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मध्य प्रदेश में घर गिराए जाने की वजह से आदिवासी नाराज थे. इसी वजह से वह सीहोर से भोपाल पैदल मार्च निकाल रहे थे. लेकिन अब उन्होंने अपना पैदल मार्च स्थगित कर दिया है. इसके अलावा वापस लौटने लगे हैं. विधायक रमाकांत भार्गव ने बताया है कि जहां पर आदिवासी पहले खेती कर रहे थे. अब दोबारा से वहीं पर खेती करेंगे. इसके अलावा उनको दोबारा से बसाने का प्लान भी बनाया जा रहा है.
आदिवासियों का पैदल मार्च हुआ खत्म
मध्य प्रदेश की राजनीति उस समय गरमा गई, जब सीहोर में आदिवासियों के घर गिरा दिए गए. इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गुस्सा भी देखने को मिला था. बाद में आदिवासी धरने पर बैठ गए और फिर सीहोर से भोपाल के लिए पैदल मार्च भी निकाला. जबकि आदिवासी बीजेपी का कोर वोट बैंक माने जाते हैं. ऐसे में उनका बीजेपी सरकार के खिलाफ मार्च निकालना बड़े सवाल खड़े कर रहा था. बाद में शिवराज और सीएम मोहन यादव के बीच बातचीत भी हुई थी. अब पता चला है कि आदिवासियों की सभी जायज मांगें मान ली गई हैं. इस बात की जानकारी बुधनी से भाजपा विधायक रमाकांत भार्गव ने दी है.
बीजेपी विधायक ने दोबारा खेती करने की कही बात
बीजेपी विधायक रमाकांत भार्गव ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ आदिवासियों के प्रतिनिधिमंडल की पॉजिटिव चर्चा हुई है. सीएम ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है. इसके अलावा जो परिवार जिन जमीनों पर खेती कर रहे थे. उनके भी वहां खेती जारी रखने की बात कही गई है. विधायक की तरफ से यह भी बताया गया है कि जिन आदिवासियों के घर गिराए गए हैं. उन्हें दोबारा बसाने की बहस की जाएगी. प्लॉट बनाकर पक्के मकान देने का प्रोसेस शुरू किया जाएगा.
आदिवासियों ने पदयात्रा की स्थगित
विधायक रमाकांत भार्गव ने बताया है कि सभी की सहमति से यह फैसला लिया गया है कि अब पदयात्रा स्थगित की जाएगी. इसके अलावा प्रशासन द्वारा सभी के लौटने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है, जिससे सभी लोग सुरक्षित अपने घरों को लौटेंगे.
शिवराज सिंह चौहान को आया था गुस्सा
सीहोर के कोसमी गांव में वन विकास निगम द्वारा अतिक्रमण को हटाते हुए बड़ी कार्रवाई की गई. इसमें कुल 12 आदिवासियों के घर गिरा दिए गए. इसके अलावा खड़ी फसलों को नष्ट कर दिया गया. वहीं एक कुएं को मिट्टी से भर दिया गया. इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मौके पर पहुंचे और उन्होंने अधिकारियों पर अपना गुस्सा निकाला था. तब उन्होंने कार्रवाई करने को नरपिशाच तक कहा था. बाद में वह आदिवासियों के साथ धरने पर भी बैठ गए थे.
इस धरना प्रदर्शन के बाद भोपाल संभाग के कमिश्नर कर्मवीर शर्मा और सीहोर कलेक्टर बालागुरू के. मौके पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया था. इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए भोपाल संभाग के कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने कहा कि इफेक्टिव एरिया को भी देखा गया है. मौजूद परिवार वालों से भी चर्चा की गई है. सभी तथ्यों को देखा जा रहा है उसके आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है.