरकारी रियायतों से लेकर कैंपस प्लेसमेंट के आंकड़ों तक, आईआईटी और एनआईटी के बीच कई तरह के बारीक अंतर हैं. समझिए इंजीनियरिंग संस्थानों- आईआईटी और एनआईटी की फीस का गणित और किस संस्थान का पलड़ा प्लेसमेंट के मामले में भारी रहता है.

क्या IIT और NIT सरकारी हैं? जानिए दोनों के बीच अंतर

आईआईटी और एनआईटी, दोनों ही संस्थान भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले ऑटोनोमस और सेंट्रली फंडेड संस्थान हैं. इन्हें देश में ‘राष्ट्रीय महत्व के संस्थान’ (Institutes of National Importance) का दर्जा हासिल है.

  • IITs: इनकी स्थापना 1950 के दशक से शुरू हुई थी. इनमें एडमिशन पाने के लिए जेईई मेन पास करने के बाद जेईई एडवांस्ड में भी बेहतरीन रैंक हासिल करनी होती है.
  • NITs: इन्हें पहले रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज (REC) के नाम से जाना जाता था. फिर बाद में NIT का दर्जा मिला. इनमें दाखिला जेईई मेन की मेरिट लिस्ट और ऑल इंडिया रैंक के आधार पर होता है.

IIT vs NIT: फीस का गणित

दोनों संस्थानों की कुल फीस में बहुत बड़ा अंतर नहीं है:

  • आईआईटी की फीस: IIT में 4 साल के बीटेक कोर्स की कुल ट्यूशन फीस और हॉस्टल/अन्य खर्च मिलाकर लगभग 8 लाख से 12 लाख रुपये के बीच हिसाब पड़ेगा.
  • एनआईटी की फीस: एनआईटी में 4 साल की पढ़ाई का कुल खर्च आमतौर पर 5 लाख से 8 लाख रुपये के आस-पास बैठता है.

काम की जानकारी (फीस माफी की व्यवस्था): अगर आप जनरल, EWS या OBC-NCL वर्ग से हैं और परिवार की सालाना आय 1 लाख रुपये से कम है तो IIT और NIT दोनों में ही ट्यूशन फीस 100% माफ (Tuition Fee Waiver) हो जाती है. वहीं 1 से 5 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों के बच्चों को ट्यूशन फीस में 2/3 (लगभग 66.6%) की छूट मिलती है. SC, ST और दिव्यांग (PwD) वर्ग के स्टूडेंट्स के लिए ट्यूशन फीस शून्य होती है.

प्लेसमेंट का महामुकाबला: कहां मिलती है बेहतर जॉब और बड़ा पैकेज?

जब बात प्लेसमेंट पैकेज और इंटरनेशनल जॉब्स की आती है तो IITs का पलड़ा NITs की तुलना में थोड़ा भारी नजर आता है.

  • IIT प्लेसमेंट रिकॉर्ड: देश के टॉप और पुराने आईआईटी (जैसे IIT बॉम्बे, दिल्ली, कानपुर, खड़गपुर) में औसतन सालाना सैलरी पैकेज 20 लाख से 30 लाख रुपये के बीच रहता है. यहां Google, Microsoft, Apple, Meta और Amazon जैसी दिग्गज ग्लोबल कंपनियां कैंपस सिलेक्शन के लिए आती हैं और इंटरनेशनल पोस्टिंग के मौके भी ज्यादा मिलते हैं.
  • NIT प्लेसमेंट रिकॉर्ड: टॉप एनआईटी (जैसे NIT त्रिची, सुरथकल, वारंगल) का प्रदर्शन भी बेहद शानदार है. एनआईटी में औसतन पैकेज 10 लाख से 15 लाख रुपये प्रति वर्ष रहता है. टॉप एनआईटी में भी देश-विदेश की बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां अच्छी संख्या में रिक्रूटमेंट के लिए पहुंचती हैं.

अब आप जेईई की तैयारी, मार्क्स, रैंक और फीस के लिए बजट के हिसाब से आईआईटी और एनआईटी में से बेस्ट का चयन कर सकते हैं.



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