10वीं क्लास में शुरू किया बिजनेस, कोविड में पैदल चल-चलकर घर-घर पहुंचाया शहद, हिमाचल के निक्षय चौहान की कहानी

10वीं क्लास में शुरू किया बिजनेस, कोविड में पैदल चल-चलकर घर-घर पहुंचाया शहद, हिमाचल के निक्षय चौहान की कहानी


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10th Grade Student Builds Business: शिमला के निक्षय चौहान ने 10वीं कक्षा में ‘हिमरास नेचुरल’ ब्रांड की शुरुआत कर शहद बेचना शुरू किया था. आज उनका यह बिजनेस जैम और चटनी तक फैल चुका है और पिछले साल कंपनी का टर्नओवर करीब 40 लाख रुपये रहा.

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दिल्ली. शिमला के निक्षय चौहान ने जिस उम्र में अपना करियर बनाने के बारे में सोचना शुरू किया, उसी उम्र में उन्होंने अपना बिजनेस खड़ा करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया. 10वीं क्लास में पढ़ाई के दौरान उन्होंने शहद बेचने से शुरुआत की. आज उनका ब्रांड Himras Natural शहद के अलावा जैम, चटनी और हिमाचल के दूसरे उत्पादों से भी जुड़ा है. निक्षय अपने उत्पादों को दिल्ली हाट में भी बेच चुके हैं. उनके मुताबिक, पिछले साल कंपनी का टर्नओवर करीब 40 लाख रुपये रहा.

मां के नाम पर शुरू किया ब्रांड
निक्षय बताते हैं कि उन्होंने 10वीं क्लास में Himras Natural की शुरुआत की थी. कंपनी का रजिस्ट्रेशन और दूसरे जरूरी दस्तावेज उनकी मां के नाम पर हैं. शुरुआत में उन्होंने केवल शहद पर ध्यान दिया. वह शिमला के सेंट एडवर्ड्स स्कूल में पढ़ते थे. उन्होंने अपने स्कूल के शिक्षकों को शहद के सैंपल दिए, जहां से उन्हें अच्छा फीडबैक मिला. इसके बाद प्री-ऑर्डर आने लगे और उन्हें अपना काम आगे बढ़ाने का हौसला मिला.

कोविड में पैदल जाकर पहुंचाया सामान
निक्षय के लिए शुरुआती दौर आसान नहीं था. कोविड के दौरान जब गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई, तब भी उन्होंने ग्राहकों तक सामान पहुंचाना बंद नहीं किया. वह बैग लेकर घरों में डिलीवरी करने जाते थे. कई बार उन्हें पैदल चलकर ऑर्डर पहुंचाने पड़े. इस दौरान उन्हें समझ आया कि बिजनेस में केवल अच्छा प्रोडक्ट बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि ग्राहक तक उसे पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है.

शहद से जैम और चटनी तक बढ़ा कारोबार
12वीं क्लास में निक्षय ने फूड प्रोसेसिंग की ट्रेनिंग ली. इसके बाद उन्होंने जैम, चटनी और जूस जैसे उत्पादों की दिशा में भी काम किया. उनके ब्रांड के लिए शहद सीधे मधुमक्खी पालकों से लिया जाता है. निक्षय बताते हैं कि शहद का स्वाद और उसकी विशेषताएं उन फूलों पर निर्भर करती हैं, जिनसे मधुमक्खियां रस इकट्ठा करती हैं.

दिल्ली हाट में भी लगाए स्टॉल
अपने उत्पादों को अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए निक्षय दिल्ली हाट में भी दुकान लगा चुके हैं. यहां उन्होंने हिमाचल के उत्पादों को ग्राहकों के सामने पेश किया. फिलहाल उनका कारोबार ऑनलाइन और थोक सप्लाई के जरिए भी चलता है. हालांकि, मांग और उपलब्धता के कारण कई उत्पाद कभी-कभी आउट ऑफ स्टॉक हो जाते हैं.

टर्नओवर से ज्यादा जरूरी है कैश फ्लो
निक्षय के मुताबिक, उनकी कंपनी का पिछले साल का टर्नओवर करीब 40 लाख रुपये रहा. उनका मानना है कि बिजनेस में केवल बिक्री का आंकड़ा देखना पर्याप्त नहीं है. यह भी जरूरी है कि पैसा समय पर मिले, ताकि सामान खरीदने, डिलीवरी और दूसरे खर्चों को संभाला जा सके.



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