यमुना एक्सप्रेस-वे पर काल बने बंदर, आगरा से ग्रेटर नोएडा तक खतरा, टोल छोड़ भाग रहे कर्मचारी

यमुना एक्सप्रेस-वे पर काल बने बंदर, आगरा से ग्रेटर नोएडा तक खतरा, टोल छोड़ भाग रहे कर्मचारी


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Yamuna Expressway Monkey Terror: उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेस-वे है. यह एक्सप्रेस-वे ग्रेटर नोएडा से लेकर आगरा तक जाता है. मगर इस वक्त इस एक्सप्रेस-वे पर बंदरों का तांडव है और काल बनकर दौड़ रहे हैं. कई टोलकर्मी घायल हो चुके हैं जिस कारण टोल भी कर्मचारी छोड़कर भाग रहे हैं.

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यमुना एक्सप्रेस-वे पर ढाई महीने से बंदर मचाए आतंक.

ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेस-वे पर अगर आप भी कार से सफर करते हैं तो सावधान रहने की जरूरत है. ग्रेटर नोएडा से आगरा तक का सफर आसान बनाने वाले इस एक्सप्रेस-वे पर अब बंदरों का आतंक है. बंदर इस एक्सप्रेस-वे पर अचानक झुंड में आते हैं और टोलकर्मियों से लेकर सफर करने वालों पर अचानक हमला कर देते हैं. आइए जानते हैं आखिर अचानक यह बंदर एक्सप्रेस-वे कैसे पहुंचे क्या है कहानी.

यमुना एक्सप्रेस-वे करीब 165 किलोमीटर लंबा है. इस एक्सप्रेस-वे से दिल्ली-NCR से मथुरा और आगरा जाना काफी आसान है और सफर कुछ ही घंटों में पूरा हो जाता है. इस एक्सप्रेस-वे पर वाहन तेज रफ्तार से चलते हैं, मगर सोचिए सामने कोई अचानक जानवर आ जाए तो बढ़ा हादसा हो सकता है. अब ऐसे में एक्सप्रेस-वे पर बंदरों का होना इस खतरे को कभी भी न्यौता दे सकता है. अगर कोई जानवर सड़क पर आ जाता है तो वाहन चालक को अचानक ब्रेक लगाना पड़ सकता है या वाहन मोड़ना पड़ सकता है.

छह महीने पहले बंदरों को छोड़ने का मामला
बताया जा रहा है कि करीब छह महीने पहले किसी अज्ञात वाहन से बंदरों को यहां छोड़ा गया था. वहीं टोल अथॉरिटी ने बीते 25 जुलाई को वन प्राणी प्रबंधक से शिकायत की. साथ बंदरों को जल्द से जल्द पकड़ने को लेकर मदद मांगी. मगर इसके बावजूद भी लोगों की सुरक्षा को जरूरी नहीं समझा गया और न ही बंदरों को पकड़ने का कोई कदम उठाया गया. जिस कारण एक्सप्रेस-वे पर हालात यह बने हुए है कि बंदरों को देखते ही टोल पर बैठे कर्मचारी काम छोड़कर भाग खड़े होते हैं.

दर्जनभर से ज्यादा बार बंदर कर चुके हमले
हिंदूस्तान न्यूज के मुताबिक, इस पूरे मामले को लेकर टोल इंचार्ज तुलसीराम गुर्जर ने नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि ढाई महीने से ज्यादा समय हो गया है और इस बीच बंदरों का झुंड बार-बार आता है और अब तक 13, 14 बार से ज्यादा बार लोगों पर हमला कर चुका है. ऐसे में अब तक टोल के कई कर्मचारी घायल हो चुके हैं. फील्ड हॉस्टल के बाहर भी बंदरों का झुंड घूमता रहता है. इसी कारण से स्टाफ ड्यूटी के लिए बाहर नहीं निकलता है.



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